द्विविस्थापन अभिक्रिया से क्या समझते हैं ? एक उपयुक्त रासायनिक समीकरण देकर इसकी पुष्टि कीजिए।
उत्तर ⇒ वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। एक परखनली में सोडियम सल्फेट का विलयन लिया जाता है। पुनः उतनी मात्रा में बेरियम क्लोराइड का विलयन लेकर उसमें मिला दिया जाता है। देखने पर एक श्वेत रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप कहा जाता है।
ऐसा इसलिए होता है कि Ba2+ तथा SO4 2 की अभिक्रिया से BaSO4 का अवक्षेप का निर्माण होता है।
एक अन्य उत्पाद सोडियम क्लोराइड का भी निर्माण होता है जो विलयन में ही रहता है।

