हृदय में कपाटों की क्या आवश्यकता है ?
उत्तर ⇒ मनुष्य तथा मैमेलिया वर्ग के अन्य जंतुओं के हृदय में चार वेश्म दो बायाँ एवं दायाँ अलिंद तथा दो बायाँ एवं दायाँ निलय होते हैं। दायाँ अलिंद, दाएँ निलय में तथा बायाँ अलिद बाए निलय में खुलता है। इनके खलने के स्थान से त्रिदली एवं द्विदली कपाट क्रमशः लगे होते हैं, जो पुनः रक्त को वापस नहीं आने देते तथा उनमें शद्ध एवं अशुद्ध रक्त को आपस में मिलने से रोकते हैं। अतः शद्ध एवं अशद्ध रक्त आपस में मिले नहीं इसके लिए हृदय में कपाटों की आवश्यकता अनिवार्य है।
