मनुष्य की आँख का चित्र बनाकर उसकी रचना व कार्यविधि का वर्णन कीजिए।

मनुष्य की आँख का चित्र बनाकर उसकी रचना व कार्यविधि का वर्णन कीजिए। उत्तर⇒ नेत्र के निम्नलिखित भाग होते हैं- (i) दढ पटल मनुष्य का नेत्र लगभग एक खोखले गोले के समान होता है जो बाहर से एक दृढ़ और अपारदर्शी श्वेत पत से ढंका रहता है जिसे दृढ़ पटल कहते हैं। इसके द्वारा नेत्र की … Read more

सूर्योदय के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है ?

सूर्योदय के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है ? उत्तर⇒ क्षितिज के समीप स्थित सूर्य से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों तक पहुँचने से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में वायु की मोटी परतों से होकर गुजरता है। तथापि, जब सूर्य सिर से ठीक ऊपर (ऊर्ध्वस्थ) हो तो सूर्य से आने वाला प्रकाश, चित्र :- सूर्योदय … Read more

तारे क्यों टिमटिमाते हैं ?

तारे क्यों टिमटिमाते हैं ? उत्तर⇒तारों के प्रकाश के वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण ही तारे टिमटिमाते प्रतीत होते हैं। पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करने के पश्चात् पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने तक तारे का प्रकाश निरन्तर ‘अपवर्तित होता रहता है। वायुमंडलीय अपवर्तन उसी माध्यम में होता है जिसका क्रमिक परिवर्ती अपवर्तनांक हो । क्योंकि वायुमण्डल … Read more

प्रकाश का वर्ण विक्षेपण से आप क्या समझते हैं? इन्द्रधनुष की व्याख्या करें।

प्रकाश का वर्ण विक्षेपण से आप क्या समझते हैं? इन्द्रधनुष की व्याख्या करें। उत्तर⇒जब श्वेत प्रकाश को किसी प्रिज्म से होकर गुजारा जाता है तो यह सात रंगों में विभक्त हो जाता है। इसे वर्ण विक्षेपण कहा जाता है। ये सात रंग “बैनीआहपीनाला” से सचित होते हैं। वर्ण विक्षेपण जब आकाश में पानी के लटके … Read more

स्वच्छ आकाश का रंग नीला क्यों होता है ?

स्वच्छ आकाश का रंग नीला क्यों होता है ? उत्तर⇒ वायुमंडल में वायु के अणु तथा अन्य सूक्ष्म कणों का साइज दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्घ्य के प्रकाश की अपेक्षा नीले वर्ण की ओर के कम तरंगदैर्घ्य को प्रकीर्णित करने में अधिक प्रभावी है। लाल वर्ण के प्रकाश की तरंगदैर्घ्य नीले प्रकाश की अपेक्षा लगभग 1.8 … Read more

अग्रिम सूर्योदय तथा विलंबित सूर्यास्त से क्या समझते हैं ?

अग्रिम सूर्योदय तथा विलंबित सूर्यास्त से क्या समझते हैं ? उत्तर⇒ वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य हमें वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पूर्व दिखाई देने लगता है का वास्तविक सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट पश्चात् तक दिखाई देता रहता है। वास्तविक सूर्योदय से अर्थ है, सूर्य द्वारा वास्तव में क्षितिज को पार करना। सूर्य की … Read more

पानी के अंदर आधी डूबी हुई पेन्सिल या काँच की छड़ टेढ़ी । मालूम पड़ती है। स्वच्छ चित्र द्वारा समझावें।

पानी के अंदर आधी डूबी हुई पेन्सिल या काँच की छड़ टेढ़ी । मालूम पड़ती है। स्वच्छ चित्र द्वारा समझावें। उत्तर⇒ पानी में अंशतः डूबी हई पेन्सिल अथवा काँच की छड़ टेढ़ी प्रतात हाता है। यह परिघटना प्रकाश किरणों के अपवर्तन के कारण होता है। प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम की ओर चलती हैं और यह अभिलंब से दूर हट जाती है। दर्शक P बिंदु की स्थिति P‘ पर देखना है। अत: पेन्सिल के नीचे का छोर थोड़ा ऊपर उठा हुआ तथा पेंसिल अपवर्तक सतह पर थोड़ा टेढ़ा दीखता है। 

पानी में रखा सिक्का उठा हुआ मालूम पड़ता है। क्यों ?

पानी में रखा सिक्का उठा हुआ मालूम पड़ता है। क्यों ? उत्तर⇒ पानी के अन्दर रखा हुआ सिक्का कुछ ऊपर उठा हुआ मालूम पड़ता है। यह परिघटना प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है। पानी के अंदर बरतन में सिवका की स्थिति P पर है। PA और PB दो आपतित किरणें निकलती हैं। A और B से ये किरणें ज्योंहि वाय माध्यम में अपवर्तित होती है वे अभिलंब से दूर हट जाती हैं। क्योंकि पानी, वायु की अपेक्षा सधन माध्यम है। ये दोनों झुकी किरणें आँख पर P बिंद का आभासी प्रतिबिंब p‘ पर देखता है। ऐसा प्रतीत होता है कि पानी में सिक्का की वास्तविक स्थिति p‘ पर है लेकिन p‘ पर सिक्का का आभासी स्थिति है जो P से ऊपर है। अतः पानी में रखा गया सिक्का देखने पर कुछ उठा हुआ मालूम पड़ता है।

किरण-आरेख से दिखावें कि पानी की गहराई किसी बाल्टी में वास्तविक गहराई से कम है।

किरण-आरेख से दिखावें कि पानी की गहराई किसी बाल्टी में वास्तविक गहराई से कम है। उत्तर⇒ बाल्टी में पानी लिया जाता है। पेंदे के किसी बिंदु P से निकलने वाले किरण PB और PC क्रमशः वायु में निकलने पर अभिलंब से दूर विचलित हो जाता है। दर्शक प्रकाश की किरणों को P‘ से निकलते हुए देखता है और बाल्टी का पेंदा उठा मालम पड़ता है। यह घटना अपवर्तन के कारण होता है। अतः पानी से भरी बाल्टी की मल–गहराई कम प्रतीत होती है, जिसे बाल्टी को आभासी गहराई के रूप में देख पाते हैं।