सकारात्मकता से क्या आशय है ? सकारात्मकता का विकास किस प्रकार किया जा सकता है ? वर्णित कीजिए।

 सकारात्मकता से क्या आशय है ? सकारात्मकता का विकास किस प्रकार किया जा सकता है ? वर्णित कीजिए। उत्तर—  सकारात्मकता – स्वयं को विकसित करने के लिए सकारात्मकता का होना आवश्यक है। सकारात्मक सोच जीवन के कई क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्य तौर पर सकारात्मक सोच व्यक्ति को हमेशा खुश रखती है और … Read more

आत्म-सम्प्रत्यय को प्रभावित करने वाले कारकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

आत्म-सम्प्रत्यय को प्रभावित करने वाले कारकों का विस्तार से वर्णन कीजिए। उत्तर– आत्म-सम्प्रयय को प्रभावित करने वाले कारक–निम्न लिखित प्रकार हैं— (1) तादात्मीकरण – तादात्मीकरण का उपयोग आत्म के विकास के पर्यायवाची के रूप में किया जाता है। इस प्रकार का उपयोग त्रुटिपूर्ण है। यह और बात है कि तादात्मीकरण अनुकरण और आत्म का विकास … Read more

सचेतन किसे कहते हैं ? तालमेल एवं शान्ति किस प्रकार से सचेतन से सम्बन्धित है ?

सचेतन किसे कहते हैं ? तालमेल एवं शान्ति किस प्रकार से सचेतन से सम्बन्धित है ?  उत्तर— सचेतन / सजगता / सम्पूर्णता— व्यक्ति में सामंजस्य और शान्ति के लिए मानसिक रूप से सम्पूर्ण होना भी आवश्यक है । मानसिक रूप से सजगता/ पूर्णता वर्तमान क्षण में होने वाले आन्तरिक और बाहरी अनुभवों के लिए किसी … Read more

आत्मबोध हेतु युक्तियों एवं तकनीकों का वर्णन कीजिए ।

आत्मबोध हेतु युक्तियों एवं तकनीकों का वर्णन कीजिए ।                                         अथवा स्व को समझने के लिए आप कौन सी शैली एवं युक्तियों का उपयोग करेंगे ?. उत्तर— आत्मबोध हेतु युक्ति एवं तकनीकें – वर्तमान में आत्म … Read more

सामंजस्य को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए ।

 सामंजस्य को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए ।  उत्तर— सामंजस्य को प्रभावित करने वाले कारक–सामंजस्य या सद्भाव एक अमूर्त सम्बन्ध है जो दो व्यक्तियों, समूहों, परिवारों एवं समाज को जोड़ते हैं। यदि ये सामंजस्य या सद्भाव न हो तो समाज एक संघर्षशील समाज में बदल जाएगा। इस सद्भाव के निर्माण में बहुत से … Read more

आत्मविकास का अर्थ बताते हुए आत्मविकास किस प्रकार किया जा सकता है, सुझाव दीजिए |

आत्मविकास का अर्थ बताते हुए आत्मविकास किस प्रकार किया जा सकता है, सुझाव दीजिए |  उत्तर– आत्मविकास का अर्थ – व्यक्तिगत विकास का अर्थ केवल ऊर्ध्वगामी गति (यानि पदोन्नति) ही नहीं होता। वरन् इसका तात्पर्य अपने विद्यालय का नेतृत्व करने में, अपने कार्य प्रदर्शन का सुधार करने में अपने आपको सक्षम करना है। अतः स्वयं … Read more

आत्मबोध से क्या तात्पर्य है ?

 आत्मबोध से क्या तात्पर्य है ? उत्तर— आत्मबोध से तात्पर्य आत्मबोध अथवा स्वयं को समझने से तात्पर्य उस तथ्य से है जिसमें व्यक्ति यह समझता है कि वह कौन है ? वह क्या है ? वह क्यों है? आत्म बोध या स्वयं को समझना एक तरह का दर्पण होता है जिसमें व्यक्ति स्वयं के द्वारा … Read more

विद्यार्थी में सकारात्मक सोच के विकास में शिक्षक की भूमिका बताइये।

विद्यार्थी में सकारात्मक सोच के विकास में शिक्षक की भूमिका बताइये।  उत्तर—  विद्यार्थी में सकारात्मक सोच के विकास में शिक्षक की भूमिका – एक अध्यापक अपने विद्यार्थी के सकारात्मक सोच को बनाने के लिए निम्न आदतों का विकास करने के लिए प्रेरित कर सकता है— (1) अपने लक्ष्य प्राप्ति में चुनौतियों का सामना साहस पूर्वक … Read more

सकारात्मकता का विकास कैसे होता है ?

सकारात्मकता का विकास कैसे होता है ?                          अथवा सकारात्मकता का विकास किस प्रकार किया जाता है ? उत्तर—  सकारात्मकता का विकास– सकारात्मकता से बढ़कर कोई पुण्य नहीं और नकारात्मकता से बढ़कर कोई पाप नहीं, सकारात्मकता से बढ़कर कोई धर्म नहीं और नकारात्मकता से … Read more

सकारात्मकता क्या है ?

सकारात्मकता क्या है ? उत्तर—  सकारात्मकता स्वयं को विकसित करने के लिए सकारात्मकता का होना आवश्यक है। सकारात्मक सोच जीवन के कई क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्य तौर पर सकारात्मक सोच व्यक्ति को हमेशा खुश रखती है और सफलता की ओर ले जाती है। एक अध्यापक को अपने विद्यार्थी के अन्दर ऐसी आदतों … Read more