निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये—

 निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये— (अ) बालक के अधिगम में वृद्धि हेतु अध्यापक द्वारा परावर्तन (ब) बालक के स्व में परिवर्तन के कारण उत्तर— (अ) बालक के अधिगम में वृद्धि हेतु अध्यापक द्वारा परावर्तन–शिक्षक अपने शिक्षण व अधिगम को उन्नत बनाने के लिए कुछ प्रश्न पूछ सकता है जो परावर्तन में सहायक हो सकते हैं— … Read more

स्व-पहचान के विभिन्न कारकों का वर्णन करते हुए स्व-पहचान के निर्माण में एरिक्सन के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए ।

 स्व-पहचान के विभिन्न कारकों का वर्णन करते हुए स्व-पहचान के निर्माण में एरिक्सन के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए । उत्तर— स्व-पहचान के कारक – स्व-पहचान दो प्रकार की होती हैं— (1) सामाजिक स्व-पहचान–इसके अन्तर्गत बालक की पहचान समूह के एक सदस्य के रूप में होती है, जैसे— भारतीय, ब्रिटिश, अमेरिकन आदि । (2) व्यक्तिगत … Read more

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए—

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए— (अ) आत्म-क्षमता का आधार (ब) आत्म-क्षमता के विभिन्न दृष्टिकोण (स) स्व-पहचान और अन्य प्रत्यय उत्तर—  ( अ ) आत्म-क्षमता का आधार—ये एक प्राकृतिक गुण हैं जो कि प्रत्येक मनुष्य में प्रकृति में तथा जीवों में स्वत: निहित हैं इसके लिए उन घटनाओं संकटों परिस्थितियों से लड़ना है जो किसी के पक्ष … Read more

वर्तमान भारतीय समाज की आकांक्षाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन कीजिए ।

वर्तमान भारतीय समाज की आकांक्षाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन कीजिए ।  उत्तर– वर्तमान भारतीय समाज की आकांक्षाएँ–वर्तमान भारतीय समाज की आकांक्षाएँ निम्नलिखित हैं— (1) व्यक्ति से सम्बन्धित आकांक्षाएँ – भारत एक वृहद लोकतांत्रिक व्यवस्था के द्वारा संचालित राष्ट्र है। लोकतंत्र में व्यक्ति सर्वोपरि होता है। अतः प्रथम आकांक्षा व्यक्ति का सर्वतोन्मुखी विकास स्वतंत्र एवं सहज … Read more

भय का सिद्धान्त क्या है ? भय और व्यक्तित्व के कारणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

भय का सिद्धान्त क्या है ? भय और व्यक्तित्व के कारणों का विस्तार से वर्णन कीजिए। उत्तर— भय का सिद्धान्त—इसके अन्तर्गत किसी बाह्य दबाव द्वारा भय उत्पन्न कर दूसरे के मनोभावों व व्यवहार को अपने अनुकूल बनाया जाता है इस सिद्धान्त को आर्थिक पक्ष से एवं व्यवसाय के क्षेत्रों से जोड़ा जा सकता है । … Read more

स्व के अंगों का विस्तार से वर्णन कीजिए ।

स्व के अंगों का विस्तार से वर्णन कीजिए । उत्तर— स्व के अंग–स्व के अंगों का वर्णन निम्नलिखित प्रकार से हैं— (1) स्वयं की पहचान – वैश्विक समझ व्यक्ति की स्वयं की पहचान को दर्शाता है। स्वयं की पहचान अपेक्षाकृत स्थायी आत्म आंकलन से बना है। किसी व्यक्ति का कौशल एवं क्षमता, उसका व्यवसाय एवं … Read more

विद्यालयीकरण पहचान निर्माण की प्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित करता है? स्पष्ट कीजिए ।

विद्यालयीकरण पहचान निर्माण की प्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित करता है? स्पष्ट कीजिए । उत्तर— विद्यालयीकरण का पहचान निर्माण की प्रक्रिया पर प्रभाव–मानव एक सामाजिक प्राणी है। मानव का सामाजिक बना लम्बी प्रक्रिया है। बालक जन्म लेते ही समाज में आता है व अपनी लाई जन्मजात शक्तियों को सामाजिक वातावरण में विकसित करके सामाजिक बनने … Read more

शिक्षक को विविध क्षेत्रों में अपनी स्वयं की खोज क्यों करनी चाहिए? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए ।

 शिक्षक को विविध क्षेत्रों में अपनी स्वयं की खोज क्यों करनी चाहिए? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए । उत्तर— मानव जीवन में अनेक प्रकार की क्षमताएँ और कमजोरियाँ होती हैं, जो कि स्वयं की खोज से सम्बन्धित होती हैं। एक शिक्षक के लिए स्वयं की खोज से सम्बन्धित क्षेत्रों का ज्ञान होना अत्यन्त आवश्यक है। यह … Read more

व्यक्तित्व के विविध आयामों का स्वयं की पहचान पर क्या प्रभाव पड़ता है? विस्तृत विवरण दीजिए।

व्यक्तित्व के विविध आयामों का स्वयं की पहचान पर क्या प्रभाव पड़ता है? विस्तृत विवरण दीजिए। उत्तर— व्यक्तित्व के विविध आयामों के द्वारा ही शिक्षक स्वयं की पहचान करने में पूर्णत: समर्थ होता है। व्यक्तित्व के आयाम प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्ति की समाज में एवं स्वयं की दृष्टि में पहचान सिद्ध करते हैं। … Read more

 भय / डर से आप क्या समझते हैं ? ये किस प्रकार से स्व अन्वेषण पर प्रभाव डालते हैं ?

 भय / डर से आप क्या समझते हैं ? ये किस प्रकार से स्व अन्वेषण पर प्रभाव डालते हैं ?                                                                 अथवा भय का … Read more