सामाजिक विभेदों का सबसे बुरा परिणाम क्या होता है ?
सामाजिक विभेदों का सबसे बुरा परिणाम क्या होता है ? उत्तर- इसका सबसे बुरा परिणाम है देश के विखंडन का प्रारंभ हो जाना । यूगोस्लाविया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
सामाजिक विभेदों का सबसे बुरा परिणाम क्या होता है ? उत्तर- इसका सबसे बुरा परिणाम है देश के विखंडन का प्रारंभ हो जाना । यूगोस्लाविया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
परिवारवाद क्या है ? उत्तर- अधिकांश राजनीतिक दल एवं उसके नेता अपने ही परिवार एवं सगे संबंधियों को राजनीति में लाने के लिए चुनाव के अवसर पर उम्मीदवार बनाते हैं। यही राजनीति में परिवारवाद है। हाल के दशकों में यह परंपरा बनी कि जिस जनप्रतिनिधि के निधन या इस्तीफे के कारण कोई सीट खाली हुई उसके … Read more
जातिवाद की समस्या क्या है ? उत्तर- जातिवाद भारत की एक मुख्य सामाजिक समस्या माना जाता रहा है। जाति-व्यवस्था से ही समाज में ऊँच-नीच की भावना पैदा हुई। कर्म के आधार पर विकसित जाति-व्यवस्था जन्म के आधार को गले लगा ली जिसका समाज पर बुरा प्रभाव पड़ा। आज जातिवाद केवल सामाजिक समस्या ही नहीं राजनीतिक … Read more
सत्ता का विभाजन क्यों आवश्यक है ? उत्तर- सत्ता का विभाजन इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को हिस्सेदारी मिलती है। सभी समूह संतुष्टि महसूस करते हैं, विद्रोह की संभावना कम हो जाती है।
रंग भेद क्या है ? उत्तर- मनुष्यों में गोरे और काले रंग के आधार पर विभेद करना। काले रंगवालों को गोरे रंगवाले लोगों की अपेक्षा कई अधिकारों से वंचित रखना।
संविधान की सर्वोच्चता से आप क्या समझते हैं ? उत्तर- संविधान की सर्वोच्चता संघीय शासन-व्यवस्था की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता है। इसका आशय यह है कि संविधान लिखित, निश्चित तथा स्पष्ट हो। संविधान राज्य की सर्वोच्च विधि है, जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। केन्द्र और इकाइयों के बीच शक्तियों का विभाजन संविधान के द्वारा ही किया … Read more
जाति और नस्ल में क्या अंतर है ? उत्तर- जाति और नस्ल समान नहीं है क्योंकि जाति का आधार सामाजिक होता है और नस्ल का आधार जीवशास्त्री है। किंतु नस्ल जाति की तरह ही काफी हद तक समाजशास्त्रीय और वैधानिक वर्गीकरण है।
बंधुआ मजदूर किसे कहते हैं ? उत्तर- ऋण के बदले अपने श्रम को बंधक बनाने वाला श्रमिक बंधुआ मजदूर कहलाता है। उसकी मजदूरी कर्जदाता की इच्छा से निर्धारित होता है, ताकि कर्ज चुकाना असंभव हो। 1975 ई० में राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के द्वारा बंधुआ मजदूर पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन आज भी बिना रोक-टोक … Read more
लैंगिक असमानता क्या है ? उत्तर- लिंग के आधार पर पुरुषों और स्त्रियों में भेद करना, स्त्रियों को पुरुषों की तुलना में दोयम दर्जे का और हीन’ समझने की भावना लैंगिक असमानता है। लड़कियों को लड़कों की तुलना में कम महत्त्व दिया जाना, शिक्षा, खान-पान, पालन-पोषण में अंतर करना, लड़की को घर की चहारदीवारी में कैद … Read more
विविधता में एकता का क्या अर्थ है ? उत्तर- विविधता लोकतंत्र का एक स्वभाविक गुण है। विविधता में एकता लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक खास विशेषता है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण बेल्जियम है। जब भी भारत की अखंडता खतरे में पड़ जाती है या प्राकृतिक आपदा आती है तो सभी जाति एवं धर्मावलंबियों के लोग आपसी भेद-भाव … Read more