जेण्डर पहचान के सम्प्रत्यय की समझाइये ।

जेण्डर पहचान के सम्प्रत्यय की समझाइये । उत्तर- जेण्डर पहचान-लिंग एक जटिल प्रकार का पद होता है जिसके अन्तर्गत लिंग (Gender) रूढ़ियुक्तियों (Gender Sterotypes) तथा लिंग भूमिकाओं (Gender Role) दोनों को सम्मिलित किया जा सकता है। यौन भूमिकाओं की पहचान इन पर प्रभाव डालने वाले कारक करवाते हैं। बालक में लगभग दो वर्ष की आयु … Read more

पाठ्यपुस्तक में लैंगिक समानता लाने के प्रयासों की व्याख्या कीजिए ।

पाठ्यपुस्तक में लैंगिक समानता लाने के प्रयासों की व्याख्या कीजिए । उत्तर – पाठ्यपुस्तक में लैंगिक समानता लाने के प्रयास — पाठ्य पुस्तकों एवं उसकी विषय-वस्तु में भी लिंग का प्रभाव पड़ता है। पाठ्य-पुस्तक की विषय-वस्तु का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभाव अधिगमकर्त्ता पर पड़ता है एवं उसी के अनुसार आने वाले समाज का सृजन होता … Read more

रूढ़िबद्धता तथा लिंगीय पहचान के प्रकार बताइए ।

रूढ़िबद्धता तथा लिंगीय पहचान के प्रकार बताइए । उत्तर – रूढ़िबद्धता तथा लिंगीय पहचान को हम निम्न प्रकार से देख सकते हैं, जैस— (1) जीवित पुत्र का मुख देखने से नरक से मुक्ति तथा पितृऋण से छुटकारा पाने की मान्यता । ( 2 ) पूर्वजों को पिण्डदान इत्यादि का सम्पादन पुरुष के द्वारा ही होना … Read more

चुनौतीपूर्ण लिंग की शिक्षा द्वारा किस प्रकार उपादेयता है—

चुनौतीपूर्ण लिंग की शिक्षा द्वारा किस प्रकार उपादेयता है— उत्तर— शिक्षा में आत्मसात् कर शिक्षा को चुनौतीपूर्ण लिंगों के प्रति और भी उपादेय बनाया जा सकता है — (i) व्यावसायिक शिक्षा | (ii) जीवन-दक्षता तथा कौशल विकास । (iii) जीवनोपयोगी तथा व्यावहारिक शिक्षा । (iv) पृथक्-पृथक् रुचियों तथा आवश्यकतानुरूप शिक्षा। (v) शिक्षा प्रदान करने हेतु … Read more

महिलाओं के प्रति हिंसा एवं अपराध के विभिन्न रूप कौनसे है ?

महिलाओं के प्रति हिंसा एवं अपराध के विभिन्न रूप कौनसे है ? उत्तर— महिलाओं के प्रति हिंसा एवं अपराध के विभिन्न रूप निम्न हैं— ( 1 ) छेड़छाड़—  स्कूल-कॉलेज के बाहर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के प्रकरण अधिक सामने आते हैं। वहाँ पुलिस का तैनात न होना इसका मुख्य कारण है। इससे असामाजिक तत्वों को … Read more

विद्यालय का सामाजिक संगठन के रूप में क्या अर्थ है ?

विद्यालय का सामाजिक संगठन के रूप में क्या अर्थ है ? उत्तर- प्रसिद्ध समाजशास्त्री ए. एट. जोइनी विद्यालय को सामाजिक संगठन के रूप में मानते हैं। उसके अनुसार सामाजिक संगठन की तीन मूलभूत विशेषतायें होती है— (i) श्रम, शक्ति एवं संचार के उत्तरदायित्वों का सुनियोजित ढंग से विभाजन होना। (ii) एक या अधिक शक्ति केन्द्र … Read more

भारत में महिलाओं के विकास से सम्बन्धित एक योजना का वर्णन कीजिए।

भारत में महिलाओं के विकास से सम्बन्धित एक योजना का वर्णन कीजिए। उत्तर–आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएँ – रोजगार तथा प्रशिक्षण के लिए सहायता देने का कार्यक्रम – महिलाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के लिए सहायता देने का कार्यक्रम (स्टेप) 1987 में केन्द्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में प्रारम्भ किया गया। इसका उद्देश्य परम्परागत क्षेत्रों … Read more

परिवर्तन अभिकर्त्ता के रूप में शिक्षक की भूमिका को संक्षेप में लिखिए।

परिवर्तन अभिकर्त्ता के रूप में शिक्षक की भूमिका को संक्षेप में लिखिए। उत्तर – परिवर्तन अभिकर्त्ता के रूप में शिक्षक की भूमिका — शिक्षक एवं शिक्षार्थी सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली के आधार स्तम्भ हैं किन्तु परिवर्तन के शैक्षिक कारक में शिक्षक का स्थान अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। शिक्षण विधियों, पाठ्यक्रम, शिक्षण उद्देश्यों एवं पाठ्यसहगामी क्रियाओं आदि के … Read more

सामाजिक रचना के महत्त्व का उल्लेख कीजिए।

सामाजिक रचना के महत्त्व का उल्लेख कीजिए। उत्तर – सामाजिक रचना का महत्त्व – समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक बच्चा व्यक्तिगत रूप से अपने नियमों, रीतिरिवाजों एवं पर्यावरणीय नियमों का सम्मान करता है। लिंग समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति को यह सिखाया जाता है कि वह कैसे सामाजिक रूप … Read more

संस्कृति से आप क्या समझते हैं ?

संस्कृति से आप क्या समझते हैं ? उत्तर – संस्कृति (Culture) — संस्कृति शब्द का प्रयोग अनेक अर्थों में किया जाता है। समाजशास्त्र में इस धारणा के सम्बन्ध में बड़ा विवाद है। इसकी अनेक परिभाषाएँ दी गई हैं। दो अमेरिकी मानवशास्त्रियों ए. एल. क्रोबर एवं क्लाइड क्लकहन ने संस्कृति की 164 परिभाषाओं को जमा किया। … Read more