पौधों में गैसों का आदान-प्रदान कैसे होता है ?

Q & A

पौधों में गैसों का आदान-प्रदान कैसे होता है ? उत्तर ⇒ पौधों में गैसों का आदान-प्रदान विसरण की क्रिया के द्वारा पौधों की पत्तियों पर स्थित रंध्रों (stomata) पुराने वृक्षों के तनों की कड़ी त्वचा (bark) पर स्थित वातरंध्रों (lenticels) एवं अंतरकोशिकीय स्थानों (intercellular spaces) के द्वारा होती है। इस क्रिया में पौधो की आवश्यकताओं एवं … Read more

श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद होते हैं ?

Q & A

श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद होते हैं ? उत्तर ⇒ जल में ऑक्सीजन काफी कम घुलित होते हैं, जबकि अधिक जैव ऊर्जा के उत्पादन के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जलीय जीव – (मछलियाँ) सर्वप्रथम मुख के द्वारा घुलित ऑक्सीजन … Read more

प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधे कहाँ से प्राप्त करते हैं ?

Q & A

प्रकाशसंश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधे कहाँ से प्राप्त करते हैं ? उत्तर ⇒ प्रकाशसंश्लेषण के लिए पौधे कच्ची सामग्री निम्नांकित जगहों से प्राप्त करते हैं – (i) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) – इसे बायुमंडल से प्राप्त किया जाता है। (iii) जल – भूमि से पौधे जड़ों द्वारा प्राप्त करते हैं। (iii) पर्णहरित – यह पौधों के कोशिकाओं में … Read more

प्रछली, मच्छर, केंचुआ और मनुष्य के मुख्य श्वसन अंगों के नाम लिखें।

Q & A

प्रछली, मच्छर, केंचुआ और मनुष्य के मुख्य श्वसन अंगों के नाम लिखें। उत्तर ⇒ मछली में मुख्य श्वसन अंग क्लोम (Gill) होता है। मच्छर में मुख्य श्वसन अंग श्वासनली या ट्रैकिया है, केंचुआ में मुख्य श्वसन अंग त्वचा है, जबकि मनुष्य में फेफड़ा है।

जीवन के अनुरक्षण के लिए आप किन प्रक्रमों को आवश्यक मानेंगे ?

Q & A

जीवन के अनुरक्षण के लिए आप किन प्रक्रमों को आवश्यक मानेंगे ? उत्तर ⇒ जीवन के अनुरक्षण के लिए हम निम्नलिखित प्रक्रमों को आवश्यक मानेंगे – (i) पोषण (ii) श्वसन (iii) परिवहन एवं (iv) उत्सर्जन इत्यादि । पर इन जैव प्रक्रमों के अतिरिक्त सभी जीवधारी जनन (reproduction) द्वारा अपनी संख्या में वृद्धि करते हैं । ये … Read more

मृतजीवी पोषण क्या है ?

Q & A

मृतजीवी पोषण क्या है ? उत्तर ⇒ जीव मृत जंतुओं और पौधों के शरीर से अपना भोजन, अपने शरीर की सतह से, घुलित कार्बनिक पदार्थों के रूप में अवशोषित करते हैं। यही मृतजीवी – पोषण है। मृतजीवी अपना भोजन मुख्यतः तरल अवस्था में अवशोषण द्वारा ग्रहण करते हैं। जंतुओं और पौधों की मृत्यु के पश्चात् उनके … Read more

रक्त पट्टिकाणु की क्या उपयोगिता है ?

Q & A

रक्त पट्टिकाणु की क्या उपयोगिता है ? उत्तर ⇒ रक्त पट्टिकाणु सबसे छोटे आकार की रक्त कोशिकाएँ हैं, इसे विषाणु या थ्रोम्बोसाइटस भी कहते हैं। ये अस्थिमज्जा के मैगाकैरिओसाइट्स द्वारा निर्मित होते हैं। ये रक्त को थक्का बनाने में मदद करता है।

रक्त की संरचना को समझाएँ।

Q & A

रक्त की संरचना को समझाएँ। उत्तर ⇒ रक्त लाल रंग का गाढ़ा, क्षारीय तरल पदार्थ है, जो मुख्य रूप से कोशिका एवं प्लाज्मा से बना है। रक्त कोशिका तीन प्रकार की होती है—लाल रक्त कोशिका, श्वेत रक्त कोशिका एवं पट्टिकाणु। प्लाज्मा (50-55%) में 90-92% जल, 6-8% प्लाज्मा प्रोटीन एवं 1-2%अकार्बनिक लवण पाये जाते है। इसमें ग्लूकोज, … Read more

प्रकाश संश्लेषण क्या है? इसे रासायनिक समीकरण में व्यक्त करें।

Q & A

प्रकाश संश्लेषण क्या है? इसे रासायनिक समीकरण में व्यक्त करें। उत्तर ⇒ हरे पौधों द्वारा सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा प्राप्त कर क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) तथा जल (H2O) के द्वारा अपने भोजन काबोहाइड्रेट (कार्बनिक पदार्थ) का संश्लेषण करना ही प्रकाशसंश्लेषण (Photosyn thesis) की प्रक्रिया कहलाता है। इसका रासायनिक समीकरण है –

पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षद्रांत्र को कैसे अभिकल्पित किया गया है ?

Q & A

पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षद्रांत्र को कैसे अभिकल्पित किया गया है ? उत्तर ⇒ पचे हुए भोजन का अवशोषण ज्यादा हो सके तथा सतही क्षेत्रफल अधिक हो इसके लिए क्षुद्रांत्र के आंतरिक स्तर पर अनेक अंगुली जैसे प्रवर्ध होते हैं जिन्हें दीर्घरोम कहते हैं । दीर्घरोम में रुधिरवाहिकाओं की बहुतायत होती है … Read more