उभयलिंगी को भारत में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है ? समझाइये ।

उभयलिंगी को भारत में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है ? समझाइये । उत्तर – प्रायः ऐसा पाया जाता है कि विपरीत लिंगी व्यक्तियों को समाज द्वारा बहिष्कृत किया जाता है तथा उनसे भेदभावपूर्ण व्यवहार अपनाया जाता है। निम्न प्रकार की समस्याएँ हैं जिनका विपरीत लिंगी व्यक्तियों द्वारा सामना किया जाता है : (1) … Read more

लैंगिक पूर्वाग्रह एवं लैंगिक रूढ़िवादिता में क्या अन्तर है ?

लैंगिक पूर्वाग्रह एवं लैंगिक रूढ़िवादिता में क्या अन्तर है ?  उत्तर—  लैंगिक पूर्वाग्रह एवं लैंगिक रूढ़िवादिता में लैंगिक पूर्वाग्रह से हमारा अभिप्राय बालक एवं बालिका में व्याप्त लैंगिक असमानता से है। बालक एवं बालिकाओं में उनके लिंग के आधार पर भेद किया जाता है जिसके कारण बालिकाओं को समाज में शिक्षा में एवं पालन-पोषण में … Read more

विपरीत लिंग (ट्रांसजेण्डर) की परिभाषा दीजिए।

विपरीत लिंग (ट्रांसजेण्डर) की परिभाषा दीजिए। अथवा ट्रांसजेण्डर को स्पष्ट कीजिये ।  उत्तर –विपरीत लिंग ( ट्रांसजेण्डर ) – ट्रांसजेण्डर शब्द किसी मनुष्य के स्त्री-पुरुष न होने पर उसके लिंग की पहचान के लिए या लैंगिक अभिव्यक्ति के लिए प्रयोग किया जाता है। जिन लोगों की पहचान स्त्री या पुरुष के रूप में नहीं होती … Read more

ट्रांसजेण्डरों की ‘चिन्ताएँ एवं मुद्दों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

ट्रांसजेण्डरों की ‘चिन्ताएँ एवं मुद्दों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। अथवा ट्रांसजेण्डर की चिन्ताओं एवं मुद्दों की व्याख्या कीजिए। उत्तर-ट्रांसजेण्डर के मुद्दे ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से उनकी कुछ भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक अवस्था से सम्बन्धित मुद्दे इस प्रकार हैं– ( 1 ) लिंग डिस्फोरिया — जेण्डर डिस्फोरिया को – लैंगिक अवसाद भी कहते हैं। … Read more

नारीवाद की क्या विशेषताएँ हैं ?

नारीवाद की क्या विशेषताएँ हैं ? अथवा नारीवाद पर एक निबन्ध लिखिये । उत्तर – नारीवाद की विशेषताएँ–नारीवाद की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं— ( 1 ) समान अधिकार तथा समान अवसर – जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में स्त्रियों एवं पुरुषों को समान अधिकार प्रदान किए जाए तथा सभी को सम्मान अवसर उपलब्ध हों। नारीवाद के समर्थकों … Read more

‘लैंगिक पूर्वाग्रह’ के क्या कारण हैं ?

‘लैंगिक पूर्वाग्रह’ के क्या कारण हैं ? उत्तर – लैंगिक पूर्वाग्रह के कारण – समाज में लैंगिक पूर्वाग्रह आज से नहीं वरन् प्राचीन काल से चला आ रहा है। यह विभेद मात्र भारत में ही नहीं वरन् विश्व के तमाम देशों में चल रहा है। सामान्यतः विभेद कई प्रकार के होते हैं जैसे—जातिगत विभेद, लिंगीय … Read more

महिला सशक्तीकरण से आप क्या समझते हैं ?

महिला सशक्तीकरण से आप क्या समझते हैं ? अथवा नारी सशक्तीकरण पर संक्षिप्त निबन्ध लिखिए। अथवा टिप्पणी लिखिये महिला सशक्तीकरण । उत्तर – महिला सशक्तीकरण–महिला सशक्तीकरण का तात्पर्य स्त्री को शक्ति प्रदान करने से है परन्तु यहाँ शक्ति का अभिप्राय दूसरे पर आधिपत्य करना नहीं है बल्कि स्त्रियों में जीवन का सामना करने के लिए … Read more

पितृसत्ता से आप क्या समझते हैं ?

पितृसत्ता से आप क्या समझते हैं ? अथवा पितृसत्ता की अवधारणा को समझाइये । अथवा पितृसत्ता की अवधारणा स्पष्ट कीजिए। अथवा पितृसत्तात्मक किसे कहते हैं ? उत्तर— पितृसत्ता का अर्थ-पितृसत्ता एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जिसमें परिवार का सबसे बड़ा पुरुष मुखिया के रूप में होता है तथा परिवार की स्त्रियों एवं बालकों पर अपना … Read more

जेण्डर निष्पक्षता का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

जेण्डर निष्पक्षता का अर्थ स्पष्ट कीजिए। अथवा ‘जेण्डर समानता’ का क्या अर्थ है ? अथवा लैंगिक निष्पक्षता एवं समानता से आपका क्या आशय है ? बताइये ।   उत्तर – निष्पक्षता एवं समता- समता का सामान्य अर्थ हैसबको एक समान परिस्थितियाँ उपलब्ध कराना। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी को एक जैसा बना दिया … Read more

लैंगिकता क्या है ? लैंगिकता की परिभाषा दीजिए।

लैंगिकता क्या है ? लैंगिकता की परिभाषा दीजिए। अथवा लिंग से आप क्या समझते हैं ? अथवा जेण्डर की अवधारणा स्पष्ट कीजिए । अथवा जेण्डर के अर्थ को स्पष्ट कीजिये । उत्तर – लिंग का अर्थ – लिंग मुख्यतः किसी भी समाज का सबसे महत्त्वपूर्ण सैद्धान्तिक संगठन है। मानव का जन्म दो रूपों में होता … Read more