खादर और बांगर मिट्टी में अन्तर स्पष्ट करें।

खादर और बांगर मिट्टी में अन्तर स्पष्ट करें। उत्तर ⇒  खादर मिट्टी –     बांगर मिट्टी – (i) नवीन एवं उपजाऊ मिट्टी को खादर कहा जाता है। (i) पुरानी जलोढ़ मिट्टी को बांगर कहा जाता है। (ii) खादर मिट्टी में बाढ़ का प्रभाव होता है (ii) बांगर मिट्टी में बाढ़ का प्रभाव नहीं होता है। (iii) उत्तरी बिहार एवं गंगा का … Read more

मृदा-निर्माण के मुख्य घटक कौन-कौन से हैं ?

मृदा-निर्माण के मुख्य घटक कौन-कौन से हैं ? उत्तर ⇒ मृदा-निर्माण के पाँच मुख्य घटक हैं – (i) स्थानीय जलवायु, (ii) पूर्ववर्ती चट्टानें एवं खनिज कण, (iii) वनस्पति एवं जीव, (iv) भू-आकृतियाँ एवं ऊँचाई तथा (v) मृदा निर्माण में लगा समय।

जलोढ़ मृदा के विस्तार वाले राज्यों का नाम बतावें। इस मृदा में कौन-कौन सी फसलें लगायी जा सकती हैं ?

जलोढ़ मृदा के विस्तार वाले राज्यों का नाम बतावें। इस मृदा में कौन-कौन सी फसलें लगायी जा सकती हैं ? उत्तर ⇒ जलोढ़- मृदा के विस्तार वाले राज्य हैं उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल तथा असम। इस मृदा में गन्ना, चावल, मक्का, दलहन जैसी फसलें उगाई जा सकती हैं।

भू-क्षरण किसे कहते है ?

भू-क्षरण किसे कहते है ? उत्तर ⇒ मृदा का अपने स्थान से विविध क्रियाओं द्वारा स्थानान्तरित होना क्षरण कहलाता है। यह भू-क्षरण कई प्राकृतिक कारकों यथा-गतिशील जल, 147, हिमानी तथा सामद्रिक लहरों द्वारा नियंत्रित तथा प्रभावित होती है।

जलोढ़ मृदा से क्या समझते हैं ? इस मृदा में कौन-कौन सी फसलें उगाई जा सकती है ?

जलोढ़ मृदा से क्या समझते हैं ? इस मृदा में कौन-कौन सी फसलें उगाई जा सकती है ? उत्तर ⇒ वैसी मिट्टी जिसका निर्माण नदियों द्वारा लाए गये तलछट के निक्षेप से होता है, जलोढ़ मृदा कहलाती है। इस मिट्टी में पोटाश एवं चूने की अधिकता होती है तथा नाइट्रोजन एवं ह्यूमस की कमी होती है। … Read more

मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ?

मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ? उत्तर ⇒ मोनाजाइट केरल राज्य में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उड़ीसां आदि राज्यों के तटीय भागों में इस खनिज का उत्खनन हो रहा है।

मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए।

मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए। उत्तर ⇒ मैंगनीज एक अत्यंत उपयोगी खनिज पदार्थ है। इस्पात निर्माण सहित अनेक मिश्रधातु निर्माण में इसका उपयोग किया जाता है। इसकेअतिरिक्त सूखा-सेल बनाने में, फोटोग्राफी में, चमडा एवं माचिस उद्योग सहित रंग-रोगन को तैयार करने में यह उपयोगी है।

खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। उत्तर ⇒ खनिज सभ्यता संस्कृति के आधारस्तंभ हैं। इनके बगैर उद्योगों का विकास नहीं किया जा सकता है। चट्टानों के निर्माण में इनकी भूमिका होती है। 2000 से भी अधिक खनिजों की पहचान हो चुकी है पर इनमें 30 खनिज का आर्थिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है। धातु की उपलब्धता … Read more

धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है ?

धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है ? उत्तर ⇒ धात्विक खनिज के दो पहचान निम्नलिखित हैं- (i) इनको गलाने पर धातु की प्राप्ति होती है। (ii) इसे पीटकर तार बनाये जा सकते हैं।

अधात्विक खनिज किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझावे ।

अधात्विक खनिज किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझावे । उत्तर ⇒ वैसे खनिज जिनमें धातु अंश का अभाव होता है और भंगुर प्रकृति क होते हैं, अधात्विक खनिज कहलाते हैं। इन पर चोट मारने पर ये टूट जाते ह। डोलामाइट, हीरा, अभ्रक, चूना पत्थर इत्यादि इसी के उदाहरण हैं। इनमें लाइमस्टोन का सर्वाधिक औद्योगिक महत्त्व … Read more