पाठ्यक्रम विकास के उपागमों को स्पष्ट कीजिए।

पाठ्यक्रम विकास के उपागमों को स्पष्ट कीजिए। उत्तर–पाठ्यक्रम विकास के उपागम–पाठ्यक्रम उपागम, पाठ्यक्रम विकास और सम्पादन के विभिन्न पक्षों की रूपरेखा है। यह उन प्रतिमानों का संगठन है जिनका शिक्षक अधिगमकर्त्ताओं को अनुभव प्रदान करने में अनुसरण करता है। पाठ्यक्रम विकास के चार उपागम है— (1) अभिगमकर्ता केन्द्रित उपागम (2) विस्तृत क्षेत्र उपागम (3) सामाजिक … Read more

गैर-तकनीकी व गैर-वैज्ञानिक दृष्टिकोण उपागम को समझाइये ।

गैर-तकनीकी व गैर-वैज्ञानिक दृष्टिकोण उपागम को समझाइये । उत्तर – गैर तकनीकी व गैर-वैज्ञानिक दृष्टिकोण—गैरतकनीकी गैर-वैज्ञानिक दृष्टिकोण में विषयनिष्ठ, व्यक्तिगत, सौन्दर्यात्मक, स्वत: शोध (Heuristic), कार्य सम्पादनात्मकता पर बल दिया जाता है। प्रस्तुत दृष्टिकोण के अन्तर्गत अधिगमक पर बल दिया जाता है न कि उत्पादन के निर्गत पर, विशेषकर शिक्षण एवं अधिगम में गतिविधि उन्मुख उपागम … Read more

पाठ्यक्रम निर्माण के सोपानों व्याख्या कीजिए ।

पाठ्यक्रम निर्माण के सोपानों व्याख्या कीजिए । अथवा पाठ्यक्रम निर्माण की व्याख्या कीजिये । उत्तर–पाठ्यक्रम निर्माण के सोपान निम्न हैं— (1) शैक्षिक आवश्यकताओं का निर्धारण (2) शैक्षिक उद्देश्यों का निर्धारण (3) विषय-वस्तु का गठन (4) अधिगम अनुभवों का चयन (5) संसाधनों की पहचान (6) शिक्षण विधियाँ निर्धारित करना (7) पाठ्यचर्या का मूल्यांकन (8) पाठ्यचर्या का … Read more

पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धान्त बताइये ।

पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धान्त बताइये । अथवा पाठ्यक्रम निर्माण के मुख्य सिद्धान्तों का सविस्तार वर्णन कीजिये | उत्तर- पाठ्यक्रम निर्माण करते समय निम्नलिखित सिद्धान्तों का ध्यान रखना चाहिये— (1) लचीलेपन का सिद्धान्त–लचीलेपन से तात्पर्य ऐसे पाठ्यक्रम से है, जहाँ बालक अपनी इच्छा, आयु, बुद्धि के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सके। इसलिए पाठ्यक्रम में कठोरता नहीं … Read more

पाठ्यचर्या विकास के प्रतिमानों से आप क्या समझते

पाठ्यचर्या विकास के प्रतिमानों से आप क्या समझते अथवा “पाठ्यक्रम विकास प्रतिमानों” से आपका क्या अभिप्राय है? “हिल्दा टाबा” प्रतिमान का वर्णन कीजिये। अथवा हिल्दा टाबा के पाठ्यक्रम विकास के प्रतिमान की परिचर्चा  करें। अथवा हिन्दा टाबा प्रतिमान की व्याख्या कीजिये । अथवा हिल्दा टाबा मॉडल के गुण/ विशेषताओं को लिखिये। उत्तर–पाठ्यक्रम विकास के प्रतिमान … Read more

आलोचनात्मक शिक्षाशास्त्र से आप क्या समझते है?

आलोचनात्मक शिक्षाशास्त्र से आप क्या समझते है? उत्तर —आलोचनात्मक शिक्षाशास्त्र का तात्पर्य— आलोचनात्मक शिक्षाशास्त्र, शिक्षा का एक दर्शन है तथा यह सामाजिक आन्दोलन को शिक्षा के साथ सम्बन्धित करता है। इसको सर्वप्रथम पॉल फ्रेरे ने वर्णित किया। इसका आगे विकास हेनरी गिरॉक्स द्वारा किया गया। आलोचनात्मक शिक्षा शास्त्र शिक्षण एवं अधिगम में सम्बन्ध स्थापित करता … Read more

पाठ्यक्रम परिकल्पना की विशेषताएँ बताइये। या अस्पष्ट ।

पाठ्यक्रम परिकल्पना की विशेषताएँ बताइये। या अस्पष्ट । उत्तर —पाठ्यक्रम परिकल्पना की तीन प्रमुख विशेषताएँ हैं— ( 1 ) यह उद्देश्यपूर्ण है किसी भी पाठ्यक्रम की सफलता के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि वह उद्देश्यपूर्ण हो। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थी के अधिगम के साथ-साथ इसके सम्पूर्ण को परिलक्षित करना भी है, फिर यदि उद्देश्यों … Read more

पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में अपने सुधारात्मक सुझाव दीजिए |

पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में अपने सुधारात्मक सुझाव दीजिए | उत्तर–पाठ्यक्रम निर्माण हेतु सुझाव (Suggestions for Construction of Curriculum)—पाठ्यक्रम के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा नवीन पाठ्यक्रम के समुचित निर्माण/विकास हेतु कुछ उपयोगी सुझाव निम्न प्रकार हैं— (i) पाठ्यक्रम के लिए पूर्व नियोजन होना चाहिए। इसके अन्तर्गत पाठ्यक्रम संदर्शिकाओं का प्रकाशन, शिक्षकों … Read more

ब्राउन एवं मूर द्वारा पाठ्यचर्या विकास हेतु प्रतिपादित सिद्धान्तों का उल्लेख कीजिए।

ब्राउन एवं मूर द्वारा पाठ्यचर्या विकास हेतु प्रतिपादित सिद्धान्तों का उल्लेख कीजिए। उत्तर- ब्राउन तथा मूर ने पाठ्यचर्या निर्माण एवं विकास हेतु कुछ सिद्धान्त प्रतिपादित किये हैं। जो निम्न प्रकार हैं— (1) पाठ्यचर्या में समाज के सांस्कृतिक मूल्यों का स्थान होना चाहिए। पाठ्यचर्या द्वारा ही नवीन पीढ़ी को उच्च आदर्श प्रदान किये जाने चाहिए। (2) … Read more

पाठ्यचर्या उपागम से सम्बन्धित मुद्दे लिखिए।

पाठ्यचर्या उपागम से सम्बन्धित मुद्दे लिखिए। उत्तर- पाठ्यचर्या उपागम से सम्बन्धित मुद्दे निम्न हैं— ( 1 ) पाठ्यचर्या उपागम का चयन किसी भी शैक्षिक कार्यक्रम में पाठ्यचर्या के सभी उपागम महत्त्वपूर्ण हैं और वे विभिन्न एवं महत्त्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। शिक्षाविद् एक पाठ्यचर्या उपागम से दूसरे उपागम को अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी मानते हैं। … Read more