भूमण्डलीकरण का क्या अर्थ है ?

भूमण्डलीकरण का क्या अर्थ है ? उत्तर— वैश्वीकरण का सामान्य रूप से अर्थ विश्व की सम्पूर्ण आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षिक गतिविधियों का ज्ञान सभी को होना चाहिए। दूसरे शब्दों में, संसार में विकसित एवं विकासशील देशों द्वारा परस्पर मिलकर विकास के पथ पर अग्रसर होते हैं। ग्लोब जिस प्रकार अपनी धुरी पर घूमता है, ठीक … Read more

वर्तमान परिप्रेक्ष्य के सन्दर्भ में शिक्षा की प्रकृति व अवधारणा का वर्णन कीजिए ।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य के सन्दर्भ में शिक्षा की प्रकृति व अवधारणा का वर्णन कीजिए । उत्तर— वर्तमान समय में शिक्षा की अवधारणा– सामाजिक सम्बन्धों का जाल समाज है। ये सम्बन्ध सामाजिक क्रियाओं और प्रक्रियाओं से सम्बन्धित होते हैं। ये सामाजिक क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ संघटित और विघटित, दोनों रूपों में होती हैं। जब विभिन्न संस्थाएँ, संघ, समूह … Read more

महात्मा गाँधी के शैक्षिक योगदान का उल्लेख करिये।

महात्मा गाँधी के शैक्षिक योगदान का उल्लेख करिये। उत्तर— महात्मा गाँधी का शैक्षिक योगदान– राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी केवल राजनीतिक नेता ही नहीं थे अपितु एक बहुत बड़े धर्म मर्मज्ञ एवं समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपने समय की पुस्तकीय, सैद्धान्तिक, संकुचित और परीक्षा- प्रधान शिक्षा में सुधार के लिए भी अनेक सुझाव दिये थे। शिक्षा … Read more

“मनुष्य की अन्तर्निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति ही शिक्षा है।” इस सम्प्रत्यय की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।

“मनुष्य की अन्तर्निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति ही शिक्षा है।” इस सम्प्रत्यय की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए। उत्तर— शिक्षा किसी समाज में सदैव चलने वाली वह सोद्देश्य सामाजिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य की जन्मजात शक्तियों का विकास, उसके ज्ञान एवं कला-कौशल में वृद्धि तथा व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है और इस प्रकार उसे … Read more

औपचारिक एवं राज्य प्रायोजित गतिविधियों में अन्तर स्पष्ट कीजिए ।

औपचारिक एवं राज्य प्रायोजित गतिविधियों में अन्तर स्पष्ट कीजिए ।  उत्तर— औपचारिक एवं राज्य प्रायोजित गतिविधियों में अन्तरऔपचारिक शिक्षा पूर्णतः व्यवस्थित, नियोजित एवं संस्थागत होती है । इस पर राज्य का नियंत्रण रहता है। औपचारिक शिक्षा का सम्बन्ध विद्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थाओं से होता है । औपचारिक शिक्षा परिवार खेलसमूह तथा अन्य अभिकरणों से अन्तःक्रिया … Read more

“शिक्षा जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है।” इस कथन की विवेचना कीजिए ।

“शिक्षा जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है।” इस कथन की विवेचना कीजिए । उत्तर— शिक्षा जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है– शिक्षा एक सतत् एवं जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है। शिक्षा माता के गर्भ से प्रारम्भ होकर मृत्युपर्यन्त प्राप्त की जाती है। श्री माँ (मैडल पॉल रिचार्ड) के विचार में, “मनुष्य की शिक्षा, उसके … Read more

भारतीय संविधान से प्राप्त शिक्षा के उद्देश्य कौनकौनसे हैं ? वर्णन कीजिए ।

भारतीय संविधान से प्राप्त शिक्षा के उद्देश्य कौनकौनसे हैं ? वर्णन कीजिए ।   उत्तर— भारतीय संविधान से प्राप्त शिक्षा के उद्देश्य – भारतीय संविधान में मानव व्यक्तित्व की सुरक्षा तथा उसके विकास के लिए कुछ मूल अधिकारों की व्यवस्था की गयी है। भारत में जनतन्त्र का उद्देश्य उत्तम जीवनयापन है। भारतीय संविधान निर्माताओं ने देश … Read more

रवीन्द्रनाथ टैगोर के शैक्षिक योगदान का उल्लेख कीजिए ।

रवीन्द्रनाथ टैगोर के शैक्षिक योगदान का उल्लेख कीजिए । उत्तर— रवीन्द्रनाथ टैगोर का शैक्षिक योगदान– रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर शिक्षा के जो सिद्धान्त निर्धारित किये, वे निश्चय ही हमारी शिक्षा के इतिहास को उसकी महान देन हैं। वे संक्षेप में इस प्रकार हैं– (1) बालकों को बहुमुखी शिक्षा देना– बहुमुखी … Read more

शिक्षा का अर्थ व सम्प्रत्यय को परिभाषित कीजिए।

शिक्षा का अर्थ व सम्प्रत्यय को परिभाषित कीजिए।  उत्तर— शिक्षा का अर्थ— शिक्षा शब्द संस्कृत के ‘शिक्ष्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ ‘सीखना’ अथवा ‘सिखाना’ होता है। शिक्षा को अंग्रेजी में ‘एजूकेशन’ कहते हैं । ‘एजूकेशन’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘एजुकेटम’ शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है ‘शिक्षित करना’ । एजूकेटम … Read more

पाठ्यक्रम एवं प्रबन्धन व्यूहरचनाओं पर शिक्षा के उद्देश्यों का प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

पाठ्यक्रम एवं प्रबन्धन व्यूहरचनाओं पर शिक्षा के उद्देश्यों का प्रभाव स्पष्ट कीजिए।  उत्तर— पाठ्यक्रम एवं प्रबन्धन व्यूहरचनाओं पर शिक्षा के उद्देश्यों का प्रभाव– समाज के व्यक्तियों की प्रमुख आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही शिक्षा के पाठ्यक्रम का निर्माण किया जाता है। शिक्षा मनुष्य का सर्वांगीण विकास करती है जिसमें उसके विभिन्न उद्देश्यों … Read more