मंदाकिनीवर्णनम् से हमें क्या संदेश मिलता है ?

मंदाकिनीवर्णनम् से हमें क्या संदेश मिलता है ? उत्तर ⇒ मंदाकिनीवर्णनम् महर्षि वाल्मिकी-कृत रामायण के अयोध्याकांड के 95 सर्ग से संकलित है। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि प्रकृति हमारे चित्त को हर लेती है तथा इससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है। प्रकृति की शुद्धता के प्रति हमें हमेशा ध्यान देना चाहिए। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो … Read more

मन्दाकिनी-वर्णनम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

मन्दाकिनी-वर्णनम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर ⇒ वाल्मीकीय रामायण के अयोध्याकाण्ड की सर्ग संख्या-95 से संकलित इस पाठ में चित्रकूट के निकट बहने वाली मन्दाकिनी नामक छोटी नदी का वर्णन है। इस पाठ में आदिकवि वाल्मीकि को काव्यशैली तथा वर्णनक्षमता अभिव्यक्त हुई है। श्री राम सीता को मन्दाकिनी का वर्णन सुनाते हैं । … Read more

मंदाकिनी का वर्णन करने में ‘राम’ सीता को किन-किन रूपों में संबोधित करते हैं ?

मंदाकिनी का वर्णन करने में ‘राम’ सीता को किन-किन रूपों में संबोधित करते हैं ? उत्तर ⇒ परमपावनी गंगा’ अनायास मन को आकर्षित करनेवाली है। निर्मल जल, रंग-बिरंगी छटा, ऊँची कछारें आदि राम को आह्लादित करती रहती हैं। इसकी शोभा से वशीभूत ‘राम’ सीता को इसकी सुन्दरता का निरीक्षण करने के लिए अपने भाव प्रकट करते … Read more

मंदाकिनी की शोभा का वर्णन किस रूप में किया गया है ?

मंदाकिनी की शोभा का वर्णन किस रूप में किया गया है ? उत्तर ⇒ वनवास काल में जब राम सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट जाते हैं तब मंदाकिनी की प्राकृतिक सुषमा से प्रभावित हो जाते हैं। वे सीता से कहते हैं कि यह नदी प्राकृतिक उपादानों से संवलित चित्त को आकर्षित कर रही है। रंग-बिरंगी … Read more

वैदिक धर्म के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने क्या किया ?

वैदिक धर्म के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने क्या किया ? उत्तर⇒ वैदिक धर्म और सत्य के प्रचार के लिए स्वामी दयानन्द ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया । वेदों के प्रति सभी अनुयायियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने वेदों के उपदेशों को संस्कृत एवं हिंदी में लिखा । हमसे जुड़ें, हमें … Read more

स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए क्या किया ?

स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए क्या किया ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द ने समाज के उद्धार के लिए स्त्री शिक्षा पर बल दिया और विधवा विवाह हेतु समाज को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बाल विवाह समाप्त करवाने, मूर्तिपूजा का विरोध और छुआछूत समाप्त कराने का प्रयत्न किया। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more

आर्यसमाज की स्थापना किसने की और कब की? आर्य समाज के बारे में लिखें।

आर्यसमाज की स्थापना किसने की और कब की? आर्य समाज के बारे में लिखें। उत्तर⇒ आर्यसमाज की स्थापना स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1885 में मुंबई नगर में की । आर्यसमाज वैदिक धर्म और सत्य के प्रचार पर बल देता है । यह संस्था मूर्तिपूजा का विरोध करती है। आर्यसमाज में नवीन शिक्षा पद्धति को अपनाया । … Read more

स्वामी दयानन्द मूर्तिपूजा के विरोधी कैसे बने ?

स्वामी दयानन्द मूर्तिपूजा के विरोधी कैसे बने ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द के माता-पिता भगवान शिव के उपासक थे । महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती की पूजा इनके परिवार में विशेष रूप में मनाई जाती थी। एक बार महाशिवरात्रि के दिन इन्होंने देखा कि एक चूहा भगवान शंकर की मूर्ति के ऊपर चढ़कर उनपर चढ़ाए हुए प्रसाद को … Read more

स्वामी दयानन्द कौन थे तथा उन्होंने किस तरह के सामाजिक कार्य किए ?

स्वामी दयानन्द कौन थे तथा उन्होंने किस तरह के सामाजिक कार्य किए ? उत्तर⇒ स्वामी दयानन्द एक महान समाज-सुधारक संत थे। मध्यकाल में भारत में छुआछूत, अशिक्षा, जातिभेद, धर्म में आडम्बर आदि अनेक कुप्रथाएँ फैली हुई थीं। विधवाओं को काफी कष्ट दिया जाता था। स्वामी दयानन्द ने इन सभी कुरीतियों को दूर करने के लिए आम … Read more

स्वामी दयानन्दः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

स्वामी दयानन्दः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर⇒ उन्नीसवीं शताब्दी ईस्वी में आविर्भूत समाजसुधारकों में स्वामी दयानन्द अतीव प्रसिद्ध हैं। इन्होंने रूढ़िग्रस्त समाज और विकृत धार्मिक व्यवस्था पर कठोर प्रहार करके आर्य समाज की स्थापना की जिसकी शाखाएँ देश-विदेश में शिक्षा सुधार के लिए भी प्रयत्नशील रही हैं। शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुल पद्धति का … Read more