मध्यपदेश विधानसभा का इतिहास

मध्यपदेश विधानसभा का इतिहास  मध्यपदेश विधानसभा का इतिहास 15 अगस्‍त, 1947 के पूर्व देश में कई छोटी-बड़ी रियासतें एवं देशी राज्‍य अस्तित्‍व में थे। स्‍वाधीनता पश्‍चात् उन्‍हें स्‍वतंत्र भारत में विलीन और एकीकृत किया गया। 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के बाद देश में सन् 1952 में पहले आम चुनाव हुए, जिसके कारण … Read more

मध्यप्रदेश विधानसभा

मध्यप्रदेश विधानसभा मध्यप्रदेश विधानसभा संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार, राज्यों में विधान सभा के सदस्यों की  अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 निर्धारित की गई हैं राज्य विधानमंडल को आवंटित सीटें 1971 की जनगणना के आधार पर निर्धारित की गई हैं, जबकि राज्य के अंदर विधान सभा क्षेत्रों का पुनर्गठन वर्ष 2001 की जनगणना के … Read more

वर्तमान मध्यप्रदेश

वर्तमान मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश शासन ने राज्य स्थापना के उपरांत राजकीय प्रतीक चिन्ह अपनाया , उसमें भारत के राजकीय चिन्ह और स्थानीय विशेषताएं दोनों को महत्व दिया गया है। राज्य चिन्ह में सबसे बाहर चैबीस स्तूप हैं। इसके बाद वृत्त है जो सतत तरक्की ओर विकास की असीम संभावनाओं का घोत्तक है। इस वृत के भीतर म.प्र. शासन … Read more

मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के विभाजन के पूर्व

मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के विभाजन के पूर्व स्थापना 1 नवम्बर 1956, भारत के ठीक में स्थित क्षेत्र, पूर्व से पश्चिम 1127 किमी तथा उत्तर से दक्षिण 996 किमी7 राज्यों को – गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र तथ्य विवरण स्थापना 1 नवम्बर 1956 महत्व भारत के ठीक में स्थित क्षेत्र नामकरण देश के मध्य में … Read more

मध्य्रपदेश के संभाग और जिले

मध्य्रपदेश के संभाग और जिले जबलपुर संभाग में कुल आठ जिले हैं। यह क्षेत्रफल में सबसे बड़ा संभाग है। इस संभाग का मुख्यालय जबलपुर है। डिण्डोरी पुनः जबलपुर संभाग में 2012 में शामिल किया गया है। इंदौर संभाग जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा संभाग है। इसका मुख्यालय इंदौर है। इसमें कुल 8 जिले हैं। भोपाल संभाग का मुख्यालय … Read more

मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश

मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश के आधार पर 1956 में गठित किये गए मध्य प्रदेश राज्य में पुराने मध्य प्रदेश का अधिकांश भाग भी शामिल किया गया था। देश में भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की माँग स्वतंत्रता से पहले ही शुरू हो चुकी थी। भारत के प्रमुख राजनीतिक … Read more

स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश

स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश स्वतंत्रता के पूर्व देश के दूसरे क्षेत्रों की तरह आज के मध्यप्रदेश के तौर पर जाने वाला भू-भाग रियासतों एवं ब्रिटिश शासन के अधीन प्रशासित था। स्वतंत्रता के पश्चात् इसी आधार पर राज्यों का निर्माण हुआ। सबसे पहले भाग-ए प्रांत थे, जिसमें ब्रिटिश भारत के सारे सूबे शामिल … Read more

मध्य प्रदेश राज्य का गठन

मध्य प्रदेश राज्य का गठन मध्‍यप्रदेश का गठन (Madhya Pradesh Ka Gathan)         देश के आजाद होने के बाद सभी राज्‍य/रियासतों को चार भागों पार्ट-A, पार्ट-B, पार्ट-C तथा पार्ट-D में बांटा गया था। ऐसे राज्य/रियासतें जो अंग्रेजों के अधीन थे तथा जिन्‍हें ब्रिटिश प्रांत के नाम से जाना जाता था, उन्‍हें पार्ट-A में शामिल किया गया। इसके अलावा पार्ट-B तथा पार्ट-C में देसी रियासतों को … Read more

मध्य प्रदेश जनगणना 2011

मध्य प्रदेश जनगणना 2011 मध्य प्रदेश जनगणना 2011 प्रथम जनगणना 1872 में लार्ड मेयो के कार्यकाल में प्रारंभ  हुई थी। 1881 में लार्ड रिपन के कार्यकाल से लगातार। जनगणना आयुक्त कार्यालय नई दिल्ली में है जिसके महानिदेशक श्री सी चन्द्रमौली हैं। मप्र. की छठी एवं देश की पन्द्रहवी जनगणना 2011 थी। म.प्र. के जनगणना निर्देशक … Read more

मध्यप्रदेश प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं दिनांक वर्ष Madhya Pradesh major historical events date year

मध्यप्रदेश प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं दिनांक वर्ष Madhya Pradesh major historical events date year बुंदेला विद्रोह 1842|Bundela Vidroh 1842 मध्यप्रदेश के इतिहास की प्रमुख घटनाएं बुंदेला विद्रोह , झंडा सत्याग्रह , जंगल सत्याग्रह , चरण पादुका नरसंहार , मध्यप्रदेश में नमक सत्याग्रह , चावल आंदोलन , पंजाब मेल हत्याकांड , भोपाल का जलियांवाला बाग कांड , रनोता … Read more