‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या विचार है ?

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या विचार है ? उत्तर- भारतीयसंस्कार पाठ में लेखक का विचार है कि मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण सुसंस्कार से ही होता है इसलिए विदेशी भी सुसंस्कारों के प्रति उन्मुख और जिज्ञासु है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click Here Facebook ग्रुप … Read more

’भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या संदेश है ?

’भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का क्या संदेश है ? उत्तर- ‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ में लेखक का संदेश है कि भारतीयों के व्यक्तित्व का निर्माण संस्कारों से होता है। जीवन में सही समय पर संस्कारों का अनुष्ठान होना चाहिए । विदेशी भी भारतीय संस्कारों के प्रति उन्मुख और जिज्ञासु है । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

विवाहसंस्कार का वर्णन करें।

विवाहसंस्कार का वर्णन करें। उत्तर- विवाहसंस्कार से ही लोग गृहस्थ जीवन में प्रवेश करता है। विवाह को एक पवित्र संस्कार माना गया है, जिसमें अनेक प्रकार के कर्मकाण्ड होते हैं । उनमें वाग्दान, मण्डप-निर्माण, वधू के घर में वर पक्ष का स्वागत, वर-वधू का परस्पर निरीक्षण, कन्यादान, अग्निस्थापन, पाणिग्रहण, लाजाहोम, सिन्दूरदान इत्यादि कई कर्मकांड शामिल हैं। … Read more

शिक्षासंस्कार का वर्णन करें।

शिक्षासंस्कार का वर्णन करें। उत्तर- शिक्षासंस्कारों में अक्षरारंभ, उपनयन, वेदारंभ, मुण्डनसंस्कार और समापवर्तन संस्कार आदि आते हैं। अक्षरारंभ में बच्चा अक्षर-लेखन और अंक-लेखन आरंभ करता है। उपनयनसंस्कार में गुरु के द्वारा शिष्य को अपने घर में लाना होता है। वहाँ शिष्य शिक्षा नियमों का पालन करते हुए अध्ययन करते थे । गुरु के घर में ही … Read more

संस्कार कितने प्रकार के हैं और कौन-कौन ?

संस्कार कितने प्रकार के हैं और कौन-कौन ? उत्तर- संस्कार सोलह प्रकार के हैं। इन सोलह संस्कारों को मुख्य पाँच प्रकारों में बाँटा गया है-तीन जन्म से पूर्ववाले संस्कार, छह शैशव संस्कार, पाँच शिक्षा-संबंधी संस्कार, एक विवाह के रूप में गृहस्थ संस्कार तथा एक मृत्यु के बाद अंत्येष्टि संस्कार । कुल मिलाकर सोलह संस्कार हैं। हमसे … Read more

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ के आधार पर ऋषियों की कल्पना का वर्णन करें।

‘भारतीयसंस्काराः’ पाठ के आधार पर ऋषियों की कल्पना का वर्णन करें। उत्तर- ऋषियों की कल्पना थी कि जीवन के प्रायः सभी मुख्य अवसरों पर वेदमंत्रों का पाठ, बड़े लोगों का आशीर्वाद, हवन और परिवार के सदस्यों का सम्मेलन होना चाहिए। ऐसा करने से संस्कारों का पालन होता है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more

भारतीय संस्काराः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

भारतीय संस्काराः पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर- भारतीय जीवन-दर्शन में चौल कर्म (मुंडन), उपनयन, विवाह आदि संस्कारों की प्रसिद्धि है। छात्रगण संस्कारों का अर्थ तथा उनके महत्त्व को जान सकें, इसलिए इस स्वतंत्र पाठ को रखा गया है जिससे उन्हें भारतीय संस्कृति के एक महत्त्वपूर्ण पक्ष का व्यवस्थित परिचय मिल सके । हमसे … Read more

भारतीय जीवन में संस्कार का क्या महत्व है ?

भारतीय जीवन में संस्कार का क्या महत्व है ? उत्तर- भारतीय जीवन में प्राचीन काल से ही संस्कार ने अपने महत्व को संजाये रखा हुआ है। यहाँ ऋषियों की कल्पना थी कि जीवन के सभी मुख्य अवसरों में वेदमंत्रों का पाठ, वरिष्ठों का आशीर्वाद, हवन एवं परिवार के सदस्यों का सम्मेलन होना चाहिए। संस्कार दोषों का … Read more

भारतीय संस्कार का वर्णन किस रूप में हुआ है ?

भारतीय संस्कार का वर्णन किस रूप में हुआ है ? उत्तर- भारतीय संस्कृति अनूठी है। जन्म के पूर्व संस्कार से लेकर मृत्यु के बाद अन्त्येष्टि संस्कार का अनुपम उदाहरण संसार के अन्य देशों में नहीं है। यहाँ की संस्कृति की विशेषता है कि जीवन में यहाँ समय-समय पर संस्कार मनाये जाते हैं। आज संस्कार सीमित एवं … Read more

भारतमहिमा पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है ? अथवा, ‘भारतमहिमा’ पाठ से क्या शिक्षा मिलती है ? पाँच वाक्यों में उत्तर दें।

भारतमहिमा पाठ से हमें क्या संदेश मिलता है ? अथवा, ‘भारतमहिमा’ पाठ से क्या शिक्षा मिलती है ? पाँच वाक्यों में उत्तर दें। उत्तर – भारतमहिमा पाठ से यह संदेश मिलता है कि हमें भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए। हम भारतीयों को हरि की सेवा करने का मौका मिला है, और मोक्ष की प्राप्ति का … Read more