मधुमेह के कुछ रोगियों की चिकित्सा इंसलिन का इंजेक्शन देकर क्यों की जाती है ?
उत्तर⇒ यह अति आवश्यक है कि हॉर्मोन का स्रावण परिशुद्ध मात्रा में हो। इसके लिए एक सही क्रियाविधि की आवश्यकता होती है जिससे यह कार्य संपन्न हो। स्रावित होने वाले हॉर्मोन का समय और मात्रा का नियंत्रण पुनर्भरण क्रियाविधि (leedback mechanism) द्वारा किया जाता है। इसलिए इससे रुधिर में शर्करा स्तर बढ़ जाता है तो इसे अग्न्याशय (pancreas) की कोशिका संसूचित कर लेती है तथा इसकी अनुक्रिया में अधिक इंसुलिन नावित करती है। जब रुधिर में शर्करा स्तर कम हो जाता है तो इंसुलिन का स्रवण कम हो जाता है। अग्न्याशय (pancreas) की कोशिकाएँ-लैंगरहैंस द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) के हॉर्मोन रक्त में ग्लूकोज की उचित मात्रा को जब नहीं नियंत्रित कर पाते तब मधुमेह नामक रोग हो जाता है। इसीलिए रक्त में ग्लूकोज की उचित मात्रा हेतु कुछ रोगियों को मधुमेह में इंसुलिन का इंजेक्शन देकर चिकित्सा की जाती है।
