चंद्रगुप्त मौर्य तथा अशोक के समय पाटलिपुत्र कैसा नगर था ?

चंद्रगुप्त मौर्य तथा अशोक के समय पाटलिपुत्र कैसा नगर था ? उत्तर- चन्द्रगुप्त मौर्य के समय पाटलिपुत्र की रक्षा-व्यवस्था काफी मजबूत थी। यह सुंदर नगर था। अशोक के शासनकाल में इस नगर का वैभव और अधिक समृद्ध हुआ । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here Facebook पर फॉलो करे – Click Here … Read more

पाटलिपुत्र को शिक्षा का प्राचीन केंद्र क्यों माना जाता है ?

पाटलिपुत्र को शिक्षा का प्राचीन केंद्र क्यों माना जाता है ? उत्तर- राजशेखर-रचित काव्यमीमांसा ‘काव्य’ से हमें जानकारी मिलती है कि पाटलिपुत्र शिक्षा का एक प्राचीन केंद्र था। यहाँ संस्कृत के अनेक विद्वान हुए । पाणिनी, पिङ्गल, वररुचि तथा पतञ्जलि की परीक्षा यहीं ली गई थी और यहीं उन्होंने ख्याति प्राप्त की थी। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

कवि दामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र कैसा नगर है ?

कवि दामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र कैसा नगर है ? उत्तर- कवि दामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र (पटना) महानगर पृथ्वी पर बसे नगरों में श्रेष्ठ है। यहाँ सरस्वती के वंशज यानि विद्वान लोग वसते हैं। कवि ने इस महानगर की तुलना इन्द्र की भरी-पुरी नगरी से की है। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram ग्रुप … Read more

पाटलिपुत्रवैभवम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें।

पाटलिपुत्रवैभवम् पाठ का पाँच वाक्यों में परिचय दें। उत्तर- इसमें बिहार की राजधानी पटना के प्राचीन महत्त्व का निरूपण करने के साथ ऐतिहासिक परम्परा से आधुनिक राजधानी के प्रसिद्ध स्थलों का भी निरूपण किया गया है। इस पाठ को कण्ठाग्र करके छात्र किसी वाक्–प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकते हैं। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. Telegram … Read more

पाटलिपुत्र नगर के वैभव का वर्णन करें।

पाटलिपुत्र नगर के वैभव का वर्णन करें। उत्तर- पाटलिपुत्र प्राचीनकाल से ही अपनी वैभव परम्परा के लिए विख्यात रही है। विदेशी यानी लोग आकर अपने संस्मरणों में यहाँ की अनेक उत्कृष्ट सम्पदाओं का वर्णन किया है । मेगास्थनीज ने लिखा है कि चन्द्रगुप्तमौर्य काल में यहाँ की शोभा और रक्षा व्यवस्था अति उत्कृष्ट थी अशोक काल … Read more

प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में पाटलिपुत्र की ख्याति किस रूप में थी ?

प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में पाटलिपुत्र की ख्याति किस रूप में थी ? उत्तर- प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में और पुराणों में पाटलिपुत्र का नाम पुष्पपुर या कुसुमपुर माना जाता है। इस नगर के समीप पाटल पुष्पों का उत्पादन होता था । सभवतः पाटलिपुत्र शब्द भी यहाँ पाटल पुष्पों के पल्लवित होने के कारण प्रचारित है । शरत … Read more

उपनिषद् को आध्यात्मिक ग्रंथ क्यों कहा गया है ?

उपनिषद् को आध्यात्मिक ग्रंथ क्यों कहा गया है ? उत्तर – उपनिषद् एक आध्यात्मिक ग्रंथ है, क्योंकि यह आत्मा और परमात्मा के संबंध के बारे में विस्तृत व्याख्या करता है। परमात्मा संपूर्ण संसार में शांति स्थापित करते हैं। सभी तपस्वियों का परम लक्ष्य परमात्मा को प्राप्त करना ही है । हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे .. … Read more

मंगलम् पाठ के आधार पर आत्मा की विशेषताएँ बतलाएँ।

मंगलम् पाठ के आधार पर आत्मा की विशेषताएँ बतलाएँ। उत्तर –मंगलम् पाउ में संकलित कठोपनिषद् से लिए गए मंत्र में महर्षि वेदव्यास कहते हैं कि प्राणियों की आत्मा हृदयरूपी गुफा में बंद है। यह सूक्ष्म से सूक्ष्म और महान-से-महान है। इस आत्मा को वश में नहीं किया जा सकता है। विद्वान लोग शोक-रहित होकर परमात्मा … Read more

मंगलम् पाठ के आधार पर सत्य की महत्ता पर प्रकाश डालें।

मंगलम् पाठ के आधार पर सत्य की महत्ता पर प्रकाश डालें। उत्तर – सत्य की महत्ता का वर्णन करते हुए महर्षि वेदव्यास कहते हैं कि हमेशा सत्य की ही जीत होती है। मिथ्या कदापि नहीं जीतता । सत्य से ही देवलोक का रास्ता प्रशस्त है । मोक्ष प्राप्त करने वाले ऋषि लोग सत्य को प्राप्त करने … Read more

विद्वान पुरुष ब्रह्म को किस प्रकार प्राप्त करता है ?

विद्वान पुरुष ब्रह्म को किस प्रकार प्राप्त करता है ? उत्तर – मुण्डकोपनिषद् में महर्षि वेद-व्यास का कहना है कि जिस प्रकार बहती हुई नदियाँ अपने नाम और रूप अर्थात् व्यक्तित्व को त्यागकर समुद्र में मिल जाती हैं उसी प्रकार महान पुरुष अपने नाम और रूप, अर्थात् अहप को त्यागकर ब्रह्म को प्रात कर लेता है। … Read more