‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए।

‘हमारी नींद के बावजूद’ की व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी पाठ्य-पुस्तक के ‘हमारी नींद’ नामक शीर्षक से उद्धृत है। इस अंश में हिन्दी काव्यधारा के समसामयिक कवि वीरेन डंगवाल ने वैसे लोगों का चित्रण किया है जो आरामतलबी जीवन पसंद करते हैं। प्रस्तुत अंश में कवि कहते हैं कि जीवनक्रम कभी रुकता … Read more

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।

वीरेन डंगवाल रचित ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत करें। उत्तर :- हम नींद में सोते हैं, इसका यह अर्थ कतई नहीं होता कि सृष्टि का विकास क्रम रूक गया है। हमारी नींद में भी प्रकृति का विकासक्रम अग्रसर होता है। हमारे सोने और जागने के बीच पेड़ कुछ इंच बढ़ … Read more

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए।

कविता में एक शब्द भी ऐसा नहीं है जिसका अर्थ जानने की कोशिश करनी पड़े। यह कविता की भाषा की शक्ति है या सीमा ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- के आलोक में यह स्पष्ट जाहिर होता है कि यह भाषा की शक्ति है क्योंकि भाषा को किसी सीमा में बाँधकर रखना भाषा के विकास पर … Read more

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ?

‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता में कवि ने किन अत्याचारियों का जिक्र किया है, और क्यों ? उत्तर :- कवि यहाँ उन अत्याचारियों का जिक्र करता है जो हमारी सविधाभोगी. आरामपसंद जीवन से लाभ उठाते हैं। हमारी बेपरवाहियों के बाहर विपरीत परिस्थितियों से लगातार लड़ते हुए बढ़ते जाने वाले जीवित नहीं रह पाते हैं और इस … Read more

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ?

कवि गरीब बस्तियों का क्यों उल्लेख करता है ? उत्तर :- कवि गरीब बस्तियों के उल्लेख के माध्यम से कहना चाहता है कि जहाँ के लोग दो जून रोटी के लिए काफी मसक्कत करने के बाद भी तरसते हैं वहाँ पूजा-पाठ, देवी जागरण जैसा महोत्सव कुछ स्वार्थी लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए गरीब … Read more

मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ?

मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का क्या आशय है ? उत्तर :- मक्खी के जीवन-क्रम का कवि द्वारा उल्लेख किये जाने का आशय है निम्न स्तरीय जीवन की संकीर्णता को दर्शाना । सृष्टि में अनेक जीवन-क्रम चलता रहता है। वह जीवन-क्रम की व्यापकता को लेकर कर्मठता और अकर्मठता का बोध : … Read more

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए।

“हमारी नींद’ कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है। उसे स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि वीरेन डंगवाल ने मानव जीवन का एक बिंब उपस्थित किया है। सुविधाभोगी-आरामपसंद जीवन नींदरूपी अकर्मण्यता की चादर से अपने-आपको ढंककर जब सो जाता है तब भी प्रकृति के वातावरण में … Read more

इनकार करना न भूलने वाले कौन हैं ? कवि का भाव स्पष्ट कीजिए।

इनकार करना न भूलने वाले कौन हैं ? कवि का भाव स्पष्ट कीजिए। उत्तर :- आज भी हमारे समाज में कुछ ऐसे हठधर्मी हैं जो संवैधानिक और वैधानिक स्तर पर कई गलतियाँ कर जाते हैं लेकिन अपनी भूलें या गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं। वे साफ तौर पर अपनी भूल को इनकार कर देते … Read more

‘हमारी नींद’ कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालें।

‘हमारी नींद’ कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालें। उत्तर :- यहाँ शीर्षक विषय-वस्तु प्रधान हैं। शीर्षक छोटा है और आकर्षक भी है। इसका शीर्षक पूर्णरूप से केन्द्र में चक्कर लगाता है, जहाँ शीर्षक सुनकर ही जानने की इच्छा प्रकट हो जाती है। अत: सब मिलाकर शीर्षक सार्थक है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे … Read more

निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट करे :

निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट करे : “धूप में वारिश में; गर्मी में सर्दी में हमेशा चौकन्ना; अपनी खाकी वर्दी में” उत्तर :- कवि ने इन पंक्तियों में एक बूढ़ा वृक्ष को युगों-युगों का प्रहरी मानते हुए सभ्यता-संस्कृति की रक्षा हेतु मानव को जगाने का प्रयास किया है। कवि की कल्पना ने वृक्ष को … Read more