आत्म सम्मान से क्या तात्पर्य है ?

 आत्म सम्मान से क्या तात्पर्य है ? उत्तर– आत्म सम्मान से तात्पर्य—आत्म विकास के लिए व्यक्ति, शिक्षक या दोनों में आत्मसम्मत की प्रवृत्ति होनी आवश्यक है। आत्मसम्मान के बिना एक शिक्षक अपने आपको उठाने में असमर्थ होता है। आत्मसम्मान एक मानसिक एवं आध्यत्मिक शान्ति है। आत्मसम्मान के कारण ही महान कार्यों के सम्पादन में सरलता … Read more

लचीलापन का अर्थ बताते हुए उसका वर्गीकरण कीजिए ।

लचीलापन का अर्थ बताते हुए उसका वर्गीकरण कीजिए ।                                            अथवा लचीलापन किसे कहते हैं ? उत्तर— लचीलापन–लचीलेपन से तात्पर्य आचरण से गिरना नहीं है। सफलता के लिए अपनी योग्यता का सदुपयोग करना ही लचीलापन … Read more

स्व छवि से क्या तात्पर्य है ?

 स्व छवि से क्या तात्पर्य है ? उत्तर— स्व छवि (आत्म छवि ) – आत्म छवि एक तरह की मानसिक तस्वीर है जो को स्वयं के निजी अनुभवों से या दूसरों के निर्णय द्वारा बना ली जाती है। आत्म विश्वास के लिए व्यक्ति को अपनी छवि को अपने स्वयं के अपने परिवार, समाज, देश के … Read more

शान्ति प्राप्त करने के तरीके बताइये ।

शान्ति प्राप्त करने के तरीके बताइये । उत्तर— शान्ति प्राप्त करने के तरीके –शान्ति प्राप्त करने के प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं— (1) अपने आदर्श को पहचानें—सर्वप्रथम जिन गुणों को स्वयं में विकसित करना चाहते हैं उनकी सूची बनाएँ। इस सूची में दयालु, न्याय संगत, अधिक सहिष्णु, अत्यधिक उदार, अत्यधिक धैर्यवान आदि गुणों को सम्मिलित कर … Read more

भावना क्या है ? भावना का वर्गीकरण कीजिए।

भावना क्या है ? भावना का वर्गीकरण कीजिए।  उत्तर— भावना— भावना स्वभाव, व्यक्तित्व प्रेरणा से सम्बन्धित है। अंग्रेजी शब्द Emotion की उत्पत्ति फ्रेंच Emouvoir शब्द से हुई है। यह लैटिन शब्द Emoton पर आधारित है जहाँ E का अर्थ है ‘बाहर और Mover का अर्थ है ‘चलना’। यह व्यक्ति के भाव को प्रदर्शित करता है। … Read more

आत्मबोध हेतु अन्तर्दर्शन तकनीक किस प्रकार सहायक है ?

आत्मबोध हेतु अन्तर्दर्शन तकनीक किस प्रकार सहायक  है ?  उत्तर— आत्मबोध हेतु अन्तदर्शन तकनीक-अपनी मानसिक स्थिति पर ध्यान देकर इसे एक करना अन्तर्दर्शन कहलाता है। अन्तर्दर्शन में बालक अपने अनुभव पर ध्यान केन्द्रित करता है तथा स्वयं को समझनें का प्रयास करता है। अन्तर्दर्शन आत्मबोध को बढ़ाने में सहायक की भूमिका प्रदान करता है। इसमें … Read more

आत्मविकास की चार विशेषताएँ लिखिए।

आत्मविकास की चार विशेषताएँ लिखिए।  उत्तर— आत्म विकास की चार विशेषताएँ-निम्न हैं — (1) स्वयं के बारे में संगठित प्रत्यक्षण । (2) स्वयं को संगठित स्वरूप में जानना । (3) स्वयं का सतत् रूप पहचानना । (4) स्वयं की प्रत्याशाओं के सन्दर्भ में ज्ञान । (5) स्वयं को मूल्यांकित करने की क्षमता। हमसे जुड़ें, हमें … Read more

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये—

 निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये— (अ) बालक के अधिगम में वृद्धि हेतु अध्यापक द्वारा परावर्तन (ब) बालक के स्व में परिवर्तन के कारण उत्तर— (अ) बालक के अधिगम में वृद्धि हेतु अध्यापक द्वारा परावर्तन–शिक्षक अपने शिक्षण व अधिगम को उन्नत बनाने के लिए कुछ प्रश्न पूछ सकता है जो परावर्तन में सहायक हो सकते हैं— … Read more

स्व-पहचान के विभिन्न कारकों का वर्णन करते हुए स्व-पहचान के निर्माण में एरिक्सन के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए ।

 स्व-पहचान के विभिन्न कारकों का वर्णन करते हुए स्व-पहचान के निर्माण में एरिक्सन के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए । उत्तर— स्व-पहचान के कारक – स्व-पहचान दो प्रकार की होती हैं— (1) सामाजिक स्व-पहचान–इसके अन्तर्गत बालक की पहचान समूह के एक सदस्य के रूप में होती है, जैसे— भारतीय, ब्रिटिश, अमेरिकन आदि । (2) व्यक्तिगत … Read more

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए—

निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए— (अ) आत्म-क्षमता का आधार (ब) आत्म-क्षमता के विभिन्न दृष्टिकोण (स) स्व-पहचान और अन्य प्रत्यय उत्तर—  ( अ ) आत्म-क्षमता का आधार—ये एक प्राकृतिक गुण हैं जो कि प्रत्येक मनुष्य में प्रकृति में तथा जीवों में स्वत: निहित हैं इसके लिए उन घटनाओं संकटों परिस्थितियों से लड़ना है जो किसी के पक्ष … Read more