भारत में नीति आयोग के गठन एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालें।

भारत में नीति आयोग के गठन एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालें। उत्तर- निर्धारित सामाजिक एवं आर्थिक विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विकास योजना बनाई जाती है। अभी तक भारत में बारह पंचवर्षीय योजनाओं को पूरा किया जा चुका है। भारत में नीति आयोग पाँच साल के लिए आर्थिक विकास की योजना बनाता … Read more

भारत के लिए नियोजन क्यों आवश्यक है?

भारत के लिए नियोजन क्यों आवश्यक है? उत्तर- भारत एक अर्द्धविकसित राष्ट्र है। यहाँ की कृषि पिछड़ी हुई अवस्था में है, देश में पूँजी का अभाव है। उत्पादन व्यवस्था असंतुलित है तथा नागरिकों का जीवन-स्तर निम्न है। भारत आर्थिक दूष्टिकोण से एक निर्धन देश है और इसकी निर्धनता सभी प्रकार के विकास कार्यों में बाधक … Read more

भारत में बुनियादी सुविधाएँ या आधारभूत ढाँचा का वर्णन करें ?

भारत में बुनियादी सुविधाएँ या आधारभूत ढाँचा का वर्णन करें ? उत्तर- भारत में बुनियादी सुविधाएँ अथवा आधारभूत ढाँचा रीढ़ की हड्डी के समान है इसके बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। बनियादी सविधाएँ या आधारभूत ढाँचा को दो भागों में बाँटा गया है जो निम्नलिखित हैं – (i) आर्थिक आधारभुत संरचना- इसका … Read more

“सतत् विकास समय की आवश्यकता है।” इस कथन को स्पष्ट करे ?

“सतत् विकास समय की आवश्यकता है।” इस कथन को स्पष्ट करे ? उत्तर- विकास के क्रम में, प्राकृतिक संसाधन. जैसे-जल वायु जंगल, पेट्रोल, कोयला, गैस आदि का उपयोग होता है। अत्यधिक उपयोग से भावी पीढ़ी के प्रकृतिक संसाधनों की उपलब्धता घटती है। इसके कारण भावी पीढ़ी इससे वंचित हो सकती है। इनका अत्यधिक उपयोग पर्यावरण … Read more

अंग्रेजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया ? वर्णन करें।

अंग्रेजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित किया ? वर्णन करें। उत्तर- अंग्रेजों ने प्रारंभ से ही “फूट डालो और शासन करो” की नीति को अपनाकर भारत पर राज किया। हमारा देश कृषि प्रधान होने के बाद भी व्यापार, उद्योग एवं सांस्कृतिक विकास के लिए विश्व में जाना जाता था। अंग्रेजों ने हमारी अर्थव्यवस्था … Read more

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए।

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था क्या है ? इसके अवगुणों की विवेचना कीजिए। उत्तर- पूँजीवादी अर्थव्यवस्था का अर्थ-  पूँजीवादी अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जिसमें उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में निजी उद्यम पाया जाता है जो निजी लाभ के लिए काम करता है। पूँजीवादी अर्थव्यवस्था के अवगुण- (i) सम्पत्ति एवं आय की असमानताएँ – आय की असमानताओं के कारण देश की सम्पत्ति … Read more

अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ? इनके दो कार्य कौन-कौन से है ?

अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ? इनके दो कार्य कौन-कौन से है ? उत्तर- अर्थव्यवस्था से तात्पर्य वैसी क्रियाओं का सम्पादन, जिसमें आथिर्क उत्पादन निहित होता है। आर्थर लेविस ने अर्थव्यवस्था के संबंध में कहा कि व्यवस्था का संबंध किसी राष्ट्र के संपूर्ण व्यवहार से होता है जिसके आधार मानवीय आवश्यकताओं की संतूष्टि के लिए वह … Read more

न्यायपालिका की भूमिका लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे, इसके सुधारने के क्या उपाय है ?

न्यायपालिका की भूमिका लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे, इसके सुधारने के क्या उपाय है ? उत्तर :- वर्तमान दौर में न्यायपालिका की भूमिका वास्तव में लोकतंत्र की चुनौती है। अनेक अवसरों पर ऐसा देखा गया है कि न्यायपालिका को कानून एवं विधि व्यवस्था के क्षेत्र में सक्रिय होना पड़ता है और ऐसा तभी होता है जब … Read more

सुचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उदेश्य क्या है ?

सुचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उदेश्य क्या है ? उत्तर :- सूचना के अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य लोगों को जानकार बनाने, सरकारी कामकाज पर नियंत्रण रखना तथा सरकार एवं सरकारी मुलजिमों के कार्यों का सार्वजनिकीकरण करना है। राजस्थान में सरकार ने 1994 ई० और 1996 ई० में जन-सुनवायी आयोजित की । इस आंदोलन के … Read more

क्या चुने गए शासक लोकतंत्र में अपनी मर्जी से सबकुछ का सकते हैं ?

क्या चुने गए शासक लोकतंत्र में अपनी मर्जी से सबकुछ का सकते हैं ? उत्तर :- किसी भी लोकतंत्र में यह संभव नहीं कि चुने गए शासक अपनी मर्जी से सब कुछ करें। सभी की सीमाएँ कानून के द्वारा तय कर दी गई है। इसमें विपक्ष की भूमिका भी अति महत्त्वपूर्ण है क्योंकि चुने गए शासकों … Read more