मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ?
मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ? उत्तर ⇒ मोनाजाइट केरल राज्य में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उड़ीसां आदि राज्यों के तटीय भागों में इस खनिज का उत्खनन हो रहा है।
मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है ? उत्तर ⇒ मोनाजाइट केरल राज्य में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उड़ीसां आदि राज्यों के तटीय भागों में इस खनिज का उत्खनन हो रहा है।
मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए। उत्तर ⇒ मैंगनीज एक अत्यंत उपयोगी खनिज पदार्थ है। इस्पात निर्माण सहित अनेक मिश्रधातु निर्माण में इसका उपयोग किया जाता है। इसकेअतिरिक्त सूखा-सेल बनाने में, फोटोग्राफी में, चमडा एवं माचिस उद्योग सहित रंग-रोगन को तैयार करने में यह उपयोगी है।
खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। उत्तर ⇒ खनिज सभ्यता संस्कृति के आधारस्तंभ हैं। इनके बगैर उद्योगों का विकास नहीं किया जा सकता है। चट्टानों के निर्माण में इनकी भूमिका होती है। 2000 से भी अधिक खनिजों की पहचान हो चुकी है पर इनमें 30 खनिज का आर्थिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है। धातु की उपलब्धता … Read more
धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है ? उत्तर ⇒ धात्विक खनिज के दो पहचान निम्नलिखित हैं- (i) इनको गलाने पर धातु की प्राप्ति होती है। (ii) इसे पीटकर तार बनाये जा सकते हैं।
अधात्विक खनिज किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर समझावे । उत्तर ⇒ वैसे खनिज जिनमें धातु अंश का अभाव होता है और भंगुर प्रकृति क होते हैं, अधात्विक खनिज कहलाते हैं। इन पर चोट मारने पर ये टूट जाते ह। डोलामाइट, हीरा, अभ्रक, चूना पत्थर इत्यादि इसी के उदाहरण हैं। इनमें लाइमस्टोन का सर्वाधिक औद्योगिक महत्त्व … Read more
खनिजों के आर्थिक महत्त्व का वर्णन करें। उत्तर ⇒ खनिज एक प्राकतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्त्व है, जिसका निश्चित आंतरिक संरचना है। हमारे जीवन में खनिजों का विशेष आर्थिक महत्व औद्योगिक उत्पादन के लिए खनिज एक आधारभुत जरूरत होती हैं। इसके अभाव में न तो किसी उद्योग एवं न किसी राष्ट्र के विकास की कल्पना … Read more
खनिजों के संरक्षण एवं पबंधन से आप क्या समझत है ? उत्तर ⇒ ससाधना का विवेकपूर्ण उपयोग ही संरक्षण कहलाता है। क्योंकि किसी भी संसाधन को बनने में लाखों वर्षों का समय लगता हैइसके विपरीत संसाधन प्रबंधन एक जटिल प्रक्रिया है। इस उत्पादन से लेकर उपभोग तक शामिल किया जाता है।