दो आंखों की क्या उपयोगिता है ?

दो आंखों की क्या उपयोगिता है ? उत्तर  ⇒ वस्तु को दो आंखों से देखने की उपयोगिता निम्न है ? (i) वस्तु की दूरी का अंदाजा ठीक लगाया जा सकता है । (ii) वस्तु त्रिदिशाओं का प्रभाव ठीक से प्राप्त किया जा सकता है । (iii) दोनों आंख एक दूसरे को सेकंड के एक भाग के … Read more

तारे टिमटिमाते हैं, किन्तु ग्रह नहीं टिमटिमाते हैं। क्यों ?

तारे टिमटिमाते हैं, किन्तु ग्रह नहीं टिमटिमाते हैं। क्यों ? उत्तर⇒ग्रह तारों की अपेक्षा हमारे बहुत समीप हैं। अतः इनसे इतना पर्याप्त प्रकाश मिलता है कि वायुमण्डलीय परतों के घनत्वों के अस्थायित्व के प्रभाव के चलते प्राप्त किरणों की संख्या में अपेक्षाकृत कम ही कमी आती है और वे लगभग स्थायी रूप में चमकते दिखते … Read more

प्रधान फोकस और फोकस में क्या अंतर है ?

प्रधान फोकस और फोकस में क्या अंतर है ? उत्तर⇒प्रधान फोकस दर्पण के प्रधान अक्ष पर पाया जाता है। लेकिन प्रकाश की समांतर किरणें दर्पण से परावर्तित होने के बाद एक बिंदु पर फोकसित होती हैं। यह बिंदु फोकस कहलाता है। यह जरूरी नहीं है कि फोकस दर्पण के प्रधान अक्ष पर ही पड़े।

नई कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार गोलीय लेंस में आवर्धन किस प्रकार बदलता है ?

नई कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार गोलीय लेंस में आवर्धन किस प्रकार बदलता है ? उत्तर⇒ किसी उत्तल लेंस के प्रकरण में आवर्धन जब प्रतिबिम्ब आभासी होता है तब धनात्मक तथा जब प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है तब ऋणात्मक होता है। किसी अवतल लेंस के प्रकरण में आवर्धन अवतल लेंस द्वारा सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बनाने के कारण … Read more

विवर्तन क्या है ?

विवर्तन क्या है ? उत्तर⇒ यदि प्रकाश के पथ में रखी अपारदर्शी वस्तु अत्यन्त छोटी हो, तो प्रकाश सरल रेखा में चलने की बजाय इसके किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है इस प्रभाव को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।

पाश्विक विस्थापन से आप क्या समझते हैं ? अथवा, काँच के आयताकार झिल्ली में अपवर्तन के दो किरणों को दिखावें।

पाश्विक विस्थापन से आप क्या समझते हैं ? अथवा, काँच के आयताकार झिल्ली में अपवर्तन के दो किरणों को दिखावें। उत्तर⇒किसी स्लैब से होकर गुजरने वाली किरण के लिए आपतित किरण और निर्गत किरण एक दूसरे के समांतर होती हैं। इन दोनों किरणों के बीच की लाम्बिक दूरी को पाश्विक विस्थापन कहते हैं।

किरण क्या है ?

किरण क्या है ? उत्तर⇒ प्रकाश के बिन्दु पथ को किरण कहते हैं। किरण तीन प्रकार के होते हैं — संसृत किरण पुंज, अपसृत किरण ज और समांतर किरण पुंज। परवलयिक दर्पण संसृत किरण पुंज उत्पन्न करता है। उत्तल दर्पण द्वारा अपसृत किरण पुंज और समतल दर्पण द्वारा समांतर किरण पुंज उत्पन्न होता है।

अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं, क्यों ?

अवतल लेंस को अपसारी लेंस कहते हैं, क्यों ? उत्तर⇒अवतल लेंस के द्वारा समांतर प्रकाश की किरणें आपतन के बाद अपवर्तित होकर आपस में फैलती जाती हैं। यानी अवतल लेंस प्रकाश के समांतर किरणों को अपसरित कर देता है। अवतल लेंस को इसी गुण के कारण अपसारी लेंस कहते हैं।

सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है ?

सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ क्यों प्रतीत होता है ? उत्तर⇒क्षितिज के समीप नीले तथा कम तरंगदैर्घ्य के प्रकाश का अधिकांश भाग कणों द्वारा प्रकीर्ण हो जाता है। इसलिए हमारे नेत्रों तक पहुँचने वाला प्रकाश अधिक तरंगदैर्घ्य का होता है। इससे सूर्योदय या सूर्यास्त के समय सूर्य रक्ताभ प्रतीत होता है।

बिना स्पर्श के उत्तल लेंस, अवतल लेंस तथा काँच के वृत्ताकार प्लेट की पहचान कैसे की जाती है ?

बिना स्पर्श के उत्तल लेंस, अवतल लेंस तथा काँच के वृत्ताकार प्लेट की पहचान कैसे की जाती है ? उत्तर⇒दोनों तरह के लेंसों और काँच की प्लेट को बारी-बारी से अपने हाथ से पकड़कर किसी पुस्तक के छपे पृष्ठ के निकट लाते हैं और इनसे होकर छपे अक्षरों को देखते हैं – (i) यदि पुस्तक के … Read more