आन्तरिक एवं बाह्य भय में क्या अन्तर है ?

आन्तरिक एवं बाह्य भय में क्या अन्तर है ? उत्तर– आन्तरिक एवं बाह्य भय में अन्तर— आन्तरिक रूप से आधारित भय आप के अन्दर मौजूद किसी चीज से भयभीत होने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है। उदाहरण के लिए आप घर पर एक ऐसी पिछली घटना या जीवन के अनुभव को दर्शाते हैं जिससे आप परेशान … Read more

चिन्तन का अर्थ बताते हुए इसकी परिभाषा दीजिए।

चिन्तन का अर्थ बताते हुए इसकी परिभाषा दीजिए। उत्तर– चिन्तन का अर्थ-चिन्तनशील अभ्यास सीखने की प्रक्रिया में संलग्न करने के लिए एक प्रतिबिम्ब स्थापित करने की क्षमता का विकास है यह अन्तर्दृष्टि तथा व्यावहारिक मूल्यों को नियमित करता है। चिन्तनशील अभ्यास की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन के कार्यों में होती है जिससे कार्यों में गम्भीरता का समावेश … Read more

आकांक्षाओं के प्रकारों को समझाइये ।

आकांक्षाओं के प्रकारों को समझाइये । उत्तर— आकांक्षाओं के प्रकार–निम्नलिखित हैं— (1) वैयक्तिक आकांक्षाएँ— वैयक्तिक आकांक्षाएँ व्यक्ति प्रधान होती हैं जो कि व्यक्ति को विकास के अवसर न मिलने की प्रतिक्रिया एवं भावी समाज की लोकतांत्रिक रूपरेखा होती हैं। वैयक्तिक आकांक्षाएँ निम्नवत् हैं— (i) व्यक्ति के व्यक्तित्व की गरिमा का सम्मान–प्रत्येक व्यक्ति अपनी सम्मान भावना … Read more

चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त समझाइये ।

चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त समझाइये । उत्तर— चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त–चिन्तनशील अभ्यास के सिद्धान्त निम्नलिखित हैं— (1) प्रतिबिम्ब बनाना – चिन्तनशील अभ्यास की क्षमता है एक प्रतिबिम्ब बनाना उस क्रिया के लिए जिससे निरन्तर सीखने की प्रक्रिया चले । (2) आत्मवाचक बनाना – चिन्तनशील अभ्यास प्रायोगिक एवं सैद्धान्तिक मूल्यों के आत्मवाचक एवं प्रतिबिम्बित अभ्यास के … Read more

भय शब्द को स्पष्ट करते हुए इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए ।

भय शब्द को स्पष्ट करते हुए इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए ।                                अथवा भय की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।                                अथवा डर किसे कहते हैं?   … Read more

आत्म के प्रमुख पहलू कौन-कौन से है ? इनका स्वयं से क्या सम्बन्ध है ?

आत्म के प्रमुख पहलू कौन-कौन से है ? इनका स्वयं से क्या सम्बन्ध है ?  उत्तर— आत्म ( स्व ) के प्रमुख पहलू – प्रत्येक व्यक्ति के स्व के तीन बुनियादी आधार होते हैं शरीर, आत्मा एवं मन । ये आधार मानव जीवन के चार पहलुओं से बने हैं। इस प्रकार मानव जीवन के चार … Read more

स्वयं की पहचान पर पाँच बिन्दु लिखिए।

स्वयं की पहचान पर पाँच बिन्दु लिखिए। उत्तर— स्वयं की पहचान के बिन्दु–स्वयं की पहचान के महत्त्वपूर्ण बिन्दु निम्नलिखित हैं— (1) अन्तः प्रेरणा (2) बाह्य प्रेरणा (3) नेतृत्त्व की क्षमता (4) दृढ़ संकल्प (5) जीवन संघर्ष की तैयारी (6) वास्तविक जीवन से सामना (7) परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करना (8) स्थितियों और घटनाओं से दृष्टिकोण … Read more

स्वयं की अवधारणा बताइये ।

स्वयं की अवधारणा बताइये ।                   अथवा स्व का अर्थ बताते हुए इसकी परिभाषा दीजिए। उत्तर— स्वयं की अवधारणा–’स्वयं’ एक छोटा सा शब्द है। यह सुनने व बोलने में बेहद आसान भी है परन्तु इसे समझने के लिए पूरा एक जीवन भी कम है। इस एक शब्द … Read more

स्व-पहचान’ पद को समझाइये ।

स्व-पहचान’ पद को समझाइये ।                    अथवा स्व-पहचान क्या है ? उत्तर— ‘स्व-पहचान’ – अपने आप की पहचान करना आत्म पहचान कहलाता है। जिस प्रकार हम दूसरे व्यक्तियों के बारे में जानने का प्रयास करते हैं, उसी प्रकार हम अपने आपको जानने का प्रयास करते हैं। हम … Read more

स्व – क्षमता से आपका क्या तात्पर्य है ?

स्व – क्षमता से आपका क्या तात्पर्य है ?                           अथवा आत्म-क्षमता को परिभाषित कीजिए। उत्तर— स्व क्षमता (आत्म-क्षमता ) – “आत्म-क्षमता या स्वविभाव स्वयं एक ऐसा सम्प्रत्यय है जो विश्व के परिदृश्य में व्यक्ति के स्व का आंकलन करके इसे एक उपयोगी … Read more