ऊर्जा संकट दूर करने के लिए ऊर्जा के किन स्रोतों को विकास करने की आवश्यकता है ? इसके लिए कौन से प्रयास किया रहे हैं ?
उत्तर ⇒ भारत में परंपरागत ऊर्जा के साधन सीमित हैं और दिनों दिन विधुत की माँग कृषि , उद्योग परिवहन तथा दैनिक जीवन में बढ़ती जा रही है। अत: विधुत का उत्पादन बढ़ाना आवश्यक हो गया है। इसके लिए उर्जा के गैर-परंपरागत स्रोतों को विकसित करने कीआवश्यकता है। इसके लिए आयोग बनाये गये और परागत ऊर्जा स्रोत विभाग स्थापित किए गए हैं। इस दिशा में अन्य ऊर्जा जों की खोज की जा रही है। इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, जैविक उर्जा तथा अपशिष्ट पदार्थ से उत्पन्न ऊर्जा को विकसित करने पर बल दिया जा रहा है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट स्थापित कर ऊर्जा की प्राप्ति जाती हैं । आजकल शहरों में भी सड़कों पर रोशनी के लिए बायोगैस का प्रयोग किया जा रहा है।
