रचनात्मक आकलन का वर्णन कीजिए।

रचनात्मक आकलन का वर्णन कीजिए। उत्तर- रचनात्मक आकलन-सन् 1968 में बैंजामिन ब्लूम ने पुस्तक ‘Learning for mastery’ में इस प्रत्यय अर्थात् रचनात्मक आकलन (मूल्यांकन) के बारे में बताया कि यह शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में छात्रों के सुधार के लिए एक उपकरण जैसा प्रयोग किया जाता है। दूसरे शब्दों में, शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षण की पाठ्यवस्तु … Read more

आकलन का क्या अर्थ है ?

आकलन का क्या अर्थ है ? उत्तर-आकलन का अर्थ ‘आकलन’ दो शब्दों से मिलकर बना है-‘मूल्य’ और ‘अंकन’। इस प्रकार आकलन का शाब्दिक अर्थ हुआ छात्र के गुण-दोषों की व्याख्या करके उसके सम्बन्ध में उचित निर्णय करना अथवा उसके यथार्थ मूल्य का निर्धारण करना। बालक को जो शिक्षा दी जाती है, उसके कुछ उद्देश्य होते … Read more

धर्म एवं जेण्डर के बीच सम्बन्ध की व्याख्या कीजिए।

धर्म एवं जेण्डर के बीच सम्बन्ध की व्याख्या कीजिए। उत्तर – आदिकाल से मनुष्य धर्म को मानता आ रहा है तथा प्रत्येक व्यक्ति जीवन के किसी-न-किसी क्षण में ऐसा कार्य करता है, जिसे धर्म की संज्ञा दी जा सकती है। धर्म का क्षेत्र और अर्थ इतना व्यापक है जितना मनुष्य का जीवन और अप्रत्यक्ष दृष्टि। … Read more

स्त्री शिक्षा के लक्ष्य एवं उद्देश्यों की ।

स्त्री शिक्षा के लक्ष्य एवं उद्देश्यों की । उत्तर—स्त्री शिक्षा के उद्देश्य—स्त्री शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य  हैं- (1) स्त्रीत्व को बनाये रखने की दीक्षा, शिक्षा और वातावरण की व्यवस्था स्त्री का स्त्रीत्व उसकी लज्जा-शीलता और विनम्रता परन्तु निर्भीकता में सन्निहित होता है। यह सब तभी सम्भव है, जब उन्हें स्त्रियोचित कर्त्तव्यों से परिचित कराया जाए। … Read more

भारत में दहेज प्रथा का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।

भारत में दहेज प्रथा का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए। उत्तर—दहेज प्रथा-प्राचीन समय में माता-पिता जब बेटी का विवाह करते थे तो यह सोच कर कि वह नए घर में संकोच करेगी, उसकी जरूरत का सामान उसके साथ भेजते थे। यह माता-पिता का सन्तान के प्रति वात्सल्य का प्रदर्शन था। धीरे-धीरे दिखावे ने जोर पकड़ा और यह … Read more

जेण्डर के संघर्ष के स्थान को उदाहरण सहित वर्णन कीजिए |

जेण्डर के संघर्ष के स्थान को उदाहरण सहित वर्णन कीजिए | उत्तर-  दो या दो से अधिक (परस्पर विरोधी प्रकृति की) या आवश्यकताएँ व्यक्ति में उत्पन्न हो तथा एक की पूर्ति दूसरे में बाधा उत्पन्न करे तो ऐसी अवस्था को संघर्ष कहते हैं। मानव जीवन मैं आरम्भ से ही संघर्ष की परिस्थितियाँ जन्म लेती रहती … Read more

नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए।

नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए। उत्तर –  नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति-उन्नीसवीं सदी के मध्यकाल से लेकर इक्कीसवीं सदी तक आते-आते पुनः महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ और महिलाओं ने शैक्षिक, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, प्रशासनिक, खेलकूद आदि विविध क्षेत्रों में उपलब्धियों के नए आयाम तय किये। आज महिलाएँ … Read more

बालिका शिक्षा भारत में वर्तमान समय में क्यों ‘जरूरी है ?

बालिका शिक्षा भारत में वर्तमान समय में क्यों ‘जरूरी है ? उत्तर  – भारत में स्त्री शिक्षा की आवश्यकता के कारणकिसी भी समाज या राष्ट्र में स्त्री-पुरुष दोनों की शिक्षा की आवश्यकता है। शिक्षा के अभाव में किसी भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता है इसलिए भारत में स्त्री शिक्षा की … Read more

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुख्य कार्य क्या है ?

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुख्य कार्य क्या है ? उत्तर- आयोग  के कार्य और अधिकार के कार्यों में संविधान तथा अन्य कानूनों के अन्तर्गत महिलाओं के लिए उपबंधित सुरक्षा उपायों की जाँच और परीक्षण करना है। साथ ही उनके प्रभावकारी कार्यान्वयन के उपायों पर सरकार को सिफारिश करना और संविधान तथा महिलाओं के प्रभावित करने … Read more

ट्रांसजेण्डर के मुख्य मुद्दों को लिखिए।

ट्रांसजेण्डर के मुख्य मुद्दों को लिखिए। उत्तर-ट्रांसजेण्डर के मुद्दे ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से उनकी कुछ भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक अवस्था से सम्बन्धित मुद्दे निम्नलिखित प्रकार हैं (1) लिंग डिस्फोरिया— जेण्डर डिस्फोरिया को लैंगिक अवसाद भी कहते हैं। जेण्डर डिस्फोरिया में व्यक्ति को स्वयं की शारीरिक एवं मानसिक बनावट में अन्तर दिखाई पड़ता है। … Read more