आर्थिक सुधारों या नई आर्थिक नीति की तीन विशेषताएँ लिखें ?

आर्थिक सुधारों या नई आर्थिक नीति की तीन विशेषताएँ लिखें ? उत्तर :- आर्थिक सुधारों या नई आर्थिक नीति की निम्न विशेषताएँ हैं – (i) इससे भारत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल किया गया। (ii) उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया गया। (iii) एकाधिकार कानून से. उद्योगों को मुक्त कर दिया गया।

उदारीकरण को परिभाषित करें ?

उदारीकरण को परिभाषित करें ? उत्तर :- उदारीकरण का अर्थ है सरकार द्वारा बनाई गई आर्थिक नीतियों में विशेष छुट प्रदान करना। इसके अंतर्गत सभी अनावश्यक नियंत्रणों एवं प्रतिबंधों जैसे परमिट, कोटा लाइसेंस आदि से अर्थव्यवस्था की मुक्ति।

निजीकरण से आप क्या समझते हैं ?

निजीकरण से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :- निजीकरण का अर्थ है, निजी क्षेत्र द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों पर पूर्णतः अथवा आंशिक स्वामित्व प्राप्त करना तथा उनका प्रबंधन करना। आर्थिक सुधारों के अंतर्गत भारत सरकार ने सन् 1991 में इस नीति की शुरुआत की थी।

न्याय संगत वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं ?

न्याय संगत वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :- न्याय संगत वैश्वीकरण का अर्थ है, बिना भेदभाव किए विश्व की सभी अर्थव्यवस्था को समान रूप से बढ़ने का अवसर। इसमें सिर्फ विकसित अर्थव्यवस्था के नीतियों को समर्थन न करके विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को भी विकास का समान अवसर प्रदान करना।

वैश्वीकरण उदारीकरण तथा निजीकरण की नीतियों का परिणाम है, कैसे ?

वैश्वीकरण उदारीकरण तथा निजीकरण की नीतियों का परिणाम है, कैसे ? उत्तर :- उदारीकरण का अर्थ सरकार द्वारा लगाए गए सभी अनावश्यक नियंत्रणों तथा प्रतिबन्धों को हटाना है एवं निजीकरण का अर्थ निजी क्षेत्र द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों पर पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से स्वामित्व प्राप्त करना है। – उदारीकरण तथा निजीकरण के … Read more

वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कौन-कौन से कारक हैं ?

वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कौन-कौन से कारक हैं ? उत्तर :- वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारक हैं—प्रौद्योगिकी में प्रगति, विदेश व्यापार तथा विदेशी निवेशों का उदारीकरण।

वैशवीकरण से आप क्या समझते हैं ?

वैशवीकरण से आप क्या समझते हैं ? उत्तर :- वैशवीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से विश्व की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं का एकीकरण होता है। इसके परिणामस्वरूप वस्तुओं एवं सेवाओं, पौद्योगिकी, पूँजी और श्रम का निर्बाध प्रवाह संभव हो पाता है। इसके अंतर्गत बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ विदेशों में पूँजी निवेश करके वस्तुओं का उत्पादन शुरू करती हैं तथा … Read more

वैशवीकरण के पाँच मुख्य अंग कौन-कौन से हैं ?

वैशवीकरण के पाँच मुख्य अंग कौन-कौन से हैं ? उत्तर :- वैशवीकरण के पाँच मुख्य अंग हैं व्यवसाय एवं व्यापार संबंधी अवरोधों की कमी पँजी का निर्बाध प्रवाह, प्रौद्योगिकी का निर्बाध प्रवाह, श्रम का निर्बाध प्रवाह तथा पूँजी की पूर्ण परिवर्तनशीलता।

भारत भविष्य का सबसे बडा सेवा प्रदाता देश है, कैसे ?

भारत भविष्य का सबसे बडा सेवा प्रदाता देश है, कैसे ? उत्तर :- भारत विश्व की दूसरी सबसे बडी जनसंख्या वाला देश है।जहाँ विश्व के अन्य देशों की जनसंख्या बुढ़ापा की ओर बढ़ रही है। भारतीय जनसंख्या युवावस्था की ओर अर्थात् आने वाले समय में भारत ही सबसे बड़ा सेवा प्रदात्ता होगा।

मानव पूँजी के प्रमुख घटक कौन से हैं ?

मानव पूँजी के प्रमुख घटक कौन से हैं ? उत्तर :- मानव पूँजी के प्रमुख घटक हैं – भोजन की व्यवस्था, वस्त्र की उपलब्धता, आवास, बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा की सुविधा। ये सभी मानव विकास हेतु अत्यंत आवश्यक हैं।