सरदारी आंदोलन (Sardari Movement)

सरदारी आंदोलन (Sardari Movement) सरदारी आंदोलन (Sardari Movement) 1850 ई. और उसके बाद बिहार क्षेत्र में अनेक आदिवासियों द्वारा ईसाई धर्म अपना लेने से भूमि की समस्या और बदतर हो गई। ईसाई धर्म के व्यापक प्रचार-प्रसार के विरुद्ध जनजातीय सुधारवादी आंदोलन चले। इन्हीं में सरदारी आंदोलन सन् 1859 से 1881 के मध्य चला। इसका उल्लेख एस.सी. राय ने अपनी … Read more

‘हो’ विद्रोह, सरदारी आंदोलन और खरवार आंदोलन

‘हो’ विद्रोह, सरदारी आंदोलन और खरवार आंदोलन ‘हो’ विद्रोह (‘Ho’ Rebellion) यह विद्रोह सन् 1821-22 छोटानागपुर के ‘हो’ लोगों ने सिंहभूम के राजा जगन्नाथ सिंह के विरुद्ध किया। जगन्नाथ सिंह के प्रति ‘हो’ लोग तटस्थ थे और इनका किसी से भी कोई झगड़ा नहीं था। नागवंश के राजा ने इन पर एक-दो बार आक्रमण किया था, … Read more

चेरो विद्रोह (Chero Revolt)

चेरो विद्रोह (Chero Revolt) चेरो विद्रोह (Chero Revolt) यह आंदोलन सन् 1800 में चेरो किसानों ने अपने राजा के विरुद्ध शुरू किया। यह विद्रोह तब अंग्रेजों की पक्षपातपूर्ण नीति के विरोध में हुआ, जब कंपनी ने कूटनीति से जयनाथ सिंह को अपदस्थ कर दिया और उसके स्थान पर गोपाल राय को राजा बना दिया। कुछ समय बाद गोपाल … Read more

तमाड़ विद्रोह (Tamad Rebellion) और चेरो विद्रोह (Chero Revolt)

तमाड़ विद्रोह (Tamad Rebellion) और चेरो विद्रोह (Chero Revolt) Tamad Rebellion (1782-1820) | तमाड़ विद्रोह : (1782-1820 ई.) विद्रोह  के कारण : छोटानागपुर के तमाड़ को मुख्य केन्द्र बनाकर मुण्डा आदिवासियों ने 18वीं सदी के अंतिम चतुर्थाश में जो विद्रोह छेड़ा, उसे ‘तमाड़ विद्रोह’ कहा जाता है। कम्पनी की बाहरी लोगों को शह देने की … Read more

बिहार में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जन आंदोलन

बिहार में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जन आंदोलन जब कंपनी ने सन् 1767 में इस क्षेत्र में पदार्पण किया, तभी यहाँ असंतोष व्याप्त हो गया था। जनजातीय शैली वैसे भी कठिन थी और फिर ऊपर से प्राकृतिक अकालों एवं आपदाओं ने इनके सामने बड़े भीषण संकट पैदा कर दिए। आर्थिक कठिनाइयों और अन्न के अभाव … Read more

बिहार में अंग्रेजी शासन की स्थापना

बिहार में अंग्रेजी शासन की स्थापना प्रारंभ से ही बिहार व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। मध्यकाल में भी बिहार व्यापार का प्रमुख केंद्र था। यहाँ एडवर्ड टेरी, राल्फ फिट्ज, पीटर मुंडी, ट्रैवर आदि व्यापारियों ने बिहार का दौरा कर व्यापारिक गतिविधियों का विस्तृत वर्णन किया। बंगाल के नवाब मुर्शिद कुली खान एवं अलीवर्दी खान के शासन काल … Read more

बिहार में डेनिस कंपनी का आगमन

बिहार में डेनिस कंपनी का आगमन डेनिश डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1616 में की गई। → सेरमपुर तथा ट्रैकोबार डेनों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था। → 1845 में उन्होंने अपनी फैक्ट्रियाँ ब्रिटिश कंपनी को बेच दीं। भारत में आनेवाली यूरोपीय कंपनियों (European Companies) में डेनमार्क का नाम सबसे अंत में लिया जाता है। प्रायः 1774-75 … Read more

बिहार में फ्रांसीसी कंपनियों का आगमन

बिहार में फ्रांसीसी कंपनियों का आगमन भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी (French East India Company) की स्थापना फ्रेंकोइस मार्टिन के नेतृत्व में 1664 ई. में की गई। मार्टिन ने 1674 ई. में पांडिचेरी की स्थापना की तथा शीघ्र ही उसने माही, कराइकल एवं दूसरी जगहों पर फ्रांसीसी व्यापारिक केंद्रों की स्थापना की। कुछ वर्षों के … Read more

बिहार में डचों कंपनियों का आगमन

बिहार में डचों कंपनियों का आगमन बिहार में यूरोपीय व्यापारी कंपनियों का आगमन 17वीं सदी में प्रारंभ हुआ। उस समय बिहार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र था। बिहार के क्षेत्र में सर्वप्रथम पुर्तगाली आए, जिन्होंने अपना व्यापारिक केंद्र हुगली में स्थापित किया था। वे हुगली से ही नाव के माध्यम से पटना आया करते थे। वे अपने साथ … Read more

बिहार पर तुर्क आक्रमण (Turkish attacks on Bihar)

बिहार पर तुर्क आक्रमण (Turkish attacks on Bihar) बिहार में तुर्क शासन – बिहार इतिहास 12वी और तेरहवीं सर्दियों के मोड़ पर तुर्क आक्रमण के समय बिहार का क्षेत्र एक संगठित राजनीतिक इकाई नहीं बना था. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच गंगा नदी एक भौगोलिक विभाजन रेखा के साथ साथ राजनीतिक सीमा रेखा भी … Read more