विधुत मोटर का नामांकित आरेख खींचिए। इसका सिद्धांत तथा कार्यविधि स्पष्ट कीजिए । विधुत मोटर में विभक्त वलय का क्या महत्त्व है ?

विधुत मोटर का नामांकित आरेख खींचिए। इसका सिद्धांत तथा कार्यविधि स्पष्ट कीजिए । विधुत मोटर में विभक्त वलय का क्या महत्त्व है ? अथवा, विधुत मोटर क्या है ? इसका सिद्धान्त लिखें तथा इसकी कार्य-विधि का सचित्र वर्णन करें। अथवा, विधुत मोटर का सिद्धान्त सहित वर्णन कीजिए। उत्तर ⇒ विधुत मोटर एक ऐसी घूर्णन शक्ति है जिसमें विद्युत … Read more

प्रत्यावर्ती धारा से कौन-कौन से लाभ हैं ?

प्रत्यावर्ती धारा से कौन-कौन से लाभ हैं ? उत्तर ⇒ प्रत्यावर्ती धारा से निम्नलिखित लाभ – हैं (i) ट्रॉन्सफार्मर की सहायता से इसका विधुत वाहक बल बढ़ाया या घटाया जा सकता है । इस क्रिया में विद्युत ऊर्जा का क्षय नगण्य है। यही कारण है कि बड़े-बड़े कल कारखानों में प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग होता है। डी० … Read more

प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा में क्या अन्तर है ?

प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा में क्या अन्तर है ? उत्तर ⇒ प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा में अन्तर इस प्रकार है – प्रत्यावर्ती धारा (A.C) दिष्ट धारा (D.C) 1. धारा का मान तथा दिशा समय के साथ बदल जाते हैं। 1. केवल दिष्ट धारा का परिमाण बदलता है । 2. इसे आसानी से उत्पन्न किया … Read more

स्थायी चुंबक और विधुत चुंबक में अंतर बतावें ।

स्थायी चुंबक और विधुत चुंबक में अंतर बतावें । उत्तर ⇒ स्थायी चुंबक और विद्युत चुंबक में निम्नांकित अंतर हैं : स्थायी चुंबक विधुत चुंबक 1. स्थायी चुंबकीय गुण प्राप्त करता | 1. जब तक धारा बहती है तभी तक यह चुंबक है 2. ध्रुव निश्चित रहता है। 2. धारा की दिशा को बदलने पर ध्रुव … Read more

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या होती हैं ?

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या होती हैं ? उत्तर ⇒ चुंबकीय क्षेत्र में वे रेखाएँ जिनके अनुदिश लौह चूर्ण स्वयं सरेखित होते हैं, चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण करती है। चुंबकीय क्षेत्र एक ऐसी राशि है जिसमें परिमाण तथा दिशा दोनों होते हैं। किसी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा वह मानी जाती है जिसके अनुदिश दिक् सूची का … Read more

डायनेमो क्या है ? इसके क्रिया सिद्धांत और कार्यविधि का सचित्र वर्णन करें।

डायनेमो क्या है ? इसके क्रिया सिद्धांत और कार्यविधि का सचित्र वर्णन करें। उत्तर ⇒ डायनेमो ऐसी युक्ति है जिसके द्वारा यांत्रिक ऊर्जा को विद्यत-ऊर्जा में बदला जाता है। इसकी क्रिया विद्युत-चुंबकीय-प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें तार की एक कुण्डली ABCD होती है, जो एक प्रबल नाल-चुंबक के ध्रुवों के बीच क्षैतिज अक्ष पर … Read more

विधुत परिपथ में काम करते समय कौन-सी सावधानियाँ बरती जाती हैं ?

विधुत परिपथ में काम करते समय कौन-सी सावधानियाँ बरती जाती हैं ? उत्तर ⇒ विधुत परिपथ में काम करते समय निम्नांकित सावधानियाँ बरतनी चाहिए (i) विधुत परिपथ में काम करते समय हाथ में दस्ताना, पैर में जूता और बदन ढका होना चाहिए। (ii) वैसे युक्तिओं का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें अचालक पदार्थ का मूठ लगा हो। (iii) अधिक शक्ति … Read more

घरेलू विधुत परिपथों में से एक परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचें।

घरेलू विधुत परिपथों में से एक परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचें। उत्तर ⇒ घरेलू वायरिंग में तीन तार-जीवित तार (लाल रंग का), उदासीन तार (काले रंग का) तथा भूसंपर्क तार (हरे रंग का) लगे होते हैं। प्रत्यावर्ती धारा जीवित तार से प्रवाहित होती हुई उदासीन तार से लौटती हुई मानी जाती है। भूसंपर्क तार जमीन के … Read more

विधुत चुंबकीय प्रेरण की परिघटना को समझावें ।

विधुत चुंबकीय प्रेरण की परिघटना को समझावें । उत्तर ⇒ चित्र में AB एक कुंडली दिखाया गया है। B सिरे से एक चुंबक के N ध्रुव को तेजी से कुंडली में घुसाया जाता है तो गैलवेनोमीटर के सूई में विक्षेप उत्पन्न होता है। अगर चुम्बक को झटके से कुंडली के गर्भ से बाहर निकाला जाता है … Read more

S.I. मात्रक के साथ विद्युत धारा, विभवान्तर और प्रतिरोध को परिभाषित करें, और इनमें संबंध नियम की व्याख्या के साथ स्थापित करें।

S.I. मात्रक के साथ विद्युत धारा, विभवान्तर और प्रतिरोध को परिभाषित करें, और इनमें संबंध नियम की व्याख्या के साथ स्थापित करें। उत्तर ⇒ विद्युत धारा – विद्युत धारा का S.I. मात्रक एम्पियर है । किसी चालक के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल से प्रति सेकेण्ड होने वाली आवेश की मात्रा एक कूलॉम हो तो विद्युत धारा 1 … Read more