अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों का वातावरण में बढ़ने का मुख्य कारण क्या है ?
अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों का वातावरण में बढ़ने का मुख्य कारण क्या है ? उत्तर ⇒ कल-कारखानों एवं उद्योगों के कारण अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वातावरण में काफी बढ़ गए हैं ।
अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों का वातावरण में बढ़ने का मुख्य कारण क्या है ? उत्तर ⇒ कल-कारखानों एवं उद्योगों के कारण अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वातावरण में काफी बढ़ गए हैं ।
ऐसे दो तरीके बताइये जिनसे अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। उत्तर ⇒ (i) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों का अपघटन नहीं हो पाता है। यह पदार्थ सामान्यतः ‘अक्रिय’ (inert) हैं तथा पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं अथवा पर्यावरण के अन्य सदस्यों को हानि पहुँचाते हैं। (ii) वे खाद्य श्रृंखला में मिलकर जैव आवर्धन … Read more
संख्या का पिरामिड किसे कहते हैं ? उत्तर ⇒ अगर विभिन्न पोषी स्तर के जीवों की संख्या का अवलोकन किया जाय तो एक पिरामिड के सदृश आकृति बनती है जिसे संख्या का पिरामिड (pyramid of numbers) कहा जाता है। सामान्यतः उच्च पोषी स्तर के जीवों को अपनी आवश्यकताओं की आपूर्ति के लिए ज्यादा मात्रा में खाद्य … Read more
ऐरोसॉल रसायन के हानिकारक प्रभाव क्या हैं ? उत्तर ⇒ कुछ सुगंध (perfumes), झागदार शेविंग क्रीम, कीटनाशी, गंधहारक (deodrant) आदि डिब्बों में आते हैं और फुहारा या झाग के रूप में निकलते हैं । इन्हें ऐरोसॉल कहते हैं । इनके उपयोग से वाष्पशील CFC (क्लोरोफ्लोरो कार्बन) वायुमंडल में पहुँचकर ओजोन स्तर को नष्ट करते हैं । … Read more
उपभोक्ता से क्या समझते हैं ? प्राथमिक तथा द्वितीयक उपभोक्ता का उदाहरण दें। उत्तर ⇒ ऐसे जीव जो अपने पोषण के लिए पूर्णरूप से उत्पादकों पर निर्भर रहते हैं, उपभोक्ता कहलाते हैं । सभी जंतु उपभोक्ता की श्रेणी में आते हैं। गाय, भैंस प्राथमिक उपभोक्ता एवं शेर, बाघ द्वितीयक उपभोक्ता के उदाहरण हैं।
निचले पोषी स्तर पर सामान्यतः ऊपरी पोषी स्तर की तुलना में जीवों की संख्या अधिक क्यों रहती है ? उत्तर ⇒ सामान्यत: उच्च पोषी स्तर के जीवों को अपनी आवश्यकताओं की आपति के लिए ज्यादा मात्रा में खाद्य-पदार्थों की जरूरत होती है, अतः निचले पोषी स्तर पर जीवों की संख्या अधिक होती है । अगर विभिन्न … Read more
पारितंत्र में अपघटकों की भूमिका बताइए। उत्तर ⇒ पारितंत्र में कुछ सूक्ष्म जीव जैसे बैक्टीरिया, कवक (Fungi) एवं प्रोटोजोआ पाये जाते हैं। ये सूक्ष्म जीव पौधों एवं जंतुओं के मृत शरीर एवं वयं पदार्थों (excretory substance) का अपघटन करते हैं। अतः ये अपघटक कहलाते हैं। ऐसे जीव पौधों एवं जंतुओं के मृत शरीर एवं वर्ण्य पदार्थों … Read more
ओजोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है ? उत्तर ⇒ ओजोन (03) के अणु ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बनते हैं। यह वायुमंडल के ऊपरी सतह में पाया जाता है । यह सूर्य से आने वाली पराबैंगनी विकिरण से पृथ्वी को सुरक्षा प्रदान करती है । यही पराबैंगनी विकिरण जीवों … Read more
आहार-जाल से क्या समझते हैं ? उत्तर ⇒ पारिस्थितिक तंत्र में सामान्यतः एक साथ कई आहार श्रृंखलाएँ हमेशा सीधी न होकर एक-दूसरे से आड़े-तिरछे जुड़कर एक जाल जैसी संरचना बनाती हैं। किसी भी पारितंत्र में आहार ‘शृंखला का यह जाल आहार-जाल कहलाता है।
आहार श्रृंखला को परिभाषित करें। उत्तर ⇒ पारिस्थितिक तंत्र के सभी जैव घटक शृंखलाबद्ध तरीके से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं तथा अन्योन्याश्रय संबंध रखते हैं । यह श्रृंखला आहार श्रृंखला कहलाती है। (सूर्य) (पेड़-पौधे) (हिरन) (बाघ) सौर ऊर्जा → उत्पादक → प्राथमिक → द्वितीयक उपभोक्ता उपभोक्ता