भारत में विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की शिक्षा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में विकास के पड़ावों पर प्रकाश डालते हुए विस्तारपूर्वक लिखिए।

भारत में विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की शिक्षा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में विकास के पड़ावों पर प्रकाश डालते हुए विस्तारपूर्वक लिखिए। उत्तर – ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में विकास के पड़ाव – ( 1 ) प्राचीन वैदिक काल में अष्टाचक्र दीर्घकालिक एवं गम्भीर अस्थि विकलांगता से ग्रसित थे, लोगों की योग्यता एवं निःशक्तता के भेदभाव के बिना … Read more

सहायक तकनीक को परिभाषित कीजिए। दृष्टि बाधित विद्यार्थियों द्वारा उपयोग की जाने वाली सहायक तकनीकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

सहायक तकनीक को परिभाषित कीजिए। दृष्टि बाधित विद्यार्थियों द्वारा उपयोग की जाने वाली सहायक तकनीकों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। उत्तर- सहायक तकनीक या सहायक उपकरण समावेशी शिक्षा में सहायक उपकरणों का अभिप्राय उन साधनों से है, जो निर्योग्य या समर्थी अधिगमकर्त्ता की पाठ्य सामग्री के संग्रहण में सहायता करते हैं। सहायक उपकरण विशिष्ट बालकों की … Read more

कक्षा में विशेष आवश्यकता वाले अधिगमकर्त्ताओं की व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर अनुक्रियाओं को देने हेतु विभिन्न शिक्षा शास्त्री व्यूह रचनाओं की चर्चा कीजिए।

कक्षा में विशेष आवश्यकता वाले अधिगमकर्त्ताओं की व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर अनुक्रियाओं को देने हेतु विभिन्न शिक्षा शास्त्री व्यूह रचनाओं की चर्चा कीजिए। उत्तर–समावेशी शिक्षा अपने अन्दर विस्तृत पाठ्यक्रम, समायोजन हेतु कक्षागत परिस्थितियों के साथ-साथ समावेशन में सहायता प्रदान करने वाली शिक्षण रणनीतियाँ भी समाए हुए हैं। विशिष्टता पूर्ण बालकों की आवश्यकता की पूर्ति हेतु सामान्य … Read more

दिव्यांगता के मानवाधिकार प्रतिमान की व्याख्या कीजिए।

दिव्यांगता के मानवाधिकार प्रतिमान की व्याख्या कीजिए। उत्तर – दिव्यांगता का मानवाधिकार प्रतिमान (The Human Right Model)–निःशक्तता का मानवाधिकार प्रतिमान निःशक्तता को मानव संस्कृति के एक आवश्यक पहलू के रूप में स्वीकार्य करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी व्यक्तियों को कुछ मूल अधिकार प्राप्त होने चाहिए, जिसका सरोकार उनकी विशिष्ट या विभिन्न … Read more

एकीकृत अथवा समन्वित शिक्षा का क्या महत्त्व है ?

एकीकृत अथवा समन्वित शिक्षा का क्या महत्त्व है ? उत्तर – एकीकृत या समन्वित शिक्षा का महत्त्व- (1) कम खर्चीली–विशिष्ट शिक्षा देने के लिए विशेष अध्यापक, विशेष प्रकार की शिक्षण विधियाँ, विशेष पाठ्यक्रम व विशेष शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है जो काफी खर्चीली होती है। इसके विपरीत समाकलित शिक्षा सामान्य विद्यालयों में प्रदान की … Read more

समावेशी शिक्षा के विभिन्न सिद्धान्त क्या हैं ?

समावेशी शिक्षा के विभिन्न सिद्धान्त क्या हैं ? उत्तर- समावेशी शिक्षा निम्नलिखित सिद्धान्तों पर आधारित हैं – विभिन्नता व्यक्तिगत भिन्नता दो प्रकार की होती है- (i) दो व्यक्तियों में अन्तर और (ii) मनुष्य का स्वयं से भेद होना। (2) माता-पिता का सहयोग- यदि शारीरिक रूप से बाधित बालकों के माता-पिता भी शिक्षण कार्यक्रमों में रुचि … Read more

समावेशी शिक्षा की परिभाषा लिखिए।

समावेशी शिक्षा की परिभाषा लिखिए। उत्तर – समावेशी शिक्षा का तात्पर्य–विद्यालय में सभी बच्चों को उनकी बौद्धिक, भाषायी, सामाजिक, भावनात्मक परिस्थितियों की परवाह किये बिना समायोजित करना ‘समावेशी शिक्षा’ है। इसमें सामान्य विद्यालय में सामान्य तथा बाधित बालकों को एक साथ शिक्षा प्रदान की जाती है। ऐसा करने से, बालकों में हीन भावना न आए … Read more

समावेशी एवं समेकित शिक्षा के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।

समावेशी एवं समेकित शिक्षा के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए। उत्तर – समावेशी एवं समेकित (एकीकृत या समन्वित ) शिक्षा – में अन्तर एकीकृत शिक्षा (1) एकीकृत शिक्षा विशिष्ट बालक एवं सामान्य बालक.    को अलग नहीं करती है। (2) एकीकृत या समन्वित शिक्षा, विशिष्ट शिक्षा का नवीन एवं प्रगतिशील स्वरूप है। (3) इसमें विशिष्ट शिक्षा … Read more

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए –

निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए – (i) खुली पुस्तक परीक्षा (ii) सामयिक कार्य (iii) पोर्टफोलियो (iv) प्रश्न बैंक उत्तर—(i) खुली पुस्तक परीक्षा—केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सिफारिश की है कि छात्रों की व्यक्तिगत शक्तियों की विभिन्न क्षमताओं को पूरा करने हेतु आकलन के लिए विभिन्न साधनों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता … Read more

विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली को स्पष्ट कीजिए।

विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली को स्पष्ट कीजिए। उत्तर- विकल्प (चुनाव ) आधारित क्रेडिट प्रणाली–सन् 1964 में कोठारी आयोग के प्रतिवेदन के पश्चात् कुछ कॉलेजों की स्वायत्तता पर विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ और सन् 1978 के पश्चात् कुछ कॉलेजों को स्वायत्तता प्रदान भी की गई। इन स्वायत्तता कॉलेजों को नए पाठ्यक्रम का निर्माण करने, प्रासंगिक पाठ्यक्रमों का … Read more