सकारात्मक एवं नकारात्मक आकांक्षाओं को समझाइये ।

सकारात्मक एवं नकारात्मक आकांक्षाओं को समझाइये । उत्तर— सकारात्मक विचार ही सफलता के द्योतक होते हैं। इसे ही सफलता की अद्वितीय पूँजी माना है। अतः अपने मस्तिष्क में सकारात्मक विचारों व आकांक्षाओं को जन्म देना अनिवार्य होता है। सकारात्मक आकांक्षाओं से ही व्यक्ति के अन्दर उत्साह का जन्म होता है तथा व्यक्ति की कार्यकुशलता उत्पन्न … Read more

भय की संवेगात्मक स्थिरता एवं अस्थिरता को समझाइए ।

भय की संवेगात्मक स्थिरता एवं अस्थिरता को समझाइए । उत्तर— भय की संवेगात्मक स्थिरता एवं अस्थिरता – ये व्यक्तित्व के कारक भयों को मन में समावेशित करने में अहम भूमिका निभाते हैं इनकी स्थिरता भयों को नियंत्रित करती है जबकि अस्थिरता भयों की स्थिति को बढ़ाती है। भावुकता नियंत्रण के गुण को बहुत कम कर … Read more

आकांक्षा की प्रकृति को लिखिये।

आकांक्षा की प्रकृति को लिखिये। उत्तर— आकांक्षा की प्रकृति-आकांक्षा की प्रकृति को निम्नलिखित प्रकार से वर्णित किया जा सकता है— (1) आकांक्षा को मूल्य की पूर्व अवस्था कहा जा सकता है। (2) कार्यरूप में आने से पूर्व व्यवहार सिद्धान्त रूप में छिपा रहता है। (3) समाज की स्वीकृति प्राप्त होने पर आकांक्षाएँ मूल्यों का स्वरूप … Read more

आन्तरिक एवं बाह्य भय में क्या अन्तर है ?

आन्तरिक एवं बाह्य भय में क्या अन्तर है ? उत्तर– आन्तरिक एवं बाह्य भय में अन्तर— आन्तरिक रूप से आधारित भय आप के अन्दर मौजूद किसी चीज से भयभीत होने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है। उदाहरण के लिए आप घर पर एक ऐसी पिछली घटना या जीवन के अनुभव को दर्शाते हैं जिससे आप परेशान … Read more

चिन्तन का अर्थ बताते हुए इसकी परिभाषा दीजिए।

चिन्तन का अर्थ बताते हुए इसकी परिभाषा दीजिए। उत्तर– चिन्तन का अर्थ-चिन्तनशील अभ्यास सीखने की प्रक्रिया में संलग्न करने के लिए एक प्रतिबिम्ब स्थापित करने की क्षमता का विकास है यह अन्तर्दृष्टि तथा व्यावहारिक मूल्यों को नियमित करता है। चिन्तनशील अभ्यास की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन के कार्यों में होती है जिससे कार्यों में गम्भीरता का समावेश … Read more

आकांक्षाओं के प्रकारों को समझाइये ।

आकांक्षाओं के प्रकारों को समझाइये । उत्तर— आकांक्षाओं के प्रकार–निम्नलिखित हैं— (1) वैयक्तिक आकांक्षाएँ— वैयक्तिक आकांक्षाएँ व्यक्ति प्रधान होती हैं जो कि व्यक्ति को विकास के अवसर न मिलने की प्रतिक्रिया एवं भावी समाज की लोकतांत्रिक रूपरेखा होती हैं। वैयक्तिक आकांक्षाएँ निम्नवत् हैं— (i) व्यक्ति के व्यक्तित्व की गरिमा का सम्मान–प्रत्येक व्यक्ति अपनी सम्मान भावना … Read more

चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त समझाइये ।

चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त समझाइये । उत्तर— चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त–चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त निम्नलिखित हैं— (1) प्रतिबिम्ब बनाना – चिन्तनशील अभ्यास की क्षमता है एक प्रतिबिम्ब बनाना उस क्रिया के लिए जिससे निरन्तर सीखने की प्रक्रिया चले । (2) आत्मवाचक बनाना – चिन्तनशील अभ्यास प्रायोगिक एवं सैद्धान्तिक मूल्यों के आत्मवाचक एवं प्रतिबिम्बित अभ्यास के … Read more

भय शब्द को स्पष्ट करते हुए इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए ।

भय शब्द को स्पष्ट करते हुए इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए ।                                अथवा भय की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।                                अथवा डर किसे कहते हैं?   … Read more

आत्म के प्रमुख पहलू कौन-कौन से है ? इनका स्वयं से क्या सम्बन्ध है ?

आत्म के प्रमुख पहलू कौन-कौन से है ? इनका स्वयं से क्या सम्बन्ध है ?  उत्तर— आत्म ( स्व ) के प्रमुख पहलू – प्रत्येक व्यक्ति के स्व के तीन बुनियादी आधार होते हैं शरीर, आत्मा एवं मन । ये आधार मानव जीवन के चार पहलुओं से बने हैं। इस प्रकार मानव जीवन के चार … Read more

स्वयं की पहचान पर पाँच बिन्दु लिखिए।

स्वयं की पहचान पर पाँच बिन्दु लिखिए। उत्तर— स्वयं की पहचान के बिन्दु–स्वयं की पहचान के महत्त्वपूर्ण बिन्दु निम्नलिखित हैं— (1) अन्तः प्रेरणा (2) बाह्य प्रेरणा (3) नेतृत्त्व की क्षमता (4) दृढ़ संकल्प (5) जीवन संघर्ष की तैयारी (6) वास्तविक जीवन से सामना (7) परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करना (8) स्थितियों और घटनाओं से दृष्टिकोण … Read more