जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करें।

जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करें। उत्तर ⇒ शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने जर्मनी के एकीकरण के उद्देश्य से ‘ब्रूशेन शैफ्ट’ नामक सभा स्थापित की। वाइमर राज्य का येना विश्वविद्यालय राष्ट्रीय आंदोलन का केंद्र था। 1834 में जर्मन व्यापारियों ने आर्थिक व्यापारिक समानता के लिए प्रशा के नेतृत्व में जालवेरिन नामक आर्थिक संघ … Read more

इटली के एकीकरण में काबूर और गैरीबाल्डी के योगदानों का उल्लेख करें।

इटली के एकीकरण में काबूर और गैरीबाल्डी के योगदानों का उल्लेख करें। उत्तर ⇒ इटली का एकीकरण मेजिनी, काबूर और गैरीबाल्डी के सतत प्रयासों से हुआ था। इटली के एकीकरण में काबूर का योगदान– काबूर का मानना था कि सार्डिनिया के नेतृत्व में ही इटली का एकीकरण संभव थाउसने प्रयास आरंभ कर दिए। विक्टर एमैनुएल के प्रधानमंत्री … Read more

इटली के एकीकरण में मेजिनी के योगदान को बतायें।

इटली के एकीकरण में मेजिनी के योगदान को बतायें। उत्तर ⇒ इटली के एकीकरण में मेजिनी- मेजिनी को इटली के एकीकरण को पैगम्बर कहा जाता है। वह दार्शनिक, लेखक, राजनेता, गणतंत्र का समर्थक एवं एक कर्मठ कार्यकर्ता था। उसका जन्म 1805 में सार्डिनिया के जिनोआ नगर में हुआ था। 1815 में जब जिनोआ को पिडमौंट के अधीन … Read more

उच्चावच-प्रदर्शन की प्रमुख विधियों का उल्लेख कीजिए ।

उच्चावच-प्रदर्शन की प्रमुख विधियों का उल्लेख कीजिए । उत्तर—प्राचीन समय से ही मानचित्रों पर उच्चावच प्रदर्शित करने के लिए अनेक विधियों का उपयोग किया जाता रहा है, जो निम्न हैं- (i) हैश्वर विधि या रेखा चिन्ह विधि — इस विधि का विकास आस्ट्रिया के एक सैन्य अधिकारी लेहमान द्वारा किया गया था। इस विधि से स्थलाकृति … Read more

स्तर-रंजन अथवा रंग विधि का प्रयोग स्थलाकृतियों को दर्शाने ।में किस प्रकार किया जाता है ? समझायें।

स्तर-रंजन अथवा रंग विधि का प्रयोग स्थलाकृतियों को दर्शाने ।में किस प्रकार किया जाता है ? समझायें। उत्तर — इस विधि में सादे मानचित्र में काली स्याही के विभिन्न स्तरों के द्वारा किसी स्थान के उच्चावच को प्रदर्शित किया जाता है। रंगीन मानचित्र में विभिन्न स्थलाकृतियों को विभिन्न रंगों द्वारा दर्शाया जाता है। इन रंगों … Read more

समोच्च रेखाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की स्थलाकृति का प्रदर्शन करें।

समोच्च रेखाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की स्थलाकृति का प्रदर्शन करें। उत्तर – भू-आकृतियों के अनुरूप ही समोच्च रेखाओं का प्रारूप बनता है और उन समोच्च रेखाओं पर संख्यात्मक मान ऊँचाई के अनुसार ही बैठाया जाता है। उदाहरण के लिए यदि वृत्ताकार प्रारूप में आठ दस समोच्च रेखाएँ खींचे जाते हैं तो इससे दो भू-आकृतियाँ दिखाई … Read more

हैश्यूर से आप क्या समझते हैं? इसका प्रयोग किस काम के लिए किया जाता है ?

हैश्यूर से आप क्या समझते हैं? इसका प्रयोग किस काम के लिए किया जाता है ? उत्तर- मानचित्र बनाने में भूमि की ढाल दिखाने के लिए छोटी-छोटी और सटी रेखाओं से काम लिया जाता है, जिन्हें हैश्यूर कहते हैं। खड़ी ढाल प्रदर्शित करने के लिए अधिक छोटी और सटी रेखाएँ तथा धीमी ढाल प्रदर्शित करने … Read more

उच्चावच या धरातलीय रूप के आधार पर बिहार को किस प्रकार बाँटा गया है ? समझावें।

उच्चावच या धरातलीय रूप के आधार पर बिहार को किस प्रकार बाँटा गया है ? समझावें। उत्तर-उच्चावच या धरातलीय रूप के आधार पर बिहार को तीन भागों में बाँटा जा सकता है – (i) शिवालिक पर्वत श्रेणी — यह हिमालय पर्वत का निचला भाग है, जो बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग में पश्चिमी चंपारण जिला के उत्तरी … Read more

आई पर्णपाती और शुष्क पर्णपाती वनों में क्या अंतर है ? इनके पेड़ों के तीन-तीन उदाहरण दें।

आई पर्णपाती और शुष्क पर्णपाती वनों में क्या अंतर है ? इनके पेड़ों के तीन-तीन उदाहरण दें। उत्तर-बिहार के वन मानसूनी प्रकार के हैं और पर्णपाती हैं। सामान्यतः 125 cm से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शुष्क पर्णपाती वन पाया जाता है। आंद्र पर्णपाती वनों के वृक्ष सदाबहार होते हैं जैसे आम, जामुन, कटहल, सखुआ, … Read more

बिहार के तीन प्राकृतिक संसाधनों का नाम दें। किसी एक का बिहार में वितरण बताएँ।

बिहार के तीन प्राकृतिक संसाधनों का नाम दें। किसी एक का बिहार में वितरण बताएँ। उत्तर- बिहार के प्राकृतिक संसाधन निम्नलिखित हैं – (i) मिट्टी (ii) खनिज (iii) वन और वन्य प्राणी तथा (iv) जल या जलशक्ति (i)मिट्टी का वितरण – बिहार के मैदानी भाग में सर्वत्र वाहित मिट्टियाँ पायी जाती हैं। जो नदियों के द्वारा … Read more