आकांक्षाओं का स्व अन्वेषण में क्या महत्त्व है ?
आकांक्षाओं का स्व अन्वेषण में क्या महत्त्व है ? अथवा आकांक्षा का स्वयं की खोज में क्या योगदान है ? अथवा स्व की खोजबीन अथवा छानबीन आप … Read more
आकांक्षाओं का स्व अन्वेषण में क्या महत्त्व है ? अथवा आकांक्षा का स्वयं की खोज में क्या योगदान है ? अथवा स्व की खोजबीन अथवा छानबीन आप … Read more
चिन्तनशील अभ्यासकर्ता के रूप में शिक्षक की भूमिका बताइये । अथवा किस प्रकार से शिक्षक एक चिन्तनशील पेशेवर की भूमिका अदा कर सकता है ? समझाइये । … Read more
चिन्तनशील अभ्यासकर्त्ता के कोई चार गुण लिखिए। उत्तर— चिन्तनशील अभ्यासकर्ता के गुण-एक चिन्तनशील अभ्यासकर्ता में निम्नलिखित गुण होते हैं— व्यावसायिक ज्ञान –एक चिन्तनशील अभ्यासकर्ता को चिन्तनशील व्यवसायी के रूप में विकसित होने के लिए अपने विषय क्षेत्र का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए साथ ही उसे अपने विषय में मजबूत पकड़ भी होनी चाहिए, क्योंकि इसके … Read more
चिन्तनशील अभ्यास की सीमाएँ लिखिए। उत्तर— चिन्तनशील अभ्यास की सीमाएँ-चिन्तनशील अभ्यास की सीमाएँ निम्नलिखित हैं— (1) समस्त शिक्षक चिन्तनशील अभ्यास की प्रक्रिया को नहीं समझ सकते। (2) कतिपय शिक्षकों को यह क्रिया असहन तथा चुनौतीपूर्ण लग सकती है। (3) इसमें समयावधि अधिक लगती है। (4) असामन्जस्य की स्थिति उत्पन्न हो सकती है कि किसी को … Read more
चिन्तनशील अभ्यास के लाभों का वर्णन कीजिए । उत्तर— चिन्तनशील अभ्यास के लाभ-चिन्तनशील अभ्यास के लाभ निम्नलिखित हैं— (1) स्व अनुभवों और परिस्थितियों से सीखना । (2) सीखने के प्रति गहरी सोच को विकसित करने में सहायक। (3) स्वयं के बल को पहचानना एवं उनका विकास करना । (4) शैक्षिक आवश्यकताओं की पहचान करना। (5) … Read more
नकारात्मक स्वाभिमान के प्रमुख लक्षणों का वर्णन कीजिए। उत्तर- नकारात्मक स्वाभिमान के लक्षण- नकारात्मक स्वाभिमान के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं— (1) जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण (2) पूर्णतावादी प्रकृति (3) दूसरों के प्रति अविश्वास (4) दूसरों पर दोषारोपण (5) जोखिम उठाने का डर (6) दूसरों पर निर्भरता (7) उपहास का डर। हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे … Read more
सकारात्मक स्वाभिमान के प्रमुख लक्षणों का वर्णन कीजिए । उत्तर— सकारात्मक स्वाभिमान के लक्षण–सकारात्मक स्वाभिमान में निम्नलिखित तथ्य मुख्य भूमिका निभाते हैं— (1) विश्वास (2) स्व दिशा (3) व्यक्तिगत शक्ति के बारे में जागरूकता (4) अपनी गलतियों को स्वीकार करने की क्षमता (5)आशावाद (6) समस्याओं को हल करने की क्षमता (7) दूसरों पर भरोसा करने … Read more
स्वयं की पहचान के किन्हीं दो सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए । उत्तर— स्वयं की पहचान के सिद्धान्त-स्व- परिचय के निम्नलिखित सिद्धान्त हैं— (1) समाज परिचय सिद्धान्त – समाज हमारे मूल्यांकन एवं हमारे आत्म (स्व) पहचान को पारिभाषित करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम अपने समाज के सन्दर्भ के बिना स्व-पहचान को स्पष्ट नहीं … Read more
अध्यापक के लिए चिन्तनशील अभ्यास की आवश्यकता एवं महत्त्व को समझाइये । उत्तर— चिन्तनशील अभ्यास की आवश्यकता एवं महत्त्ववह व्यक्ति है जो छात्र को अन्धकार से ज्ञान के उजाले में ले जाने के लिए मार्गदर्शन करता है। एक शिक्षक अपनी छाप छात्रों पर अपने पढ़ाने के शब्दों से, व्यवहार शिक्षक स्वयं की क्रियाओं से छोड़ता … Read more
सत्यतापूर्ण आकांक्षाएँ एवं असत्यतापूर्ण आकांक्षाओं को समझाइये । उत्तर— सत्यतापूर्ण आकांक्षाएँ– सत्यतापूर्ण आकांक्षाओं से तात्पर्य उन आकांक्षाओं से है जो कि हम पूर्ण करते हैं अथवा कर सकते हैं । यह आकांक्षाएँ हमारे जीवन से सम्बन्धित हैं। सत्यतापूर्ण आकांक्षाएँ प्राप्ति हेतु व्यक्ति अनेक प्रकार के प्रयास करते हैं। माना कि आप इंजीनियर बनना चाहते हैं … Read more