भारत में दहेज प्रथा का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।

भारत में दहेज प्रथा का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए। उत्तर—दहेज प्रथा-प्राचीन समय में माता-पिता जब बेटी का विवाह करते थे तो यह सोच कर कि वह नए घर में संकोच करेगी, उसकी जरूरत का सामान उसके साथ भेजते थे। यह माता-पिता का सन्तान के प्रति वात्सल्य का प्रदर्शन था। धीरे-धीरे दिखावे ने जोर पकड़ा और यह … Read more

जेण्डर के संघर्ष के स्थान को उदाहरण सहित वर्णन कीजिए |

जेण्डर के संघर्ष के स्थान को उदाहरण सहित वर्णन कीजिए | उत्तर-  दो या दो से अधिक (परस्पर विरोधी प्रकृति की) या आवश्यकताएँ व्यक्ति में उत्पन्न हो तथा एक की पूर्ति दूसरे में बाधा उत्पन्न करे तो ऐसी अवस्था को संघर्ष कहते हैं। मानव जीवन मैं आरम्भ से ही संघर्ष की परिस्थितियाँ जन्म लेती रहती … Read more

नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए।

नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए। उत्तर –  नवीन भारत में महिलाओं की स्थिति-उन्नीसवीं सदी के मध्यकाल से लेकर इक्कीसवीं सदी तक आते-आते पुनः महिलाओं की स्थिति में सुधार हुआ और महिलाओं ने शैक्षिक, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, प्रशासनिक, खेलकूद आदि विविध क्षेत्रों में उपलब्धियों के नए आयाम तय किये। आज महिलाएँ … Read more

बालिका शिक्षा भारत में वर्तमान समय में क्यों ‘जरूरी है ?

बालिका शिक्षा भारत में वर्तमान समय में क्यों ‘जरूरी है ? उत्तर  – भारत में स्त्री शिक्षा की आवश्यकता के कारणकिसी भी समाज या राष्ट्र में स्त्री-पुरुष दोनों की शिक्षा की आवश्यकता है। शिक्षा के अभाव में किसी भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता है इसलिए भारत में स्त्री शिक्षा की … Read more

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुख्य कार्य क्या है ?

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुख्य कार्य क्या है ? उत्तर- आयोग  के कार्य और अधिकार के कार्यों में संविधान तथा अन्य कानूनों के अन्तर्गत महिलाओं के लिए उपबंधित सुरक्षा उपायों की जाँच और परीक्षण करना है। साथ ही उनके प्रभावकारी कार्यान्वयन के उपायों पर सरकार को सिफारिश करना और संविधान तथा महिलाओं के प्रभावित करने … Read more

ट्रांसजेण्डर के मुख्य मुद्दों को लिखिए।

ट्रांसजेण्डर के मुख्य मुद्दों को लिखिए। उत्तर-ट्रांसजेण्डर के मुद्दे ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से उनकी कुछ भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक अवस्था से सम्बन्धित मुद्दे निम्नलिखित प्रकार हैं (1) लिंग डिस्फोरिया— जेण्डर डिस्फोरिया को लैंगिक अवसाद भी कहते हैं। जेण्डर डिस्फोरिया में व्यक्ति को स्वयं की शारीरिक एवं मानसिक बनावट में अन्तर दिखाई पड़ता है। … Read more

नारीवाद की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।

नारीवाद की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। उत्तर – नारीवाद-20वीं शताब्दी में नारीवाद का आरम्भ 1960 में साइमन डी. बुईस (Simon D. Buois) की पुस्तक सेकण्ड सेक्स (Second Sex) के विचारों से हुई। नारीवाद, नारी मुक्ति पर आधारित है। नारीवाद का प्रमुख दर्शन है”यदि नारी मुक्त नहीं होगी तो वह अपनी सहभागिता कैसे निश्चित करेगी।” नारीवाद … Read more

रूढ़िवद्धता तथा लिंगीय पहचान के प्रकार बताइये।

रूढ़िवद्धता तथा लिंगीय पहचान के प्रकार बताइये। उत्तर–रुदिबद्धता तथा लिंगीय पहचान को हम निम्नलिखित प्रकार देख सकते हैं (1) जीवित पुत्र का मुख देखने से नरक से मुक्ति तथा पितृऋण से छुटकारा पाने की मान्यता (2) पूर्वजों को पिण्डदान इत्यादि का सम्पादन पुरुष के द्वारा ही होना। (3) अन्तिम संस्कार इत्यादि का सम्पादन पुरुष के … Read more

वर्तमान समय में जेण्डर के पाठ्यचर्या को कैसे तैयार किया जाना चाहिए ?

वर्तमान समय में जेण्डर के पाठ्यचर्या को कैसे तैयार किया जाना चाहिए ? उत्तर – वर्तमान समय में जेण्डर के पाठ्यचर्या को तैयार करना— पाठ्य पुस्तकों एवं उसकी विषय-वस्तु में भी लिंग का प्रभाव पड़ता है। पाठ्य-पुस्तक की विषय-वस्तु का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभाव अधिगमकर्त्ता पर पड़ता है एवं उसी के अनुसार आने वाले समाज … Read more

भारत में जेण्डर विभेद क्या है ?

भारत में जेण्डर विभेद क्या है ? उत्तर  – भारत में जेण्डर (लिंग) विभेद भारत में लिंग भेद निम्नलिखित प्रकार से होता है (1) पुरुष लिंग–पुरुष जाति का बोध उनकी शारीरिक बनावट, रहन-सहन, विचार तथा भावों से प्रकट होता है। पुरुष स्त्रियों की अपेक्षा कठोर तथा आध्यात्मिक विचार के होते हैं। पुरुषों के रहन-सहन एवं … Read more