वैश्विक ज्ञान के निर्माण की प्रक्रिया को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए ।

वैश्विक ज्ञान के निर्माण की प्रक्रिया को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए । उत्तर – वैश्विक ज्ञान के निर्माण की प्रक्रिया — वैश्विक ज्ञान सार्वभौमिक ज्ञान का आधार है इसलिए इसका प्रयोग प्रत्येक परिस्थिति में किया जा सकता है। इसकी विश्वसनीयता स्थानीय ज्ञान की तुलना में अधिक होती है। इसके निर्माण प्रक्रिया पाँच चरणों में सम्पन्न … Read more

आधुनिक ज्ञान का स्थानीय ज्ञान पर प्रभाव बताइये ।

आधुनिक ज्ञान का स्थानीय ज्ञान पर प्रभाव बताइये ।  उत्तर–आधुनिक ज्ञान का स्थानीय ज्ञान पर प्रभाव– आधुनिक ज्ञान के परिणामस्वरूप, कई स्थानीय ज्ञान लुप्तप्राय हो रहे हैं। आधुनिक शोधों, अन्वेषणों एवं आविष्कारों के कारण कई स्थानीय ज्ञान अपना अस्तित्व खो रहे हैं। आधुनिक ज्ञान का तकनीकी प्रगति, स्थानीय ज्ञान के स्वरूप व महत्त्व पर निम्नलिखित … Read more

विद्यालय में प्रदत्त किए जाने वाले ज्ञान की विशेषताएँ लिखिये ।

विद्यालय में प्रदत्त किए जाने वाले ज्ञान की विशेषताएँ लिखिये ।  उत्तर- विद्यालय में प्रदत्त ज्ञान की विशेषताएँ निम्न हैं (1) ज्ञान व्यक्ति के अवकाश के समय का सदुपयोग करता है। (2) विज्ञान की सम्पूर्ण खोज ज्ञान का ही परिणाम है। इसी से मनुष्य प्रकृति व तकनीकी पर नियंत्रण पा सकता है। (3)ज्ञान से छात्र … Read more

ज्ञान और समझ (बोध) में क्या सम्बन्ध है ?

ज्ञान और समझ (बोध) में क्या सम्बन्ध है ? उत्तर—ज्ञान व बोध (समझ) में सम्बन्ध — ज्ञान वह माध्यम है जिसमें किसी तथ्य, वस्तु एवं अवधारणा को उसी रूप में समझा जा सकता है जिस रूप में वह है इसका आशय ‘जानने’ से है। समझ या बोध प्राप्त ज्ञान की प्रति लचीले ढंग से प्रदर्शन … Read more

विश्वास की अवधारणा स्पष्ट कीजिये।

विश्वास की अवधारणा स्पष्ट कीजिये। अथवा विश्वास की अवधारणा की व्याख्या कीजिय| उत्तर – विश्वास की अवधारणा इस प्रकार है-विश्वास को Encyclopaedia of Religion and Ethics में इस प्रकार परिभाषित किया गया है—“विश्वास आश्वासन तथा दृढ़ धारणा की मानसिक स्थिति है। यह अपनी आंतरिक अनुभूतियों के प्रति मन की वह मनोवृत्ति है, जिसमें वह अपने … Read more

सूचना की आवश्यकता एवं महत्त्व को समझाइये।

सूचना की आवश्यकता एवं महत्त्व को समझाइये। उत्तर- सूचनाओं की आवश्यकता एवं महत्त्व निम्नलिखित रूप से स्पष्ट किया जा सकता है— (1) किसी विषय में सूचना प्राप्त करने के पश्चात् ही उस विषय से सम्बन्धित समस्याओं आदि के विषय में कार्य किया जा (2) किसी भी विषय के सम्बन्ध में निर्णय लेने में भी सूचनाएँ … Read more

अनुभवजन्य ज्ञान और प्रकाशित ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए ।

अनुभवजन्य ज्ञान और प्रकाशित ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए । उत्तर- अनुभवजन्य ज्ञान एवं प्रकाशित ज्ञान में निम्न अन्तर है— अनुभवजन्य ज्ञान (1) अनुभवजन्य ज्ञान में विश्वास निहित होता है। (2) अनुभवजन्य ज्ञान भौतिक इंद्रियों द्वारा प्राप्त किया जाने वाला ज्ञान है। (3) यह ज्ञान स्वीकार करता है कि अप्रत्यक्ष अनुभव भी वैध तथा वस्तुनिष्ठ … Read more

कारण ज्ञान और विश्वास ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

कारण ज्ञान और विश्वास ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए। उत्तर–कारण ज्ञान और विश्वास ज्ञान में अन्तर निम्न प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है— कारण ज्ञान (1) कारण के अनेक आधार होते हैं (2) कारण में ज्ञान का होना आवश्यक नहीं है । (3) कारण का उदय किसी घटना के साथ होता है। (4) कारण में … Read more

शिक्षण व प्रशिक्षण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

शिक्षण व प्रशिक्षण में अन्तर स्पष्ट कीजिए। उत्तर – शिक्षण व प्रशिक्षण में अन्तर निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है— शिक्षण (1) शिक्षा का उद्देश्य बालक के व्यक्तित्व के तीनों पक्षों का सर्वांगीण विकास करना है। (2) शिक्षण का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक प्र व विस्तृत है। (3) शिक्षण आजीवन चलने वाली प्र प्रक्रिया … Read more

शिक्षा व समाज में सम्बन्ध की व्याख्या कीजिये।

शिक्षा व समाज में सम्बन्ध की व्याख्या कीजिये। उत्तर–शिक्षा व समाज में सम्बन्ध शिक्षा व्यवस्था का सीधा सम्बन्ध समाज के उद्देश्यों, मूल्यों व संस्कृति से होता है। जैसे-जैसे समाज की आवश्यकता व स्वरूप में परिवर्तन होता है वैसे-वैसे शिक्षा में भी परिवर्तन आवश्यक हो जाता है। शिक्षा का प्रमुख स्रोत विद्यालय है । यह समाज … Read more