शुक्राणु का निर्माण कहाँ तथा कैसे होता है ?
शुक्राणु का निर्माण कहाँ तथा कैसे होता है ? उत्तर ⇒ शुक्राणु का निर्माण वृषण (testes) में होता है। यह लगातार कोशिका विभाजन के कारण होता है। संतति कोशिका धीरे-धीरे शुक्राणु में बदल जाती है।
शुक्राणु का निर्माण कहाँ तथा कैसे होता है ? उत्तर ⇒ शुक्राणु का निर्माण वृषण (testes) में होता है। यह लगातार कोशिका विभाजन के कारण होता है। संतति कोशिका धीरे-धीरे शुक्राणु में बदल जाती है।
मासिक चक्र कब और क्यों होता है ? उत्तर ⇒ जब परिपक्व अंडाणु, शुक्राणु से संयोजन नहीं कर पाता है, तो टूट जाता है, जिसके साथ आंतरिक दीवार एवं अन्य उत्सर्जी पदार्थ बाहर निकलते हैं, इसे मासिक चक्र कहते हैं। यह 28 दिनों के अंतराल पर होता है।
बहुखंडन किसे कहते हैं ? उत्तर ⇒ एक कोशिकीय जीवों में कोशिका विभाजन द्वारा नए जीव की उत्पत्ति होती है इसमें कोशिका अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाते हैं । जैसे मलेरिया परजीवी, प्लैज्मोडियम ।
पौधों में लैंगिक जनन के लिए कौन-सा भाग उत्तरदायी है ? समझाएँ। उत्तर ⇒ पौधों में लैंगिक जनन के लिए पुष्प उत्तरदायी होता है । पुष्प के चार भाग होते हैं, जिसमें नर जनन अंग तथा मादा जनन अंग दोनों पाए जाते हैं। नर जनन अंग को पुशंग तथा मादा जनन अंग को जायांग कहते हैं।
मुकुलन क्या है ? उत्तर ⇒ मुकुलन एक प्रकार का अलैंगिक जनन है। जिसमें जीवों की उत्पति जनक के शरीर के धरातल से कलिका फूटने या प्रवर्ध निकलने के फलस्वरूप होता है। इस प्रक्रिया में जीव शरीर के किसी भाग से एक या एक से अधिक कंदरूपी उभार निकलता है। जिसे मुकुल या बड (Bud) कहते … Read more
कायिक प्रवर्धन को परिभाषित करें। यह किन पौधों में करते हैं ? उत्तर ⇒ कायिक पादप शरीर का कोई भी कायिक या वर्षी भाग (जैसे—जड़, तना, पत्ती) विलग और परिवर्द्धित होकर नए पौधों का निर्माण करते हैं, कायिक प्रवर्धन कहलाता है। कायिक प्रवर्धन मुख्यतः गुलाब, आलू, ब्रायोफाइलम आदि में किया जाता है।
एकलिंगी (Asexual) तथा द्विलिंगी (Bisexual) की परिभाषा एक-एक उदाहरण देकर कीजिए। उत्तर ⇒ एकलिंगी –वे जीव जिनमें नर और मादा स्पष्ट रूप से अलग-अलग हों उन्हें एकलिंगी जीव कहते हैं। उदाहरण—मनुष्य। द्विलिंगी-वे जीव जिनमें नर और मादा लिंग एक साथ उपस्थित होते हैं उन्हें द्विलिंगी कहते हैं। उदाहरण केंचुआ।
लैंगिक जनन संचारित रोगों के बारे में लिखें। उत्तर ⇒ लैंगिक जनन संचारित रोग (sexually transmitted disease, STD) यौन संबंध से होनेवाले संक्रामक रोग को कहा जाता है । यह रोग कई तरह के रोगाणुओं, जैसे—बैक्टीरिया, वाइरस, परजीवी प्रोटोजोआ, यीस्ट जैसे सूक्ष्मजीवों द्वारा होते हैं । मनुष्य में होनेवाले ऐसे प्रमुख रोग निम्नलिखित हैं – बैक्टीरिया … Read more
परागण क्रिया निषेचन क्रिया से किस प्रकार भिन्न है ? उत्तर ⇒ परागकणों के परागकोश से निकलकर उसी पुष्प या उस जाति के दूसरे पुष्पों के वर्तिकान तक पहुँचने की क्रिया को परागण कहते हैं। निषेचन के अंतर्गत परागकणों के वर्तिकान तक पहुँचने के बाद निषेचन की क्रिया होती है। नर युग्मक और मादा युग्मक के … Read more
डी०एन०ए० की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए क्यों आवश्यक है ? उत्तर ⇒ एक पीढी से दूसरी पीढी में आनवंशिक गणों का वाहक क्रोमोसोम होता है, जो D.N.A. से बना होता है। अतः इसकी प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक है।