सौन्दर्यशास्त्र की प्रकृति एवं क्षेत्र पर टिप्पणी लिखिए |
सौन्दर्यशास्त्र की प्रकृति एवं क्षेत्र पर टिप्पणी लिखिए | उत्तर— सौन्दर्यशास्त्र की प्रकृति एवं क्षेत्र–जर्मन विद्वान बाउम गार्टेन द्वारा ‘एस्थेटिक्स’ अर्थात् सौन्दर्यशास्त्र के रूप में एक स्वतंत्र शास्त्र की स्थापना करने के साथ ही ‘एस्थेटिक’ शब्द की परिधि में अनेक धारणाएँ विवादास्पद रूप से विकसित हुई हैं। सौन्दर्यशास्त्र में कलाओं, सम्बद्ध व्यवहार प्रकार तथा अनुभूति … Read more