निम्न पदों की परिभाषा दें–

निम्न पदों की परिभाषा दें– (i) खनिज (ii) अयस्क (iii) गैंग (iv) निस्तापन (v) भर्जन उत्तर⇒ (i) खनिज- भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्त्वों या यौगिकों को खनिज कहते हैं। ये प्रायः खानों से निकाले जाते हैं। (ii) अयस्क- वैसे खनिज जिनसे धातु का व्यावसायिक उत्पादन होता है, अयस्क कहलाते हैं। अयस्कों में धातु … Read more

एनोड पंक क्या है? उदाहरण के साथ समझावें।

एनोड पंक क्या है? उदाहरण के साथ समझावें। उत्तर⇒ विद्युत शोधन में जब विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तब एनोड पर स्थित अशद्ध धातु केटायन के रूप में घोल में जाने लगती है। उतनी ही मात्रा में शुद्ध धातु कैथोड पर जमा होती है। घुलनशील अशुद्धियाँ घोल में चली जाती हैं। अघुलनशील अशुद्धियाँ एनोड के … Read more

जब धातुएँ नाइट्रिक अम्ल से अभिक्रिया करती है तो हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित नहीं होता है। क्यों ?

जब धातुएँ नाइट्रिक अम्ल से अभिक्रिया करती है तो हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित नहीं होता है। क्यों ? उत्तर⇒ क्योंकि HNO3 एक प्रबल ऑक्सीकारक है जो उत्पन्न हाइड्रोजन का ऑक्सीकृत करके जल में परिवर्तित कर देता है एवं स्वयं नाइट्रोजन के किसी ऑक्साइड (N2O, NO, NO2 ) में अपचयित हो जाता है। लेकिन Mn ही एक ऐसा धातु है … Read more

एक धातु और एक अधातु का नाम लिखें जो वायु के सम्पर्क में आने पर जल उठते हैं ?

एक धातु और एक अधातु का नाम लिखें जो वायु के सम्पर्क में आने पर जल उठते हैं ? उत्तर⇒ सोडियम धातु वायु के सम्पर्क में आन पर वायमंडलीय सामान्य ताप पर ही जल उठते हैं। श्वेत फॉस्फोरस अधातु है इसे पानी में डुबाकर रखा जाता है। यह वायु के सम्पर्क में आते ही जल उठता … Read more

संक्षारण से बचने की तीन विधियों को लिखें।

संक्षारण से बचने की तीन विधियों को लिखें। उत्तर⇒ संक्षारण रोकने की तीन विधियाँ – (i) यशदलेपन द्वारा (ii) विद्युत लेपन द्वारा (iii) एनोडीकरण द्वारा

संक्षारण से क्या समझते हैं?

संक्षारण से क्या समझते हैं? उत्तर⇒ जब धात सतह जल, वायु अथवा आस-पास के अन्य किसा पदार्थ से प्रभावित होती है, तो इसे धातु का संक्षारित होना कहते हैं तथा इस परिघटना का संक्षारण कहा जाता है। गोल्ड तथा सिल्वर जैसी उत्कष्ट धातएँ सुगमतापूर्वक संक्षारित नहीं होती हैं। एलुमिनियम जैसी धातुएँ संक्षारित नहीं होती हैं।

आघातवर्थ्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।

आघातवर्थ्य तथा तन्य का अर्थ बताइए। उत्तर⇒ कुछ धातुओं को पीटकर उनके चद्दर बनाए जाते हैं। इस गुणधर्म का आघातवर्थ्यता कहते हैं और धातु आघातवर्ध्य कहलाती है। किसी धातु के पतले तार खींचे जा सकते हैं। धातुओं के इस गुणधर्म को तन्यता कहते हैं तथा धातु तन्य कहलाती है। एक ग्राम सोने से 2 किमी लंबा … Read more

संयोजकता से आप क्या समझते हैं ?

संयोजकता से आप क्या समझते हैं ? उत्तर⇒ किसी भी तत्त्व को संयाजकता उसक परमाण के सबसे बाहरी काश में उपस्थित संयाजकता इलक्ट्रॉनों की संख्या से निर्धारित होती है। मान लिया कि एक तत्त्व Na है। इसका परमाणु संख्या: 11 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,1 है। अत: परमाण के बाहरी काश में इलेक्ट्रॉन संख्या । है। … Read more

धातुएँ विद्युत के सुचालक क्यों होती हैं ?

धातुएँ विद्युत के सुचालक क्यों होती हैं ? उत्तर⇒ धातुएँ विद्युत के अच्छे चालक होते हैं। ये विद्युत धनात्मक भी हैं। इसमें इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति तीव्र होती है। ये ताप और विद्युत के सुचालक होते हैं। इसके तार से होकर विद्युत का प्रवाह आसानी से की जा सकती है। धातुओं को चालकता उनमें उपस्थित मुक्त … Read more

मिश्रधातु क्या है ? तांबे के मिश्रधातु के दो उदाहरण दें।

मिश्रधातु क्या है ? तांबे के मिश्रधातु के दो उदाहरण दें। उत्तर⇒ किसी धातु में अन्य धातु या अधातु की एक निश्चित मात्रा मिलाकर इच्छित गुण-धर्म वाली मिश्रधातुएँ प्राप्त की जा सकती हैं। ताम्बे के दो मिश्रधातु निम्नांकित हैं—पीतल और काँसा। पीतल में 80% Cu और काँसा में 90% Cu पाया जाता है।