बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे ? इससे हमें क्या सीख मिलती है ?

बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे ? इससे हमें क्या सीख मिलती है ? उत्तर :- बिस्मिल्ला खाँ जब कभी काशी से बाहर होते तब भी काशी विश्वनाथ को नहीं भूलते। काशी से बाहर रहने पर वे उस दिशा में मुँह करके थोड़ी देर तक शहनाई अवश्य बजाते … Read more

पठित पाठ के आधार पर मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय दे।

पठित पाठ के आधार पर मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय दे। उत्तर :- महर्रम से बिस्मिल्ला खाँ का अत्यधिक जडाव था। महर्रम के महीने में वे न तो शहनाई बजाते थे और न ही किसी संगीत-कार्यक्रम में सम्मिलित होते थे । मुहर्रम की आठवीं तारीख को बिस्मिल्ला खाँ खड़े होकर ही … Read more

“संगीतमय कचौडी” का आप, क्या, अर्थ समझते हैं ?

“संगीतमय कचौडी” का आप, क्या, अर्थ समझते हैं ? उत्तर :- कुलसुम हलवाइन की कचौड़ी को संगीतमय कहाँ गया है । वह जैब बहुत गरम घी में कचौड़ी डालती थी, तो उस समय छन्न से आवाज उठती थी जिसमें अमीरुद्दीन को संगीत के आरोह-अवरोह की आवाज सुनाई देती थी। इसीलिए कचौड़ी को ‘संगीतमय कचौड़ी’ कहा … Read more

सुषिर वाद्य किन्हें कहा जाता है ? ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई ?

सुषिर वाद्य किन्हें कहा जाता है ? ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई ? उत्तर :- सुशीर वाद्य ऐसे वाद्य हैं, जिनमें नाड़ी( नरकट या रीड ) होती है । जिन्हे फूँककर बजाया जाता है। अरब देशों में ऐसे वाद्यों को नय कहा जाता है और उनमें शाह को शहनाई की उपाधि दी गई … Read more

बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे ? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन- सा पक्ष उद्घाटित होता है ?

बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे ? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन- सा पक्ष उद्घाटित होता है ? उत्तर :- बिस्मिल्लाह खान इबादत में खुदा के सामने झुकते तो सजद में गिड़ागड़ाकर खुदा से सच्चे सुर का वरदान माँगते । इससे पता चलता है कि खाँ साहब धार्मिक, संवेदनशील एवं निरभिमानी … Read more

डुमराँव की महत्ता किस कारण से है ?

डुमराँव की महत्ता किस कारण से है ? उत्तर :- डुमराँव की महत्ता शहनाई के कारण है। प्रसिद्ध शहनाईवादक बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डमराँव में हआ था । शहनाई बजाने के लिए जिस ‘रीड’ का प्रयोग होता है, जो एक विशेष प्रकार की घास ‘नरकट’ से बनाई जाती है, वह डुमराव में सोन नदी के … Read more

नहानघर की नाली क्षणभर के लिए पूरी भर गई, फिर बिल्कुल खाली हो गई की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

नहानघर की नाली क्षणभर के लिए पूरी भर गई, फिर बिल्कुल खाली हो गई की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति विनोद कुमार शुक्ल की रचना ‘मछली’ से ली गई है। बच्चों के मन में अभिलाषा थी कि मछली को कुआँ में डालकर पालेंगे । उसको लेकर कल्पना किया। उसे बचाने का प्रयास किया। … Read more

‘और पास से देख परछाई’ दिखती है की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

‘और पास से देख परछाई’ दिखती है की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति विनोद कुमार शुक्ल की रचना ‘मछली’ की है। बच्चे मछलियों को परखना चाहते थे कि इनमें जीवित कौन है और मृत कौन । दीदी ने बताया था कि मरी हुई मछली की आँखों में मनुष्य की परछाईं दिखाई नहीं देती … Read more

‘अगर बाल्टी भरी होती तो पछली उछल कर नीचे आ जाती’ की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

‘अगर बाल्टी भरी होती तो पछली उछल कर नीचे आ जाती’ की सप्रसंग व्याख्या कीजिए। उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति विनोद कुमार शुक्ल के ‘मछली’ शीर्ष की है । प्रस्तुत पंक्ति में बच्चों का मछली की रक्षा के लिए सजगता परिलक्षित होता है। बच्चे की हार्दिक इच्छा थी कि हम मछली को मरने नहीं देंगे बल्कि … Read more

संतू के विरोध का क्या अभिप्राय है ?

संतू के विरोध का क्या अभिप्राय है ? उत्तर :- संतू मानवीय गुणों को उजागर करता है। मानव में सेवा, परमार्थ, ममता जैसे गुण विद्यमान होते हैं। परन्तु आज मानव अपने आदर्श को भूलकर, इन गुणों को त्यागकर, स्वार्थ में अंधा होकर विवश और लाचार की मदद में नहीं बल्कि शोषण में लिप्त है। मूक … Read more