भारत में लिंग असमानता के विभिन्न कारणों का उल्लेख कीजिए।

भारत में लिंग असमानता के विभिन्न कारणों का उल्लेख कीजिए।                                 अथवा भारत में लैंगिक विषमताओं के मुख्य कारण कौन-कौनसे हैं? उत्तर— भारत में लैंगिक असमानता के विभिन्न कारण– लिंगीय पक्षपात प्राचीन काल से चली आ रही एक कुरीति है … Read more

क्षेत्रीय असमानता से आप क्या समझते हैं ? क्षेत्रीय असमानता को दूर करने में शिक्षा की क्या भूमिका है ?

क्षेत्रीय असमानता से आप क्या समझते हैं ? क्षेत्रीय असमानता को दूर करने में शिक्षा की क्या भूमिका है ? उत्तर— क्षेत्रीय असमानता- -समाज के एक निश्चित क्षेत्र में जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों के मध्य पाई जाने वाली असमानता को क्षेत्रीय असमानता की श्रेणी में रखा जाता है । यह असमानता अव्यवस्था, संघर्ष एवं … Read more

बहुसांस्कृतिक एवं बहुभाषीय समाज में समानता के लिए शिक्षा की भूमिका को समझाइये ।

बहुसांस्कृतिक एवं बहुभाषीय समाज में समानता के लिए शिक्षा की भूमिका को समझाइये । उत्तर— बहुसांस्कृतिक एवं बहुभाषीय समाज में समानता के लिए शिक्षा की भूमिका— भारत एक विशालतम देश है जहाँ पर अनेक धर्मों, समूहों तथा सम्प्रदायों के लोग निवास करते हैं जिनकी संस्कृतियों एवं भाषाओं में पर्याप्त भिन्नता दृष्टिगत होती है। इन सभी … Read more

विविधता की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।

विविधता की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। उत्तर— विविधता– भारतीय समाज में एक ऐसी अनोखी संस्कृति का विकास हुआ है जिसमें विविधता में एकता का अनुपम उदाहरण देखने को मिलता है। हमारे राष्ट्रगान में “पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड उत्कल बंगा” का समावेश है, हमारा राष्ट्रगान भी विविधता को व्यक्त करता है । यह विविधता इन्द्रधनुषी … Read more

वैश्वीकरण की अवधारणा स्पष्ट करते हुए इसकी विशेषताएँ लिखिए। शिक्षा पर वैश्वीकरण का प्रभाव बताइये।

वैश्वीकरण की अवधारणा स्पष्ट करते हुए इसकी विशेषताएँ लिखिए। शिक्षा पर वैश्वीकरण का प्रभाव बताइये। उत्तर— वैश्वीकरण का सामान्य रूप से अर्थ विश्व की सम्पूर्ण आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षिक गतिविधियों का ज्ञान सभी को होना चाहिए। दूसरे शब्दों में संसार में विकसित एवं विकासशील देशों द्वारा परस्पर मिलकर विकास के पथ पर अग्रसर होते हैं। … Read more

टैगोर के शिक्षा दर्शन को स्पष्ट करिये । वर्तमान शिक्षा पर उसका प्रभाव लिखिए।

टैगोर के शिक्षा दर्शन को स्पष्ट करिये । वर्तमान शिक्षा पर उसका प्रभाव लिखिए।                                       अथवा एक शिक्षाविद् के रूप में टैगोर की देन का मूल्यांकन कीजिए । उत्तर— टैगोर का शैक्षिक दर्शन– टैगोर के जीवन दर्शन के … Read more

एक शिक्षाविद् के रूप में अरबिन्द की देन का मूल्यांकन कीजिए ।

एक शिक्षाविद् के रूप में अरबिन्द की देन का मूल्यांकन कीजिए ।                             अथवा अरबिन्दो के शैक्षिक विचारों की व्याख्या कीजिए । उत्तर— श्री अरविन्द का शिक्षा दर्शन— श्री अरविन्द एक महान दार्शनिक के साथ-साथ उच्च कोटि के शिक्षाशास्त्री भी थे। उन्होंने मानव … Read more

गाँधीवादी शिक्षा दर्शन के अनुसार शिक्षा के उद्देश्य, पाठ्यक्रम और शिक्षक-शिक्षार्थी सम्बन्धों की विवेचना कीजिए ।

गाँधीवादी शिक्षा दर्शन के अनुसार शिक्षा के उद्देश्य, पाठ्यक्रम और शिक्षक-शिक्षार्थी सम्बन्धों की विवेचना कीजिए ।                                              अथवा शिक्षा के सिद्धान्त एवं व्यवहार में गाँधी के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। उत्तर— गाँधीवादी शिक्षा दर्शन– … Read more

पश्चिमी शिक्षा शास्त्री जॉन ड्यूई के शिक्षा दर्शन विषयक विचारों की विस्तृत व्याख्या कीजिए ।

पश्चिमी शिक्षा शास्त्री जॉन ड्यूई के शिक्षा दर्शन विषयक विचारों की विस्तृत व्याख्या कीजिए ।                                                                  अथवा पश्चिमी शिक्षा शास्त्री जॉन ड्यूई के शिक्षा … Read more

आधुनिक भारतीय समाज के लिए शिक्षा के लक्ष्य क्या होने चाहिए ?

आधुनिक भारतीय समाज के लिए शिक्षा के लक्ष्य क्या होने चाहिए ?  उत्तर— विभिन्न आयोगों द्वारा निर्धारित किये गये शिक्षा के उद्देश्यों का विश्लेषण करने पर वर्तमान परिस्थितियों में भारत में शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य होने चाहिए— (1) व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना । (2) यवसायिक कुशलता की उन्नति करना । (3) नैतिक एवं चारित्रिक … Read more