वर्षा जल की मानव जीवन में क्या भूमिका है? इसके संग्रहण एवं पुनः चक्रण की विधियों का उल्लेख करें।

वर्षा जल की मानव जीवन में क्या भूमिका है? इसके संग्रहण एवं पुनः चक्रण की विधियों का उल्लेख करें। उत्तर- हमारे लिए उपयोगी जल की एक बड़ी मात्रा वर्षा जल द्वारा ही पूरी होती है। खासकर हमारे देश की कृषि वर्षाजल पर ही आधारित होती है। पश्चिम भारत खासकर राजस्थान में पेयजल हेतु वर्षाजल का … Read more

भारत की प्रमुख फसलों का वर्णन करें।

भारत की प्रमुख फसलों का वर्णन करें। उत्तर- भारत की विशालता एवं जलवायु की क्षेत्रीय विभिन्नता के कारण इसके विभिन्न भागों में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जा रही हैं। जो इस प्रकार (i) खाद्य फसलें- इसमें गेहूँ, चावल, मकई, ज्वार-बाजरा इत्यादि को रखा जाता है। कुल कृषि उत्पादन में इनका योगदान 50 प्रतिशत से … Read more

मत्स्य पालन के आर्थिक महत्त्व को समझा।

मत्स्य पालन के आर्थिक महत्त्व को समझा। उत्तर-मछलियाँ मनुष्य का एक महत्त्वपूर्ण खाद्य पदार्थ एवं प्रोटीन का स्रोत ह। मत्स्य पालन दो प्रकार से होता है समुद्री जल (खारे पानी का) एवं स्वच्छ जल का। यह भारत के विशेषकर तटीय क्षेत्रों के लोगों की जीविका का महत्त्वपूर्ण साधन है। इससे सकल घरेलू उत्पाद में वद्धि … Read more

कपास की खेती के लिए उपयुक्त दशाओं और उत्पादक क्षेत्रों का वर्णन करें।

कपास की खेती के लिए उपयुक्त दशाओं और उत्पादक क्षेत्रों का वर्णन करें। उत्तर –कपास की खेती के लिए निम्नांकित दशाएँ उपयुक्त मानी जाती हैं- (i) उच्च तापमान (21°C से 30°C के बीच), (ii) तेज धूप और पाला से बचाव (तेज धूप से रेशे चमकदार मजबूत और साफ निकलते हैं, (iii) कम वर्षा (75 cm … Read more

मकई (उत्पादन) हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें।

मकई (उत्पादन) हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें। उत्तर-मकई एक मोटा अनाज है जो मनुष्य के भोजन एवं पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग होता है। इसके उत्पादन के लिए निम्नलिखित भौगोलिक दशाओं की आवश्यकता है- (i) तापमान- 21 से 27° C तक। (ii) वर्षा- 75 सेंटीमीटर। (iii) मिट्टी- जलोढ़ इन सबके अलावा … Read more

चाय उत्पादन के प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें। भारत में चाय उत्पादक तीन राज्यों के नाम लिखें।

चाय उत्पादन के प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें। भारत में चाय उत्पादक तीन राज्यों के नाम लिखें। उत्तर-चाय एक महत्त्वपूर्ण पेय फसलें है। यह झाड़ियों की कोमल पत्तियों को संसाधित करके प्राप्त की जाती है। चाय की कृषि के लिए निम्न भौगोलिक दशाएँ आवश्यक होती है – (i) तापमान–चाय एक उष्ण एवं उपोष्ण फसल … Read more

चाय उत्पादन के प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें। भारत के चाय उत्पादक देशों का उल्लेख करें।

चाय उत्पादन के प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें। भारत के चाय उत्पादक देशों का उल्लेख करें। उत्तर- चाय मानसूनी जलवायु को चिरहरित झाड़ी है जो 3 मीटर तक ऊँची होती है। इसकी खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाएँ हैं – (i) ग्रीष्म ऋतु के दौरान 24.30°C तापमान। (ii) जड़ों में पानी नहीं जमने देने … Read more

गेहँ उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करते हए भारत के गेहूँ उत्पादक क्षेत्रों के नाम लिखें।

गेहँ उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करते हए भारत के गेहूँ उत्पादक क्षेत्रों के नाम लिखें। उत्तर – गेहूं भारत की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण खाद्य फसल है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गेहूँ उत्पादक राज्य है। इसके उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाएँ इस प्रकार से हैं – तापमान – बोते समय 10° … Read more

चावल की फसल के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करें।

चावल की फसल के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करें। उत्तर- चावल के उत्पादन की उपयुक्त दशाएँ- धान से चावल बनाया जाता है। धान मानसूनी जलवायु का फसल है जिसके लिए निम्नांकित दशाएँ उपयुक्त होती हैं – (i) उच्च तापमान (20°C से 30°C के बीच), (ii) पर्याप्त वर्षा (200 cm वार्षिक वर्षा) कम वर्षा … Read more

शुष्क भूमि कृषि की विशेषताओं का वर्णन कर।

शुष्क भूमि कृषि की विशेषताओं का वर्णन कर। उत्तर- शुष्क भूमि कृषि की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं- (i) इन क्षेत्रों में प्राय: गरीब किसान रहते हैं जो पंजी के अभाव में उन्नत बीज, उर्वरक इत्यादि नहीं खरीद सकते हैं। यही कारण है कि यहा उत्पादन भी कम होता है। (ii) यहाँ पर शुष्क समय में उपयोग … Read more