माध्यमिक शिक्षा आयोग के अनुसार पाठ्यक्रम के क्षेत्र में सुझाव दीजिये ।

माध्यमिक शिक्षा आयोग के अनुसार पाठ्यक्रम के क्षेत्र में सुझाव दीजिये । अथवा पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में अपने सुधारात्मक सुझाव दीजिये। उत्तर- माध्यमिक शिक्षा आयोग ने पाठ्यक्रम के क्षेत्र में निम्नलिखित सुझाव प्रस्तुत किये हैं—  ( 1 ) प्रयोगात्मक विद्यालय – विद्यालयों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण व उसका प्रयोग करने की स्वतंत्रता … Read more

पाठ्यक्रम की प्रकृति को स्पष्ट कीजिए।

पाठ्यक्रम की प्रकृति को स्पष्ट कीजिए। उत्तर- पाठ्यक्रम की प्रकृति को निम्न प्रकार व्यक्त किया जा सकता है— (1) पाठ्यक्रम की प्रकृति में वे सभी अनुभव समाहित होते हैं, जो विद्यालय में शिक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये प्रयुक्त किये जाते हैं। (2) पाठ्यक्रम की प्रकृति में शिक्षार्थी की ज्ञान वृद्धि हेतु नियोजित सभी … Read more

संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिये—

संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिये— (अ) फ्रेंकलिन मॉडल (पाठ्यक्रम) का (ब) पाठ्यक्रम का टेलर मॉडल उत्तर-(अ) फ्रेंकलिन बॉबेट मॉडल–शिकागो विश्वविद्यालय में शैक्षिक प्रशासन के प्रोफेसर फ्रेंकलिन बॉबिट ने 20वीं शताब्दी के प्रथम तीन दशकों में पाठ्यचर्या का विशिष्टीकरण कर शिक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। बॉबिट का विचार था कि अधिगम उद्देश्यों के साथ अन्य क्रियाओं को भी … Read more

एकीकृत पाठ्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

एकीकृत पाठ्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। उत्तर- एकीकृत पाठ्यक्रम (Integrated Curriculum)एकीकृत पाठ्यक्रम वह पाठ्यक्रम है जिसमें पाठ्यक्रम के विभिन्न विषयों में एकता हो साथ ही समस्त विषय एक-दूसरे से इस प्रकार सम्बन्धित हो कि वे एक-दूसरे के लिए बाधक न होकर ज्ञान प्राप्ति में सहायक हो। एकीकृत पाठ्यक्रम में प्रयास किया जाता है कि सभी … Read more

पाठ्यक्रम के अर्थ को परिभाषित कीजिये।

पाठ्यक्रम के अर्थ को परिभाषित कीजिये।  उत्तर – पाठ्यक्रम का अर्थ समझने के लिये हम इसके शाब्दिक, संकुचित एवं व्यापक अर्थ को स्पष्ट करेंगे । पाठ्यक्रम का शाब्दिक अर्थ—पाठ्यक्रम शब्द लैटिन भाषा के शब्द Curriculum का हिन्दी रूपान्तर है, जिसका अर्थ है ‘दौड़ का मैदान’ । शिक्षा अगर दौड़ है तो पाठ्यक्रम दौड़ के मैदान … Read more

ज्ञान की प्रकृति स्पष्ट कीजिए।

ज्ञान की प्रकृति स्पष्ट कीजिए। उत्तर —ज्ञान की प्रकृति विद्यालय में ज्ञान की प्रकृति की जानकारी होना भी अत्यन्त आवश्यक है। ज्ञान की प्रकृति को दो रूपों में व्यक्त किया जा सकता है— (1) ज्ञान एक साध्य के रूप में ज्ञान को एक साध्य के रूप में तब प्रकट किया जाता है जब—  (1) ज्ञान … Read more

प्रकाशित प्रकद ज्ञान से आप क्या समझते हैं ?

प्रकाशित प्रकद ज्ञान से आप क्या समझते हैं ? उत्तर — प्रदप्रकाशित ज्ञान का अर्थ — प्रकट ज्ञान विश्वास पर आधारित होता है। हम मूलतः तीन तरीकों से ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। उनमें से एक यह है कि जिन तथ्यों को हम जानते हैं उनका अवलोकन अच्छे से एवं सरल व्याख्या करें। यही कारण … Read more

ज्ञान के स्रोतों की क्या आवश्यकता है ? अनुभव जन्य प्रायोगिक ज्ञान की उपयुक्त उदाहरण सहित विवेचना कीजिए।

ज्ञान के स्रोतों की क्या आवश्यकता है ? अनुभव जन्य प्रायोगिक ज्ञान की उपयुक्त उदाहरण सहित विवेचना कीजिए। अथवा ज्ञान के स्रोतों से आपका क्या अभिप्राय है ? अनुभवजन्य ज्ञान (प्रायोगिक ज्ञान) की उदाहरण सहित विवेचना कीजिए| अथवा ज्ञान प्राप्त करने की विधियों को विस्तारपूर्वक समझाइये । अथवा ज्ञान के स्रोतों की व्याख्या कीजिए। उत्तर- … Read more

स्थानीय ज्ञान और वैश्विक ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

स्थानीय ज्ञान और वैश्विक ज्ञान में अन्तर स्पष्ट कीजिए। उत्तर –  स्थानीय ज्ञान (1) यह पारम्परिक अनुभवों पर आधारित होता है। (2) स्थानीय ज्ञान पर व्यक्ति/संस्था विशेष का अधिकार नहीं होता । (3) ज्ञान से इसका सम्बन्ध गौण होता है। (4) स्थानीय ज्ञान स्थानीय पर्यावरण पर आधारित होता है। (5) इसकी प्रभावशीलता कम एवं अनिर्णायक … Read more

ज्ञान के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिये।

ज्ञान के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिये। अथवा ज्ञान के प्रकार पर चर्चा कीजिए। अथवा ज्ञान की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। ज्ञान के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए। अथवा ज्ञान से आपका क्या अभिप्राय है ? ज्ञान के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए। अथवा ज्ञान के प्रकार बताते हुए वैज्ञानिक ज्ञान तथा धार्मिक ज्ञान का … Read more