‘विद्यालय प्रशासन’ की संकल्पना की व्याख्या कीजिए ।

‘विद्यालय प्रशासन’ की संकल्पना की व्याख्या कीजिए । उत्तर – विद्यालय प्रशासन की संकल्पना–प्राचीन काल में छात्र गुरुकुलों में गुरु के निर्देशन में मानसिक, आध्यात्मिक एवं शारीरिक शिक्षा प्राप्त करते थे। सुविधाएँ अधिक नहीं थी, परन्तु आवश्यकताएँ सीमित होने के कारण वातावरण उनके अनुकूल था । वर्तमान में मानव आवश्यकताएँ, इच्छाएँ, आकांक्षाएँ बढ़ती जा रही … Read more

विद्यालयी संस्कृति से आपका क्या अभिप्राय है?

विद्यालयी संस्कृति से आपका क्या अभिप्राय है? उत्तर-विद्यालयी संस्कृति से अभिप्राय–विद्यालय लोकतंत्र, मानवता, एकता, धार्मिकता, परम्पराओं, सामाजिक न्याय के मानक में सामंजस्य स्थापित कर छात्रों को ज्ञान प्रदान करता है। अतः विद्यालयी संस्कृति से अभिप्राय उस विद्यालयी परिवेश से है जहाँ छात्र अधिगम, ज्ञान के लिए जाता है एवं सकारात्मक, नकारात्मक विचारों, अलिखित नियम, प्रक्रियाओं, … Read more

विद्यालयी संस्कृति में ज्ञान की भूमिका स्पष्ट कीजिये ।

विद्यालयी संस्कृति में ज्ञान की भूमिका स्पष्ट कीजिये । उत्तर – विद्यालयी संस्कृति में ज्ञान की भूमिका— (1) ज्ञान परम्परा, अनुभव, सामाजिक मूल्यों तथा समाज के जीवन को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते हुए सामाजिक जीवन की निरन्तरता को बनाए रखता है। (2) ज्ञान न केवल युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत देता है, … Read more

प्रकृतिवाद एवं पाठ्यक्रम में तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।

प्रकृतिवाद एवं पाठ्यक्रम में तुलनात्मक अध्ययन कीजिए। उत्तर—प्रकृतिवाद एवं पाठ्यक्रम में तुलनात्मक अध्ययन पाठ्यक्रम के विषय में प्रकृतिवादी प्रकृति की ओर देखता है, किसी विशेष विषय को पढ़ाने पर जोर नहीं देता। (1) प्रकृतिवादी शिक्षा का लक्ष्य आत्म अभिव्यक्ति माना जाता है अतः आदर्शवादी पाठ्यक्रम में मानवीय विषयों की प्रधानता रहती है परन्तु प्रकृतिवादी पाठ्यक्रम … Read more

विनियमित पाठ्यक्रम के सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिये ।

विनियमित पाठ्यक्रम के सम्प्रत्यय को स्पष्ट कीजिये । उत्तर – विनियमित पाठ्यचर्या–शिक्षण एक त्रिमुखी प्रक्रिया है। इसमें शिक्षक, छात्र एवं पाठ्यचर्या मिलकर शिक्षण की क्रिया को पूर्ण करते हैं। शिक्षक शिक्षण प्रक्रिया में केन्द्र बिन्दु होता है जो पाठ्यचर्या के अनुसार ज्ञान का हस्तान्तरण करता है। इस प्रकार शिक्षण में शिक्षक प्रदाता अथवा अनुदेशन की … Read more

‘विद्यालय दर्शन’ से आपका क्या अभिप्राय है ?

‘विद्यालय दर्शन’ से आपका क्या अभिप्राय है ? उत्तर-विद्यालय दर्शन या कार्य से अभिप्राय –प्राचीन काल में विद्यालय के कार्य सरल और सीमित थे तब उसका प्रमुख कार्य केवल बालकों को शिक्षित करना होता था लेकिन वर्तमान युग में विद्यालय का समाज, राज्य व राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व बढ़ गया है। इन परिस्थितियों में विद्यालय … Read more

‘पाठ्यक्रम मूल्यांकन’ पर टिप्पणी लिखिये |

‘पाठ्यक्रम मूल्यांकन’ पर टिप्पणी लिखिये | उत्तर— पाठ्यक्रम मूल्यांकन–पाठ्यक्रम मूल्यांकन एक युक्ति । सुधार हेतु मूल्यांकन आवश्यक होता है। यदि पाठ्यक्रम शिक्षक, छात्र व समाज तीनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है तो वह पाठ्यक्रम निश्चित ही अच्छा होगा और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करेगा । पाठ्यक्रम विश्वसनीयता, सत्यता एवं गुणवत्ता के मूल्यांकन द्वारा … Read more

एक अच्छे खेल के मैदान की विशेषताएँ बताइये |

एक अच्छे खेल के मैदान की विशेषताएँ बताइये | उत्तर– एक अच्छे खेल के मैदान की निम्न विशेषताएँ होनी चाहिये— (1) खेल के मैदान की लम्बाई एवं चौड़ाई अन्तर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार होनी चाहिए। (2) मैदान में कंकर, पत्थर नहीं होने चाहिए। (3) घास वाले मैदानों की समय-समय पर कटाई होनी चाहिए। (4) मैदान से … Read more

शिक्षण व अधिगम में वृद्धि में खेल के मैदान की भूमिका को समझाइये।

शिक्षण व अधिगम में वृद्धि में खेल के मैदान की भूमिका को समझाइये। अथवा खेल के मैदान का उपयोग बताइये | अथवा ‘क्रीडा मैदान’ (खेल का मैदान) के उपयोग से आप क्या समझते हैं ?  उत्तर— खेल के मैदान की उपयोगिता या खेल के मैदान की भूमिका— (1) खेल बालक के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक … Read more

कक्षा कक्ष व्यवस्था के उद्देश्य एवं आवश्यकता पर टिप्पणी लिखिये ।

कक्षा कक्ष व्यवस्था के उद्देश्य एवं आवश्यकता पर टिप्पणी लिखिये । अथवा कक्षा-कक्ष बैठक व्यवस्था का शिक्षण अधिगम पर क्या प्रभाव पड़ता है ? उत्तर- कक्षा-कक्ष बैठक व्यवस्था का शिक्षण अधिगम पर  प्रभाव— (1) यह छात्र की सहभागिता में वृद्धि करती है । (2) ध्यान केन्द्रित करके अधिगम बढ़ाने में सहायक है। (3) कक्षा वाद-विवाद … Read more