पाली बदलने पर बच्चों की खुशी, माता-पिता की नाखशी का कारण क्या था? ‘नगर’ शीर्षक कहानी के आधार पर बतायें।

पाली बदलने पर बच्चों की खुशी, माता-पिता की नाखशी का कारण क्या था? ‘नगर’ शीर्षक कहानी के आधार पर बतायें। उत्तर – बच्चों के निष्कलुष हृदय में अपनी दादी के लिए प्यार है। अत: पाली बदलने पर बच्चे हर्षित होकर उसके पास आते और कहते-“दादीजी, कल से आप हमारे घर खाना खायेंगी, हम साथ ही … Read more

सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ?

सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ? उत्तर- सीता विधवा होने के बाद बेटे और बहुओं से उपेक्षित हो गई है। बात-बात पर उसे मात्र दो रोटियों के लिए ताने सुनने पड़ते हैं। इससे वह सर्वदा अपमानित महसूस करती है । उसे लगता है कि धरती आकाश सिमटकर बहत छोटा हो … Read more

सीता अपनी स्थिति को किससे तुलना करती है ?

सीता अपनी स्थिति को किससे तुलना करती है ? उत्तर—बच्चों का खेल-‘माई-माई रोटी दे’। भिखारिन आती है और कहती है-“माई-माई रोटी दे” अन्दर से उत्तर मिलता है-यह घर छोड़ दूसरे घर जा। सीता भी अपने को उस भिखारिन जैसी मानती है। इसे भी महीना पूरे होते ही वही आदेश सुनाई देता है। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

सीता क्या सोचकर घर से निकल पड़ी ?

सीता क्या सोचकर घर से निकल पड़ी ? उत्तर –प्रतिमाह 50-50 रु० देने की बात सुनकर सीता को हार्दिक पीड़ा हुई। उसने सोचा कि जब मुझे मजदूरी ही करनी है तो कहीं भी कर लूँगी और रोटी खा लँगी। यही सोचकर वह घुटन में घर से निकल पड़ी। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

“इस समय उसकी आँखों के आगे न तो अँधेरा था और न ही उसे धरती और आकाश के बीच घुटन हुई।’ सप्रसंग व्याख्या करें।

“इस समय उसकी आँखों के आगे न तो अँधेरा था और न ही उसे धरती और आकाश के बीच घुटन हुई।’ सप्रसंग व्याख्या करें। उत्तर – प्रस्तुत पंक्तियाँ सिद्धहस्त कथाकार सांवर दइया की लेखनी से स्यूत ‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी से उद्धत हैं।  बेटे और बहुओं के विषाक्त वातावरण में रहते सीता प्रायः अर्द्धविक्षुब्ध … Read more

‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता सिद्ध करें।

‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता सिद्ध करें। उत्तर- इस कहानी का शीर्षक ‘धरती कब तक घूमेगी’ घटना-प्रधान है । सीता अपने बेटों और उनसे अधिक बहुओं का विष सहते-सहते परेशान हो जाती है। उसे अपना पूर्व का जीवन स्मरण हो आता है। उसने आकाश की ओर दृष्टि उठाकर देखी और फिर … Read more

सीता का चरित्र चित्रण करें ।

सीता का चरित्र चित्रण करें । उत्तर–सीता एक विधवा पर सहिष्णु महिला थी। वह बहुओं की विषाक्त बातों का कभी उत्तर नहीं देती। वह अपने हृदय को पत्थर कर अपने ही घर में विराना बनकर रह रही थी। बेटों ने उसे एक-एक महीने पाली पर रखा तो वह कुछ। नहीं बोली पर जब उसे 50 … Read more

नगर शीर्षक कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें।

नगर शीर्षक कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें। उत्तर- ‘नगर’ शीर्षक कविता प्रतीक रूप में है। बल्लि अम्माल अपनी पुत्री को लेकर बड़े शहर मदुरै जाती है तो मरनासन है। नगर के लोग रुखे व्यवहार के है।  उसे एक स्थान पर खड़ा होकर रोने भी नहीं देते। गाँव में एक-दूसरे का ख्याल रखते … Read more

बड़े डॉक्टर ने अपने अधीनस्थ डॉक्टरों से पाप्पाति को अस्पताल में भर्ती कर लेने के लिए क्यों कहा ? विचार करें।

बड़े डॉक्टर ने अपने अधीनस्थ डॉक्टरों से पाप्पाति को अस्पताल में भर्ती कर लेने के लिए क्यों कहा ? विचार करें। उत्तर- मदुरै अस्पताल के बड़े डॉक्टर ने पाप्पाति की अच्छी तरह परीक्षा करने से के बाद ‘एक्यूट केस ऑफ मेनिनजाइटिस’ रोग निर्णय किया, जो खतरनाक था। अतः उसने अपने अधीनस्थ डॉ० धनशेखरन को तुरंत … Read more

बड़े डॉक्टर ने अस्पताल के बाबू को क्यों डाँटा ?

बड़े डॉक्टर ने अस्पताल के बाबू को क्यों डाँटा ? उत्तर-जब बड़े डॉक्टर को कहा गया कि उसे कल साढ़े सात बजे बुलाया गया है तो वह क्रोधित हो उठा क्योंकि वह पाप्पाति का परीक्षण कर रोग की गंभीरता जान चुका था। उसने सोचा कि बिना चिकित्सा के तो वह सुबह तक मर जायेगी। अतः … Read more