सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित धातुओं का निष्कर्षण किस प्रकार किया जाता है ?

सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित धातुओं का निष्कर्षण किस प्रकार किया जाता है ? उत्तर ⇒ अभिक्रियाशीलता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित धातुएँ अत्यंत अभिक्रियाशील होती हैं। इन्हें कार्बन के साथ गर्म कर उनके यौगिकों से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। कार्बन के द्वारा सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्सियम, एलुमिनियम आदि के ऑक्साइड को अपचयन कर … Read more

बॉक्साइट अयस्क से एलुमिनियम धातु के निष्कर्षण संक्षेप में अभिक्रिया सफेत लिखें।

बॉक्साइट अयस्क से एलुमिनियम धातु के निष्कर्षण संक्षेप में अभिक्रिया सफेत लिखें। उत्तर ⇒पहले बॉक्साइट से एलुमिना का निर्माण किया जाता है। बॉक्साइट के महीन चूर्ण को गर्म सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ अभिक्रिया कराई जाती है। एलुमिनियम ऑक्साइड सोडियम एलुमिनेट बनकर घुल जाता है। AI2O3 + 2H2O + 2NaOH → 2NaAIO2 + 3H2O फिर घोल को छानकर … Read more

जस्ता के अयस्क से जस्ता निष्कर्षण करने के सिद्धांत का उल्लेख करें।

जस्ता के अयस्क से जस्ता निष्कर्षण करने के सिद्धांत का उल्लेख करें। उत्तर ⇒ आयरन, जिंक, लेड, कॉपर आदि सक्रियता श्रेणी के मध्य में पाए जाने वाले धातु हैं। प्रकृति में यह प्रायः सल्फाइड या कार्बोनेट के रूप में पायी जाती है। सल्फाइड या कार्बोनेट की तुलना में धातु को उसके ऑक्साइड के रूप में प्राप्त … Read more

विद्युत अपघटनी परिष्करण द्वारा शुद्ध ताँबा की प्राप्ति कैसे की जाती है ?

विद्युत अपघटनी परिष्करण द्वारा शुद्ध ताँबा की प्राप्ति कैसे की जाती है ? उत्तर ⇒ कॉपर, जिंक, टिन, निकेल, सिल्वर, गोल्ड आदि धातुओं का परिष्करण विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है। __एक विद्युत् अपघटनी टैंक लिया जाता है। इसके अंदर अम्लीयकृत कॉपर सल्फेट का विलयन अपघट्य के रूप में टैंक में रखा जाता है। इस प्रक्रम … Read more

सक्रियता श्रेणी क्या है ?

सक्रियता श्रेणी क्या है ? उत्तर ⇒ सक्रियता श्रेणी वह सूची है जिसमें धातुओं की क्रियाशीलता को अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। इसे सक्रियता श्रेणी कहा जाता है। नीचे धातुओं की सापेक्ष अभिक्रियाशीलताएँ दर्शायी गई हैं-

लोहा के एक प्रमुख अयस्क का नाम एवं सूत्र लिखें। इस अयस्क का सान्द्रण कैसे होता है ?

लोहा के एक प्रमुख अयस्क का नाम एवं सूत्र लिखें। इस अयस्क का सान्द्रण कैसे होता है ? उत्तर ⇒लोहे के प्रमुख अयस्क हेमेटाइट Fe 2O 3 है। लोहे के निष्कर्षण में वात्य भट्ठी में होने वाली अभिक्रियाएँ – वात्य भट्ठी में चार्ज के रूप में निस्तापित अयस्क (8 भाग), कोक (4 भाग) तथा चूने … Read more

धातुओं का संक्षारण किन-किन कारणों से होता है ?

धातुओं का संक्षारण किन-किन कारणों से होता है ? उत्तर ⇒ धातुओं का संक्षारण निम्न कारणों से होता है – (i) खुली वायु में सिल्वर की वस्तुओं को कुछ दिनों के लिए छोड़ देने पर उसकी सतह काली हो जाती है। सिल्वर का वायु में उपस्थित सल्फर के साथ अभिक्रिया कर सिल्वर सल्फाइड की परत बनने के … Read more

रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए।

(a) रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए। (b) दिये गये धातुओं की क्रियाशीलता को अवरोही क्रम से व्यवस्थित करें। (i) Zn (ii) Fe (iii) Ca (iv) Mg (v) K (vi) Na उत्तर –(a) धातु अधातु 1. धातु को वायु में गर्म करने परधातु के ऑक्साइड बनते हैं।    4Na+O2 → 2Na2O   … Read more

निम्नलिखित पदों की व्याख्या करें :

निम्नलिखित पदों की व्याख्या करें : (क) खनिज (ख) अयस्क (ग) गैंग उत्तर ⇒ (क) खनिज – भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्त्वों या यौगिकों को खनिज कहते हैं। ये प्रायः खानों से निकाले जाते हैं। (ख) अयस्क – वैसे खनिज जिनसे धातु का व्यावसायिक उत्पादन होता है, अयस्क कहलाते हैं। अयस्कों में धातु प्रचुर … Read more

आयनिक यौगिकों के गुणधर्मों को लिखें।

आयनिक यौगिकों के गुणधर्मों को लिखें। उत्तर ⇒आयनिक यौगिक के निम्नांकित गुणधर्म हैं – (i) इसका गलनांक तथा क्वथनांक उच्च होता है। (ii) इनके धन और ऋण आयनों के बीच मजबूत आकर्षण बल के कारण ये यौगिक ठोस एवं थोड़े कठोर होते हैं। (iii) ये यौगिक सामान्यतः जल में घुलनशील होते हैं। लेकिन पेट्रोल, किरोसीन आदि जैसे विलायकों … Read more