खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल को चित्र एवं उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल को चित्र एवं उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।  उत्तर—  खाद्य श्रृंखला (Food Chain) — जीव जन्तुओं में जैविक क्रियाओं के संचालन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा शाकाहारी जीव की पादपों से तथा मांसाहारी जीव को अन्य जीव के भक्षण से प्राप्त होती है। इस प्रकार जीवों तथा … Read more

पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताएँ बताइये ।

पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताएँ बताइये ।  उत्तर—  पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताएँ — पारिस्थितिकी तंत्र की निम्न विशेषताएँ होती हैं— (i) पारितन्त्र किसी विशेष जगह तथा समय की इकाई है जिसमें हम उस जगह के सभी जीवधारियों का उनके वातावरण से सम्बन्ध का अध्ययन करते हैं । (ii) पारितन्त्र में तीन प्रकार के तत्त्वों की उपस्थिति … Read more

एक अच्छे परिस्थितिकी पारितंत्र में पर्यावरण का महत्त्व बताइए।

एक अच्छे परिस्थितिकी पारितंत्र में पर्यावरण का महत्त्व बताइए।  उत्तर—  अच्छे पारितन्त्र की आवश्यकताएँ (Requirements of Good Ecosystem) — एक अच्छे पारितन्त्र के लिए अपेक्षित आवश्यकताएँ निम्न प्रकार हैं— (i) पारितंत्र के आवश्यक घटक—पारितंत्र में अजैविक पदार्थ, उत्पादक, उपभोक्ता और विघटक अवश्य रहने चाहिए। (ii) ऊर्जा निरन्तर और पर्याप्त मात्रा में मिलती रहनी चाहिए। यह … Read more

जिम्नास्टिक में कौन-कौनसे व्यायाम किये जाते हैं?

 जिम्नास्टिक में कौन-कौनसे व्यायाम किये जाते हैं?  उत्तर—  जिम्नास्टिक में निम्नलिखित व्यायाम किये जाते हैं— (1) आगे लुढ़कना — यह अत्यन्त सरल व्यायाम है। गद्दे पर दोनों पैर मिलाकर खड़े हो जायें। दोनों हाथ जमीन के समानान्तर सामने फैलायें । घुटनों से थोड़ा झुकें। अब दोनों हथेलियाँ गद्दे पर रखें। गर्दन को भुजाओं के बीच … Read more

शारीरिक शिक्षा की शिक्षण विधियों का वर्णन कीजिए ।

 शारीरिक शिक्षा की शिक्षण विधियों का वर्णन कीजिए ।  उत्तर— शारीरिक शिक्षा की शिक्षण विधियाँ — शारीरिक शिक्षा की शिक्षण विधियों का वर्णन निम्नलिखित प्रकार हैं— (1) अनुकरण विधि— अर्थ – अनुकरण का अर्थ नकल करना या अवलोकित क्रिया का अनुसरण करना होता है। अनुकरण विधि द्वारा शारीरिक शिक्षा देने का अभिप्राय यह है कि … Read more

‘संस्कृतसाहित्ये’ लेखिका: पाठ के आधार पर लेखक के संदेश को स्पष्ट करें।

‘संस्कृतसाहित्ये’ लेखिका: पाठ के आधार पर लेखक के संदेश को स्पष्ट करें। उत्तर– संस्कृतसाहित्ये लेखिका पाठ में लेखक का स्पष्ट संदेश है कि महिला और पुरुष दोनों के योगदान से ही समाज की गाड़ी चलती है। साहित्य में भी दोनों का समान महत्त्व है। इस पाठ में अति प्रसिद्ध लेखिकाओं की चर्चा है, जिन्होंने साहित्यरूपी खजाने … Read more

‘संस्कृत साहित्ये लेखिका: पाठ में लेखक ने क्या विचार व्यक्त किए हैं ?

‘संस्कृत साहित्ये लेखिका: पाठ में लेखक ने क्या विचार व्यक्त किए हैं ? उत्तर– ‘संस्कृतसाहित्ये’ लेखिका पाठ में लेखक का विचार है कि प्राचीन काल से लेकर आज तक महिलाओं ने संस्कृत साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। दक्षिण भारत की महान साहित्यकार महिलाओं ने भी संस्कृत साहित्य को समृद्ध बनाया। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे … Read more

संस्कृतसाहित्य में विजयनगर राज्य के योगदानों का वर्णन करें।

संस्कृतसाहित्य में विजयनगर राज्य के योगदानों का वर्णन करें। उत्तर– विजयनगर राज्य के राजाओं ने संस्कृतसाहित्य के संरक्षण के लिए जो प्रयास किए थे वे सर्वविदित है । उनके अंत:पुर में भी संस्कृत-रचना में कुशल रानियाँ हई। इनमें कम्पणराय की रानी गंगादेवी तथा अच्युताराय की रानी तिरुमलाम्बा प्रसिद्ध हैं। इन दोनों रानियों की रचनाओं में समस्त … Read more

संस्कृतसाहित्य में आधुनिक समय के लेखिकाओं के योगदानों की चर्चा करें।

संस्कृतसाहित्य में आधुनिक समय के लेखिकाओं के योगदानों की चर्चा करें। उत्तर– संस्कृतसाहित्य में आधुनिक समय की लेखिकाओं में पण्डिता क्षमाराव अति प्रसिद्ध हैं। उन्होंने शंकरचरितम्, सत्याग्रहगीता, मीरालहरी, कथामुक्तावली, विचित्र-परिषदयात्रा, ग्रामज्योति इत्यादि अनेक गद्य-पद्य ग्रन्थों की रचना की। वर्तमानकाल में लेखनरत कवियित्रों में पुष्पा दीक्षित, वनमाला भवालकर, मिथिलेश कुमारी मिश्र आदि प्रतिदिन. संस्कृतसाहित्य को समृद्ध कर … Read more

संस्कृतसाहित्य में दक्षिण भारतीय महिलाओं के योगदानों का वर्णन करें।

संस्कृतसाहित्य में दक्षिण भारतीय महिलाओं के योगदानों का वर्णन करें। उत्तर– चालुक्य वंश की महारानी विजयभट्टारिका ने विजयाङ्गा की रचना कर लौकिक संस्कृत साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। लगभग चालीस दक्षिण भरतीय महिलाओं ने एक सौ पचास संस्कृत-काव्यों की रचना की है। इन महिलाओं में गंगादेवी, तिरुमलाम्बा, शीलाभट्टारिका, देवकुमारिका, राम भद्राम्बा आदि प्रमुख हैं। इनकी रचनाएँ … Read more