नागरिकों के अधिकार एवं कर्त्तव्यों को परिभाषित कीजिए । संवैधानिक मूल्य तथा शिक्षा के उद्देश्यों से इनका क्या सम्बन्ध है ?

नागरिकों के अधिकार एवं कर्त्तव्यों को परिभाषित कीजिए । संवैधानिक मूल्य तथा शिक्षा के उद्देश्यों से इनका क्या सम्बन्ध है?    उत्तर— नागरिकों के अधिकार– व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी है, अन्य व्यक्तियों के साथ जीवन-यापन करता है। समाज में ही उसके व्यक्तित्व का विकास होता है तथा वह पूर्णता को प्राप्त करता है। यदि उसे … Read more

“शिक्षा संस्कृति और ज्ञान दोनों के लिए हो ।” इस कथन की विस्तृत व्याख्या कीजिए।

“शिक्षा संस्कृति और ज्ञान दोनों के लिए हो ।” इस कथन की विस्तृत व्याख्या कीजिए। उत्तर— किसी भी देश की शिक्षा उस देश की संस्कृति पर पूरी तरह से आधारित होती है। शिक्षा की सामग्री का निर्माण संस्कृति की सामग्री से ही होता है। बिना संस्कृति के शिक्षा का कोई भी महत्त्व नहीं है। समाज … Read more

स्वतंत्रता, समानता, न्याय एवं बंधुत्व की प्रतिज्ञा की पूर्ति में शिक्षा की भूमिका स्पष्ट कीजिए ।

स्वतंत्रता, समानता, न्याय एवं बंधुत्व की प्रतिज्ञा की पूर्ति में शिक्षा की भूमिका स्पष्ट कीजिए । उत्तर— स्वतंत्रता, समानता, न्याय एवं बंधुत्व की प्रतिज्ञा की पूर्ति में शिक्षा की भूमिका— स्वतन्त्रता–व्यक्ति की मूलभूत प्रवृत्ति है कि वह स्वतन्त्र रहना चाहता है किन्तु प्रजातन्त्र में इस स्वतन्त्रता का प्रयोग विवेकसम्मत रूप में किया जाये इसके लिए … Read more

“शिक्षा राष्ट्रीय विकास का महत्त्वपूर्ण कारक है।” इस कथन की सोदाहरण विवेचना कीजिए ।

“शिक्षा राष्ट्रीय विकास का महत्त्वपूर्ण कारक है।” इस कथन की सोदाहरण विवेचना कीजिए ।                                                                         अथवा शिक्षा एवं राष्ट्रीय विकास में … Read more

भारतीय संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख कीजिए।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख कीजिए।  उत्तर— भारतीय संविधान की प्रस्तावना- प्रस्तावना किसी भी संविधान की आत्मा, कुंजी तथा मानदण्ड होती है जिसके आधार पर सम्पूर्ण संविधान का मूल्यांकन किया जाता है जो हमारे भारतीय संविधान की प्रस्तावना संविधान से जुड़ा हुआ एक श्रेष्ठ आभूषण है। यह भारत के सम्पूर्ण प्रजातान्त्रिक राज्य का संक्षिप्त … Read more

राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व कौन-कौनसे हैं ?

राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व कौन-कौनसे हैं ?  उत्तर— राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व— राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व वे सिद्धान्त या दिशा निर्देशक हैं जिनके आधार पर नियम एवं नीतियों का निर्धारण किया जाता है। इन्हें न्यायालय द्वारा बाधित नहीं किया जा सकता किन्तु ये राष्ट्र की संचालन पद्धति का मूल आधार है। राज्य … Read more

राष्ट्रीय चेतना विकास में शिक्षा की भूमिका बताइये ।

राष्ट्रीय चेतना विकास में शिक्षा की भूमिका बताइये । उत्तर— राष्ट्रीय चेतना विकास में शिक्षा की भूमिका निम्नलिखित प्रकार समझ सकते हैं— (1) प्रजातांत्रिक नागरिकता का विकास करना–प्रजातांत्रिक नागरिकता का अर्थ है- प्रजातन्त्र के योग्य नागरिक के रूप में व्यक्ति को तैयार करना। प्रजातन्त्र के योगय नागरिक से यह भी उम्मीद की जाती है कि … Read more

शिक्षा के लिए ‘ संवैधानिक प्रावधान’ से आप क्या समझते हैं ? बताइये ।

शिक्षा के लिए ‘ संवैधानिक प्रावधान’ से आप क्या समझते हैं ? बताइये ।  उत्तर—  भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है। यहाँ सभी जाति समाज तथा धर्मों को एक समान अधिकार है किन्तु राष्ट्र के सभी वर्ग अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं, जब वे शिक्षित है। इस स्थिति को समझकर भारतीय संविधान में विशेष … Read more

मौलिक अधिकार एवं दायित्व से आप क्या समझते हैं ?

मौलिक अधिकार एवं दायित्व से आप क्या समझते हैं ? उत्तर— मौलिक अधिकार– भारतीय संविधान में निहित वे अधिकार जिनके माध्यम से भारतीय नागरिकों को उनके व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास, सुखी जीवन व्यतीत करने एवं स्वयं को शोषण से बचाने की स्वतन्त्रता प्रदान की गई है, मौलिक अधिकार कहलाते हैं। भारत एक लोकतान्त्रिक देश है। … Read more

शान्ति शिक्षा में विद्यालय की क्या भूमिका होनी चाहिए ?

शान्ति शिक्षा में विद्यालय की क्या भूमिका होनी चाहिए ?  उत्तर— शान्ति शिक्षा में विद्यालय की भूमिका– शान्ति शिक्षा में निम्नलिखित प्रकार से विद्यालय अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं— (1) विद्यालय में धार्मिक उत्सवों और राष्ट्रीय दिवसों को मनाना चाहिए। (2) विद्यालय में विशेष क्लबों एवं वाचनालयों की स्थापना की जानी चाहिए। (3) मानवाधिकार … Read more