समजातीय श्रेणी किसे कहते हैं ?

समजातीय श्रेणी किसे कहते हैं ? उत्तर⇒कार्बन के यौगिकों का एक ऐसा समूह होता है जिसकी संरचनाएँ तथा रासायनिक गण समरूप होती हैं तथा दो क्रमागत सदस्यों के बीच CH.का अन्तर हाता हे समजातीय श्रेणी कहते हैं। उदाहरण – एल्कन्स का समजातीय श्रेणी CH4 .C2H6 . C3H8 आदि है जिसके क्रमागत सदस्यों के बीच सदा  -CH2 का अन्तर है।

क्या आप डिटर्जेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है या नहीं ?

क्या आप डिटर्जेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है या नहीं ? उत्तर⇒अपमार्जक (डिटर्जेंट) लंबी कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं। इन यौगिकों का आवेशित सिरा कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम एवं मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते हैं। कठोर जल में भी अपमार्जक … Read more

कार्बनिक यौगिकों के क्वथनांक और गलनांक कम होते हैं, इससे इनकी प्रकृति के बारे में क्या कहा जा सकता है ?

कार्बनिक यौगिकों के क्वथनांक और गलनांक कम होते हैं, इससे इनकी प्रकृति के बारे में क्या कहा जा सकता है ? उत्तर⇒कार्बनिक यौगिकों के क्वथनांक और गलनांक निम्न होने का कारण है कि इन यौगिकों के अणुओं के बीच प्रबल बंधन नहीं होते हैं। अतः बंधन बनाने के लिए आयनों का निर्माण नहीं करता है।

कार्बन के कितने अपरूप हैं। इनमें से कौन अधिक कठोर और कौन मुलायम है ?

कार्बन के कितने अपरूप हैं। इनमें से कौन अधिक कठोर और कौन मुलायम है ? उत्तर⇒कार्बन के मुख्यतः दो अपरूप हैं हीरा और ग्रेफाइट। हीरा काफी कठोर और ग्रेफाइट मुलायम होता है। हीरे का उपयोग गहना बनाने में और ग्रेफाइट का उपयोग लुब्रीकेंट के रूप में होता है।

कार्बन के दो गण-धर्म कौन-से हैं जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है ?

कार्बन के दो गण-धर्म कौन-से हैं जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है ? उत्तर⇒कार्बन की चतु: संयोजकता तथा शृंखलन दो ऐसे विशिष्ट गण हैं जिनके चलते कार्बन यौगिकों की संख्या अधिक है।

कार्बन यौगिकों के तीन रासायनिक गुणधर्मों का उपयुक्त रासायनिक अभिक्रिया के साथ उल्लेख करें।

कार्बन यौगिकों के तीन रासायनिक गुणधर्मों का उपयुक्त रासायनिक अभिक्रिया के साथ उल्लेख करें। उत्तर⇒ (i) कार्बन यौगिक ऑक्सीकरण अभिक्रिया के फलस्वरूप ऊष्मा एवं प्रकाश उत्पन्न करते हैं। CH4 + 02    →    CO2+ H2O + ऊष्मा + प्रकाश   CH3CH2OH + 02  →    CO2 + H2O + ऊष्मा + प्रकाश (ii) एथनॉइक अम्ल क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया कर … Read more

कार्बनिक यौगिकों की संख्या इतनी अधिक क्यों है ?

कार्बनिक यौगिकों की संख्या इतनी अधिक क्यों है ? उत्तर⇒क्योंकि कार्बन परमाणु अन्य परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉनों को साझा कर यौगिक बनाते हैं। यही कारण है कि कार्बनिक यौगिकों की संख्या इतनी अधिक है।

कार्बनिक यौगिकों के कुछ गुणों को लिखें।

कार्बनिक यौगिकों के कुछ गुणों को लिखें। उत्तर⇒कार्बनिक यौगिकों के निम्नांकित गुण हैं- (i) अधिकांश कार्बनिक यौगिक अच्छे विद्युत के चालक नहीं होते हैं। (ii) इनके गलनांक एवं क्वथनांक निम्न होते हैं। (iii) इनके परमाणुओं के बीच प्रबल आकर्षण बल नहीं होते हैं। (iv) इन यौगिकों के आबंध से आयन की उत्पत्ति नहीं होती है। (v) ये जल में घुलनशील … Read more

अयस्क और खनिज में अंतर लिखिए।

अयस्क और खनिज में अंतर लिखिए। उत्तर⇒ खनिज-धातुओं के प्राकृत यौगिक रूप को खनिज कहते हैं । अधिकांश धातुएँ हमें यौगिकों के रूप में ही प्राप्त होती हैं, जैसे-ताँबा हमें पाइराइट या क्यूपराइट से प्राप्त होता है। अयस्क-जिन पदार्थों (खनिजों) से धातु का निष्कर्षण सरल हो उन्हें अयस्क कहते हैं, जैसे- ऐलुमिनियम का अयस्क बॉक्साइट है … Read more