अवतल दर्पण, उत्तल दर्पण और समतल दर्पण को छूकर एवं बिना छूये हुए कैसे पहचान करेंगे ?

अवतल दर्पण, उत्तल दर्पण और समतल दर्पण को छूकर एवं बिना छूये हुए कैसे पहचान करेंगे ? उत्तर⇒अवतल दर्पण को छूने पर पता चलता है कि इसका परावर्तक सतह नत होता है। उत्तल दर्पण का परावर्तक सतह उभरा होता है। समतल दर्पण का परावर्तक सतह समतल होता है। तीनों दर्पणों के फोकस के भीतर एक … Read more

गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी – दर्शायें।

गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी – दर्शायें। उत्तर⇒ (i) बिम्ब सदैव दर्पण के बायीं ओर रखा जाता है। इसका अर्थ है कि दर्पण पर बिम्ब से प्रकाश बाईं ओर से आपतित होता है। (ii) मुख्य अक्ष के समांतर सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती हैं। (iii) मूल बिंदु के दाईं ओर … Read more

वास्तविक प्रतिबिम्ब क्या है ?

वास्तविक प्रतिबिम्ब क्या है ? उत्तर⇒किसी स्रोत से आने वाला प्रकाश परावर्तन या अपवर्तन के बाद एक बिन्दु पर मिलती है तो वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता है। वास्तविक प्रतिबिम्ब हमेशा उल्टा और पर्दे पर आसानी से लिया जा सकता है। हमारा नेत्र रेटिना, पर वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है।

आभासी प्रतिबिंब क्या है ?

आभासी प्रतिबिंब क्या है ? उत्तर⇒ किसी स्रोत से आने वाला प्रकाश परावर्तन या अपवर्तन के बाद एक बिंदु पर नहीं मिलता है, बल्कि परावर्तित अथवा अपवर्तित किरणों को पीछे बढ़ाने पर एक बिंदु पर मिले, तो आभासी प्रतिबिंब बनता है। यह प्रतिबिंब हमेशा सीधा और पर्दे पर लेना असम्भव है।

प्रकाशिक घनत्व क्या है ?

प्रकाशिक घनत्व क्या है ? उत्तर⇒प्रकाशिक घनत्व का एक निश्चित संपृक्तार्थ होता है। यह द्रव्यमान घनत्व के समान नहीं है। जिस माध्यम का प्रकाशिक घनत्व अधिक होता है वह सघन माध्यम है, अन्यथा वह विरल माध्यम होगा। विरल माध्यम से प्रकाश किरण सघन माध्यम में प्रवेश करती है तो यह अभिलंब की ओर मुड़ जाती … Read more

प्रकाश क्या है ?

प्रकाश क्या है ? उत्तर⇒ दृष्टि के भौतिक अनुभूति को प्रकाश कहते हैं प्रकाश वस्तुओं को दृश्यमान बनाता है। कोई वस्तु उसपर पड़ने वाले प्रकाश को परावर्तित करती है और वह परावर्तित प्रकाश हमारी आँखों द्वारा ग्रहण होता है तब हमें वस्तुओं को देखने योग्य बनाता है।

गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है ?

गोलीय दर्पण द्वारा सूर्य के प्रकाश में किसी कागज के कतरन को कैसे जलाया जा सकता है ? उत्तर⇒गोलीय अवतल दर्पण के परावर्तक सतह को सूर्य से आने वाली किरणों के सामने रखा जाता है। सूर्य से चलने वाली समांतर किरणें दर्पण से परावर्तित होकर फोकस पर अभिसरित होती हैं। अगर अवतल दर्पण के फोकस … Read more

एक समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया रेखा दिखावें।

एक समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया रेखा दिखावें। उत्तर⇒ चित्र से स्पष्ट है कि A बिन्दु वस्तु का आभासी प्रतिबिंब I बनता है। A का समतल दर्पण से दूरी = 1 का समतल दर्पण से दूरी

समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब का साइज और प्रकृति कैसी होती है ?

समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब का साइज और प्रकृति कैसी होती है ? उत्तर⇒समतल दर्पण (Plane Mirror) द्वारा बना, प्रतिबिंब – (i) बिम्ब (object) के समान प्रतिबिंब का साइज होता है। (ii) प्रतिबिम्ब दर्पण के उतना ही पीछे बनता है जितनी दूरी पर वस्तु समतल दर्पण के सामने होती है। (iii) काल्पनिक (virtual) प्रतिबिंब बनता है।

सामान्य नेत्र 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते ?

सामान्य नेत्र 25 सेमी से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते ? उत्तर⇒ 25 सेमी की दूरी पर रखी वस्तुओं को आँख स्पष्ट रूप से देखता है लेकिन 25 सेमी से कम निकट रखी वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दृष्टि पटल पर स्पष्ट रूप से नहीं बनता है। अतः मानव वस्तुओं को स्पष्ट रूप से … Read more