ज्ञान के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

ज्ञान के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। उत्तर- ज्ञान का महत्त्व – मनुष्य जीवन में ज्ञान का विशेष महत्त्व है। ज्ञानहीन मनुष्य पशु तुल्य है। ज्ञानवान मनुष्य संकट का सामना बुद्धि, विवेक से करता है। भारतीय दर्शन ने ज्ञान को मानव जीवन का सार कहा है। ज्ञानी मनुष्य स्वयं का तथा दूसरों का कल्याण करता है, … Read more

वैज्ञानिक ज्ञान एवं धार्मिक ज्ञान में निहित अन्तः सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिए |

वैज्ञानिक ज्ञान एवं धार्मिक ज्ञान में निहित अन्तः सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिए | उत्तर – वैज्ञानिक ज्ञान एवं धार्मिक ज्ञान के मध्य अन्तः सम्बन्ध (Interrelation between Scientific Knowledge and Religious Knowledge) — धर्म एवं विज्ञान के मध्य विवाद बहुत ही पुराना है जिसने विद्वानों को दो गुटों में विभक्त कर दिया है। इन सबके बावजूद … Read more

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए—

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए— (अ) स्वनिर्माण में मीडिया की भूमिका, (ब) अक्षमता, (स) आकांक्षाओं की प्रकृति ।  उत्तर- (अ) स्वनिर्माण में मीडिया की भूमिका–वर्तमान युग संचार का युग है। संचार वह व्यवस्था या प्रक्रिया है, जिससे आदेश, सूचनाएँ, विचार, प्रश्न, स्पष्टीकरण आदि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाए जाते … Read more

पूर्वाग्रह निर्माण के लिए उत्तरदायी कारकों का वर्णन कीजिए।

पूर्वाग्रह निर्माण के लिए उत्तरदायी कारकों का वर्णन कीजिए। उत्तर-पूर्वाग्रह निर्माण के लिए उत्तरदायी कारक–पूर्वाग्रह निर्माण के लिए उत्तरदायी कारक निम्नलिखित हैं– पूर्वाग्रह निर्माण के ऐतिहासिक कारक–ऐतिहासिक कारक में पूर्वाग्रह के कारण बहुत पहले से चली आ रही विशेष प्रकार की मनोवृत्तियाँ होती हैं। इस प्रकार की मनोवृत्तियों का कारण मनुष्यों के परस्पर बिगड़ते सम्बन्ध, … Read more

संवेग के प्रकारों को वर्गीकृत कीजिए। संवेगात्मक विकास में एक विद्यालय की क्या भूमिका होती है ?

संवेग के प्रकारों को वर्गीकृत कीजिए। संवेगात्मक विकास में एक विद्यालय की क्या भूमिका होती है ?  उत्तर – संवेग ( भावनाओं) के प्रकार-संवेग (भावनाओं) के सा प्रकार को निम्नलिखित रूप से वर्गीकृत किया जा सकता है— (1) संज्ञानात्मक भावनाएँ- प्रत्येक मनुष्य में प्रत्येक क्षण कुछ न कुछ भावनाएँ जन्म लेती रहती हैं। अगर ये … Read more

जागरूकता एवं आत्म-सम्मान से आप क्या समझते हैं ? सकारात्मक आत्म-सम्मान में वृद्धि के लिए किन-किन घटकों को ध्यान रखना चाहिए ?

जागरूकता एवं आत्म-सम्मान से आप क्या समझते हैं ? सकारात्मक आत्म-सम्मान में वृद्धि के लिए किन-किन घटकों को ध्यान रखना चाहिए ? उत्तर–आत्मसम्मान से तात्पर्य—आत्म विकास के लिए व्यक्ति, शिक्षक या दोनों में आत्मसम्मान की प्रवृत्ति होनी आवश्यक है। आत्मसम्मान के बिना एक शिक्षक अपने आपको उठाने में असमर्थ होता है। आत्मसम्मान एक मानसिक एवं … Read more

स्व को समझने को युक्तियों व तकनीक का वर्णन कीजिए ।

स्व को समझने को युक्तियों व तकनीक का वर्णन कीजिए । उत्तर – स्व को समझने की युक्ति एवं तकनीकें–वर्तमान में आत्म बोध अथवा स्वयं को समझने हेतु वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर बल दिया जा रहा है, जिसके लिए विभिन्न युक्तियों तथा तकनीकों को आधार बना कर आत्मबोध को पूर्णरूप से विकसित किया जा सके। आत्मबोध … Read more

रूढ़िवादिता के सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए। कक्षाकक्ष में आप धार्मिक रूढ़िवादिता की चुनौती को कैसे दूर कर सकते हैं ?

रूढ़िवादिता के सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिए। कक्षाकक्ष में आप धार्मिक रूढ़िवादिता की चुनौती को कैसे दूर कर सकते हैं ? उत्तर- रूढ़िवादिता का अर्थ-रूढ़ियुक्ति का अंग्रेजी रूपान्तर ‘Stereotype’ है जिसका प्रयोग सर्वप्रथम वाल्टर लिपमैन ने अपनी पुस्तक ‘Public Opinion’ में किया जिसका शाब्दिक अर्थ है “एक तख्ती जो साँचे का कार्य करती है।” इससे तात्पर्य … Read more

‘स्वचेतन’ को विस्तारपूर्वक समझाइये ।

‘स्वचेतन’ को विस्तारपूर्वक समझाइये । उत्तर–स्वचेतन व्यक्ति के सामंजस्य और शान्ति के लिए मानसिक रूप से सम्पूर्ण होना भी आवश्यक है। मानसिक रूप से सजगता/ सम्पूर्णता वर्तमान में होने वाली आन्तरिक और बाहरी अनुभवों के लिए किसी के ध्यान में लाने की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है। सजगता/ पूर्णता को ध्यान और अन्य प्रशिक्षण के अभ्यास के … Read more

आदर्श स्व के निर्माण में विद्यालय की क्या भूमिका होती है ?

आदर्श स्व के निर्माण में विद्यालय की क्या भूमिका होती है ? उत्तर – स्व को आकार देने में विद्यालय की भूमिका–स्व को आकार देने में विद्यालय की भूमिका को निम्नलिखित तथ्यों से समझ सकते हैं– (1) शिक्षक अपने प्रभाव के द्वारा विद्यार्थियों के आत्म प्रत्यय को विकसित करने में सहायक होता है। (2) विद्यालय … Read more